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Gurugram News: सात साल बाद ढांचागत विकास की आवश्यकता जानने को होगा सर्वे
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भविष्य की ढांचागत विकास की आवश्यकता जानने के लिए होगा सर्वे
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने दिए हैं सर्वे के निर्देश दिए आंकलन होगा
अगले 20 साल में कितने अंडरपास, फ्लाईओवर और फुटओवर ब्रिज की होगी जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। भविष्य की ढांचागत विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते उसके मुताबिक फ्लाईओवर, अंडरपास और फुटओवर ब्रिज बनाने की आवश्यकता की जानकारी हासिल करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) सात साल बाद सर्वे कराने जा रहा है।
प्राधिकरण ने अब इसके लिए संबंधित विभागों को सर्वे करने के आदेश दिए हैं। इसमें यह पता लगाया जाएगा आने वाले 20 वर्षों में शहर की यातायात की आवश्यकताएं कितनी बढ़ जाएंगी। खासतौर से द्वारका एक्सप्रेसवे, मेट्रो विस्तार और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के शुरू होने के बाद किन क्षेत्रों में यातायात दबाव अधिक हो सकता है, इसका आकलन करने के बाद वहां ढांचागत विकास की योजनाएं बनाई जाएंगी।
शहर में फ्लाईओवर, अंडरपास, फुट ओवर ब्रिज जैसी बुनियादी ढांचे के विकास संबंधी योजना के लिए सर्वे सात वर्ष पहले कराया गया था। जीएमडीए के अधिकार क्षेत्र में 284.5 किमी की सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी है। इसमें 73 किमी सड़कों की विशेष मरम्मत या अपग्रेडेशन का काम हो चुका है। 34 किमी की सड़कों पर काम प्रगति पर है, जबकि 75.2 किमी की सड़कों पर काम प्रस्तावित है। इसके अलावा शहर में जो बड़े प्रोजेक्ट में उनमें शीतलामाता मेडिकल कॉलेज, सर्दर्न पेरिफेरल रोड, सिक्स लेन मास्टर रोड पटौदा से मानेसर तक शामिल हैं।
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प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा कहते हैं कि गुरुग्राम में तेज गति से विकास कर रहा है और अगले एक-दो दशकों में शहर की बढ़ती जरूरतों, मांगों के साथ तालमेल रखने के लिए और शहर के गतिशीलता को प्रभावित करने वाले किसी भी संभावित मुद्दों को दूर करने के लिए, एक फ्यूचरिस्टिक प्लानिंग की जानी चाहिए। जीएमडीए उन प्रमुख जंक्शन, सड़कों आदि की पहचान करेगा, जहां आवश्यक बुनियादी ढांचे की समय पर योजना और इसको धरातल पर उतारने के लिए रीमॉडलिंग, अपग्रेडेशन की आवश्यकता है। हम व्यापक रूप से विशेषज्ञों और नागरिकों को भविष्य में संभावित ट्रैफिक जाम के स्थानों को प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिससे जनता के लाभ के लिए ऐसे मुद्दों को समय पर हल किया जा सके।
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गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने दिए हैं सर्वे के निर्देश दिए आंकलन होगा
अगले 20 साल में कितने अंडरपास, फ्लाईओवर और फुटओवर ब्रिज की होगी जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। भविष्य की ढांचागत विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते उसके मुताबिक फ्लाईओवर, अंडरपास और फुटओवर ब्रिज बनाने की आवश्यकता की जानकारी हासिल करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) सात साल बाद सर्वे कराने जा रहा है।
प्राधिकरण ने अब इसके लिए संबंधित विभागों को सर्वे करने के आदेश दिए हैं। इसमें यह पता लगाया जाएगा आने वाले 20 वर्षों में शहर की यातायात की आवश्यकताएं कितनी बढ़ जाएंगी। खासतौर से द्वारका एक्सप्रेसवे, मेट्रो विस्तार और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के शुरू होने के बाद किन क्षेत्रों में यातायात दबाव अधिक हो सकता है, इसका आकलन करने के बाद वहां ढांचागत विकास की योजनाएं बनाई जाएंगी।
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शहर में फ्लाईओवर, अंडरपास, फुट ओवर ब्रिज जैसी बुनियादी ढांचे के विकास संबंधी योजना के लिए सर्वे सात वर्ष पहले कराया गया था। जीएमडीए के अधिकार क्षेत्र में 284.5 किमी की सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी है। इसमें 73 किमी सड़कों की विशेष मरम्मत या अपग्रेडेशन का काम हो चुका है। 34 किमी की सड़कों पर काम प्रगति पर है, जबकि 75.2 किमी की सड़कों पर काम प्रस्तावित है। इसके अलावा शहर में जो बड़े प्रोजेक्ट में उनमें शीतलामाता मेडिकल कॉलेज, सर्दर्न पेरिफेरल रोड, सिक्स लेन मास्टर रोड पटौदा से मानेसर तक शामिल हैं।
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प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा कहते हैं कि गुरुग्राम में तेज गति से विकास कर रहा है और अगले एक-दो दशकों में शहर की बढ़ती जरूरतों, मांगों के साथ तालमेल रखने के लिए और शहर के गतिशीलता को प्रभावित करने वाले किसी भी संभावित मुद्दों को दूर करने के लिए, एक फ्यूचरिस्टिक प्लानिंग की जानी चाहिए। जीएमडीए उन प्रमुख जंक्शन, सड़कों आदि की पहचान करेगा, जहां आवश्यक बुनियादी ढांचे की समय पर योजना और इसको धरातल पर उतारने के लिए रीमॉडलिंग, अपग्रेडेशन की आवश्यकता है। हम व्यापक रूप से विशेषज्ञों और नागरिकों को भविष्य में संभावित ट्रैफिक जाम के स्थानों को प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिससे जनता के लाभ के लिए ऐसे मुद्दों को समय पर हल किया जा सके।