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Gurugram News: अरावली में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार से जवाब तलब

Sun, 22 Jun 2025 12:57 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम Updated Sun, 22 Jun 2025 12:57 AM IST
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Supreme Court strict on illegal mining in Aravali, seeks reply from the government
नूंह। मेवात में अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट सख्त है। शीर्ष न्यायालय ने इस मामले में सरकार से जवाब तलब किया है। सरकार को 15 जुलाई तक कोर्ट में अपना पक्ष रखना है। प्रशासन का कहना है अवैध खनन रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। कई अधिकारियों व सरपंच सहित कई लोगों पर मुकदमे दर्ज कराने के साथ-साथ अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए रास्ते बंद करने जैसे निर्णय लिए गए हैं। अवैध खनन पर रोक लगाने व कार्रवाई करने के लिए गुरुग्राम मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी भी गठित की गई है। एसआईटी भी बनाई गई है।
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कमेटी में डीसी, एसडीएम को भी उसमें रखा गया है। यह कमेटी रिकॉर्ड देखने के साथ-साथ जो रास्ते अवैध खनन के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं उन्हें रोकने का काम करेगी। साथ ही पंचायत व जिस अधिकारी की इस कार्य में संलिप्तता पाई जाएगी उस पर कार्रवाई करेगी और एक सप्ताह में सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
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इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो भी इस मामले में शामिल अधिकारियों और सरपंचों की जांच कर रही है। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
बता दें कि अब से पहले जिला प्रशासन की अनदेखी व वन, माइनिंग, पुलिस व पंचायतों की मिलीभगत से पिछले कई साल में खनन माफिया राजस्थान सीमा से सटी हरियाणा की अरावली के हिस्सा का बड़ा पहाड़ चट कर गए। जिसकी औसत कीमत 22 अरब आंकी जा रही है।
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यह काम कोई एक दिन में नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि इसमें संबंधित विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के शामिल होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। सवाल है कि इतना बड़ा पहाड़ एक दिन में चट नहीं किया जा सकता। मामला उठा तो सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। अब प्रशासन ने कई अधिकारियों व सरपंच पर मामला दर्ज कर इस पूरे मामले की जांच भी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी है।
बीस साल बाद भी माइनिंग विभाग का कार्यालय नूंह में नहीं
हैरत की बात है जिला बनने के करीब बीस साल बाद भी माइनिंग विभाग का कार्यालय गुरुग्राम में है न कि नूंह में। सूत्र बताते हैं वहां मौजूद अधिकारी यहां की निगरानी करने में न केवल असमर्थ हैं, बल्कि उनकी कार्यशैली पर कई सवाल भी हैं। फिलहाल इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मुख्य सचिव को माइनिंग कार्यालय नूंह जिले में शिफ्ट करने के लिए पत्र लिखा है।

पुलिस चौकी बनाने की है योजना
अरावली में अवैध खनन की गतिविधियों को रोकने के लिए एक पुलिस चौकी, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की भी योजना है। यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ बीवां-बसई, झिमरावट, चितौड़ा जैसे क्षेत्र में जहां पर अवैध खनन संबंधित गतिविधियां अधिक हैं, वहां संचालित होगी।

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अवैध खनन के मामले में प्रशासन कोई ढील नहीं देगा। जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। 15 जुलाई तक सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना है। मार्च से अरावली में अवैध खनन पर सख्ती बरती जा रही है। मंडलायुक्त के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो भी जांच कर रही है। अधिकारियों, सरपंच सहित कई लोगों पर मामले दर्ज कराए गए हैं। माइनिंग कार्यालय को नूंह लाया जाएगा। -विश्राम मीणा, डीसी, नूंह
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