{"_id":"64aedc90350190a3fa067b36","slug":"school-roof-collapsed-gurgaon-news-c-1-1-noi1175-712606-2023-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: भरभराकर गिरी स्कूल की छत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: भरभराकर गिरी स्कूल की छत
विज्ञापन
एजेंसी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग
10 लाख रुपये के बजट से 5 साल पहले जलालपुर फिरोजपुर स्कूल में बने दो कमरे
ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग, मिडिल में 215 व प्राइमरी में पढ़ते हैं 400 बच्चे
कैप्शन: जलालपुर फिरोजपुर स्कूल का दौरा करता सरपंच एसोसिएशन का महासचिव अजीज हुसैन
कैपशनः जलालपुर फिरोजपुर स्कूल के दो कमरों की गिरी हुई छत
कैप्शन: गीता आर्य, बीईओ नगीना व अजीजा हुसैन, सरपंच जलालपुर फिरोजपुर
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। राजकीय प्राथमिक पाठशाला जलालपुर फिरोजपुर में करीब 5 साल पहले 10 लाख रुपये की धनराशि से बनाए गए दो कमरों की छत पूरी तरह गिर गई। गनीमत रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय वहां कोई बच्चा न तो पढ़ रहा था और न ही खेल रहा था। इस स्कूल में 400 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं, जिन्हें अब डर सता रहा है कि कहीं ऐसी घटना पढ़ाई के दौरान न हो जाए। इसी परिसर में राजकीय माध्यमिक विद्यालय भी चल रहा है जिसमें फिलहाल 215 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां पर एक आंगनबाड़ी केंद्र भी चलता है, जिसके बच्चे स्कूल के कमरों में घूमते और खेलते रहते हैं। नगीना खंड के गांव जलालपुर फिरोजपुर स्कूल में हुई घटना से जिलेभर में शिक्षा विभाग की किरकिरी हो रही है। अब प्रशासन को सभी स्कूलों में ऐसे कमरों का जायजा लेने की आवश्यकता है, जो खस्ताहाल हैं। बारिश के मौसम में कहीं उनकी छत, दीवारें, प्लास्टर व चहारदीवारी न गिर जाए। बता दें कि इन्हीं कमरों की छतों का अधिकतर हिस्सा पहले गिर गया था और अब बचा कुचा हिस्सा मंगलवार रात्रि या बुधवार अलसुबह गिरने से बच्चों में दहशत का माहौल है। खंड स्तरीय सरपंच एसोसिएशन के महासचिव अजीज हुसैन का कहना है कि स्कूल का दौरा किया गया है। दो कमरों की छत पूरी तरह गिर गई है।
दो कमरों की छतें गिरी हुई हैं। दीवारों का प्लास्टर नहीं हुआ। फर्श भी नहीं डाली गई। बिजली की फिटिंग और पंखे नहीं लगाए गए। कमरों में कोई ब्लैक बोर्ड पढ़ाने के लिए नहीं बनाया गया। जंगले और रोशनदान भी नहीं है। दीवारों और छतों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। गांव जलालपुर फिरोजपुर के समाजसेवी ईसब खान, पूर्व सरपंच असगर, अफजल खान का कहना है कि चार-पांच साल पहले बनाए गए इन कमरों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। हादसा दिन में होता तो बच्चों की जान जा सकती थी। इससे पहले भी छतों का कुछ हिस्सा गिरा था। जिस एजेंसी ने निर्माण कराया, उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए।
बारिश के कारण दो कमरों की छत का एक हिस्सा गिरा है और अधिकतर हिस्सा पहले गिर गया था। बड़ा हादसा होने से टल गया। जांच के लिए लिखा है।
-अजीजा हुसैन, सरपंच जलालपुर फिरोजपुर
मामले की जानकारी ली जा रही है। इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। -गीता आर्य, बीईओ नगीना
विज्ञापन
10 लाख रुपये के बजट से 5 साल पहले जलालपुर फिरोजपुर स्कूल में बने दो कमरे
ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग, मिडिल में 215 व प्राइमरी में पढ़ते हैं 400 बच्चे
कैप्शन: जलालपुर फिरोजपुर स्कूल का दौरा करता सरपंच एसोसिएशन का महासचिव अजीज हुसैन
कैपशनः जलालपुर फिरोजपुर स्कूल के दो कमरों की गिरी हुई छत
कैप्शन: गीता आर्य, बीईओ नगीना व अजीजा हुसैन, सरपंच जलालपुर फिरोजपुर
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। राजकीय प्राथमिक पाठशाला जलालपुर फिरोजपुर में करीब 5 साल पहले 10 लाख रुपये की धनराशि से बनाए गए दो कमरों की छत पूरी तरह गिर गई। गनीमत रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय वहां कोई बच्चा न तो पढ़ रहा था और न ही खेल रहा था। इस स्कूल में 400 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं, जिन्हें अब डर सता रहा है कि कहीं ऐसी घटना पढ़ाई के दौरान न हो जाए। इसी परिसर में राजकीय माध्यमिक विद्यालय भी चल रहा है जिसमें फिलहाल 215 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां पर एक आंगनबाड़ी केंद्र भी चलता है, जिसके बच्चे स्कूल के कमरों में घूमते और खेलते रहते हैं। नगीना खंड के गांव जलालपुर फिरोजपुर स्कूल में हुई घटना से जिलेभर में शिक्षा विभाग की किरकिरी हो रही है। अब प्रशासन को सभी स्कूलों में ऐसे कमरों का जायजा लेने की आवश्यकता है, जो खस्ताहाल हैं। बारिश के मौसम में कहीं उनकी छत, दीवारें, प्लास्टर व चहारदीवारी न गिर जाए। बता दें कि इन्हीं कमरों की छतों का अधिकतर हिस्सा पहले गिर गया था और अब बचा कुचा हिस्सा मंगलवार रात्रि या बुधवार अलसुबह गिरने से बच्चों में दहशत का माहौल है। खंड स्तरीय सरपंच एसोसिएशन के महासचिव अजीज हुसैन का कहना है कि स्कूल का दौरा किया गया है। दो कमरों की छत पूरी तरह गिर गई है।
दो कमरों की छतें गिरी हुई हैं। दीवारों का प्लास्टर नहीं हुआ। फर्श भी नहीं डाली गई। बिजली की फिटिंग और पंखे नहीं लगाए गए। कमरों में कोई ब्लैक बोर्ड पढ़ाने के लिए नहीं बनाया गया। जंगले और रोशनदान भी नहीं है। दीवारों और छतों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। गांव जलालपुर फिरोजपुर के समाजसेवी ईसब खान, पूर्व सरपंच असगर, अफजल खान का कहना है कि चार-पांच साल पहले बनाए गए इन कमरों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। हादसा दिन में होता तो बच्चों की जान जा सकती थी। इससे पहले भी छतों का कुछ हिस्सा गिरा था। जिस एजेंसी ने निर्माण कराया, उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए।
विज्ञापन
बारिश के कारण दो कमरों की छत का एक हिस्सा गिरा है और अधिकतर हिस्सा पहले गिर गया था। बड़ा हादसा होने से टल गया। जांच के लिए लिखा है।
-अजीजा हुसैन, सरपंच जलालपुर फिरोजपुर
मामले की जानकारी ली जा रही है। इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। -गीता आर्य, बीईओ नगीना