{"_id":"6107ec558ebc3e846a55d2c4","slug":"remembrance-of-ponds-for-rain-water-harvesting-gurgaon-news-noi597065880","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्षा जल संचयन के लिए आई तालाबों की याद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्षा जल संचयन के लिए आई तालाबों की याद
विज्ञापन
मानेसर। मानसून के शुरुआती झटकों में जलभराव का समाना करने के बाद नगर निगम के अधिकारियों को अब तालाबों की याद आने लगी है। यही कारण है कि वर्षा जल संचयन को लेकर निगम अब तालाब विकसित करने की रणनीति पर काम शुरू कर रहा है। पूरे नगर निगम क्षेत्र में तालाबों को पुन: विकसित किया जाएगा।
पहले चरण में छह तालाब विकसित करने का खाका निगम ने तैयार कर लिया है। कुछ पर काम शुरू कर दिया गया है तो कुछ पर काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। कार्ययोजना के तहत मानेसर निगम क्षेत्र के गांव कासन, वजीरपुर, नवादा, नाहरपुर, भांगरोला और नखडौला में छह तालाबों को जल संचयन के लिए विकसित किया जाएगा। नवादा गांव में तो बाकायदा तालाब के पूर्णोद्वार का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसके अलावा कासन गांव के लिए टेंडर जारी हो चुका है जबकि नाहरपुर, भांगरोला और नखडौला के लिए प्रारंभिक डीपीआर तैयार हो चुकी है। वजीरपुर गांव के लिए अभी टेंडर होना बाकी है।
बनेगा ट्रीटमेंट प्लांट
सीवर के पानी को पुन: उपयोग मेें लाने के लिए भी निगम अपनी कार्ययोजना पर काम कर रहा है। इसके लिए मिनी एसटीपी प्लांट लगाने पर विचार किया जा रहा है। इस तकनीक को समुद्र किनारे बने बडे़-बडे़ रिजार्ट और होटल में इस्तेमाल किया जाता है। ताकि उनसे निकलने वाले सीवर के गंदे पानी मे से अपशिष्ट पदार्था को अलग कर जल प्रदूषण को रोका जा सके। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी सोसायटीज को मिनी एसटीपी लगाने के आदेश दिए हुए है। मिनी एसटीपी के माध्यम से गंदे पानी में से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर कर पानी को बागवानी या पार्कों के लिए पुन: उपयोग के लाया जा सकेगा। मिनी एसटीपी लगाने के लिए तेलंगाना, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कंपनियों ने नगर निगम को अप्रोच किया है। इसके अतिरिक्त गुरूजल भी मिनी एसटीपी लगाने में अपनी रूचि दिखा रही है।
विज्ञापन
जल्द होंगे टेंडर : निगमायुक्त
निगमायुक्त मुनीष शर्मा ने बताया कि मिनी एसटीपी लगाने के लिए जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे। बारिश के पानी के संरक्षण के लिए मानेसर नगर के कांकरोला, कासन, नखडौला, मानेसर, शिकोहपुर, नाहरपुर, नवादा, खोह और नैनवाल गांव के सरकारी स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। यह भूमिगत जल स्तर बढाने की दिशा एक अच्छा कदम साबित होगा। मुनीष शर्मा ने बताया कि मानेसर नगर निगम क्षेत्र मेे मानसून के दौरान कई जगह हुए जलभराव और गंदे पानी की निकासी ना होने से जो अव्यवस्था हुई थी उसके निजात के लिए नगर निगम व्यपाक कार्ययोजना पर काम कर रहा है।
विज्ञापन
पहले चरण में छह तालाब विकसित करने का खाका निगम ने तैयार कर लिया है। कुछ पर काम शुरू कर दिया गया है तो कुछ पर काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। कार्ययोजना के तहत मानेसर निगम क्षेत्र के गांव कासन, वजीरपुर, नवादा, नाहरपुर, भांगरोला और नखडौला में छह तालाबों को जल संचयन के लिए विकसित किया जाएगा। नवादा गांव में तो बाकायदा तालाब के पूर्णोद्वार का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसके अलावा कासन गांव के लिए टेंडर जारी हो चुका है जबकि नाहरपुर, भांगरोला और नखडौला के लिए प्रारंभिक डीपीआर तैयार हो चुकी है। वजीरपुर गांव के लिए अभी टेंडर होना बाकी है।
विज्ञापन
बनेगा ट्रीटमेंट प्लांट
सीवर के पानी को पुन: उपयोग मेें लाने के लिए भी निगम अपनी कार्ययोजना पर काम कर रहा है। इसके लिए मिनी एसटीपी प्लांट लगाने पर विचार किया जा रहा है। इस तकनीक को समुद्र किनारे बने बडे़-बडे़ रिजार्ट और होटल में इस्तेमाल किया जाता है। ताकि उनसे निकलने वाले सीवर के गंदे पानी मे से अपशिष्ट पदार्था को अलग कर जल प्रदूषण को रोका जा सके। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी सोसायटीज को मिनी एसटीपी लगाने के आदेश दिए हुए है। मिनी एसटीपी के माध्यम से गंदे पानी में से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर कर पानी को बागवानी या पार्कों के लिए पुन: उपयोग के लाया जा सकेगा। मिनी एसटीपी लगाने के लिए तेलंगाना, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कंपनियों ने नगर निगम को अप्रोच किया है। इसके अतिरिक्त गुरूजल भी मिनी एसटीपी लगाने में अपनी रूचि दिखा रही है।
विज्ञापन
जल्द होंगे टेंडर : निगमायुक्त
निगमायुक्त मुनीष शर्मा ने बताया कि मिनी एसटीपी लगाने के लिए जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे। बारिश के पानी के संरक्षण के लिए मानेसर नगर के कांकरोला, कासन, नखडौला, मानेसर, शिकोहपुर, नाहरपुर, नवादा, खोह और नैनवाल गांव के सरकारी स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। यह भूमिगत जल स्तर बढाने की दिशा एक अच्छा कदम साबित होगा। मुनीष शर्मा ने बताया कि मानेसर नगर निगम क्षेत्र मेे मानसून के दौरान कई जगह हुए जलभराव और गंदे पानी की निकासी ना होने से जो अव्यवस्था हुई थी उसके निजात के लिए नगर निगम व्यपाक कार्ययोजना पर काम कर रहा है।