{"_id":"685831b6d45ffd94fe076aee","slug":"paddy-plantation-has-started-now-farmers-are-hoping-for-good-rain-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-60597-2025-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: धान की रोपाई शुरू, अब किसानों की अच्छी बारिश की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: धान की रोपाई शुरू, अब किसानों की अच्छी बारिश की उम्मीद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। पटौदी क्षेत्र में किसानों ने धान की खेती की तैयारियां शुरू कर दी हैं। खेतों की जुताई और पौध रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। किसान अब अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं, क्योंकि धान की पैदावार काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है।
हर साल की तरह इस बार भी किसान जून माह में धान की पौध तैयार करते हैं और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से मजदूर रोपाई के लिए पटौदी पहुंच रहे हैं। बरेली से आए मजदूर महेन्द्र सिंह ने बताया कि एक एकड़ में रोपाई के लिए आठ मजदूर लगते हैं, जिनकी मजदूरी करीब 5,000 रुपये होती है। हर मजदूर एक दिन में करीब 1,000 पौधे रोपता है।
महेंद्र के अनुसार फसल तैयार करने के लिए 10 से 12 बार पानी देना पड़ता है। अगर समय पर बारिश हो जाए तो फसल अच्छी होगी। पटौदी क्षेत्र की करीब 15 प्रतिशत कृषि भूमि पर धान की खेती होती है, जबकि बाकी जमीन पर गेहूं, बाजरा और सरसों की फसल बोई जाती है। धान की फसल करीब चार महीने में तैयार होकर दिल्ली व अन्य मंडियों में भेजी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पटौदी। पटौदी क्षेत्र में किसानों ने धान की खेती की तैयारियां शुरू कर दी हैं। खेतों की जुताई और पौध रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। किसान अब अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं, क्योंकि धान की पैदावार काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है।
हर साल की तरह इस बार भी किसान जून माह में धान की पौध तैयार करते हैं और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से मजदूर रोपाई के लिए पटौदी पहुंच रहे हैं। बरेली से आए मजदूर महेन्द्र सिंह ने बताया कि एक एकड़ में रोपाई के लिए आठ मजदूर लगते हैं, जिनकी मजदूरी करीब 5,000 रुपये होती है। हर मजदूर एक दिन में करीब 1,000 पौधे रोपता है।
विज्ञापन
महेंद्र के अनुसार फसल तैयार करने के लिए 10 से 12 बार पानी देना पड़ता है। अगर समय पर बारिश हो जाए तो फसल अच्छी होगी। पटौदी क्षेत्र की करीब 15 प्रतिशत कृषि भूमि पर धान की खेती होती है, जबकि बाकी जमीन पर गेहूं, बाजरा और सरसों की फसल बोई जाती है। धान की फसल करीब चार महीने में तैयार होकर दिल्ली व अन्य मंडियों में भेजी जाती है।
विज्ञापन