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वेबसाइट पर वेंटीलेटर का एक भी बेड खाली नहीं

Tue, 20 Apr 2021 11:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 20 Apr 2021 11:11 PM IST
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Not a single ventilator bed is empty on the website
गुरुग्राम। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए मंगलवार को भी अस्पतालों में बेड के लिए मारामारी रही। वेबसाइट से जिन अस्पतालों में बेड खाली होने की जानकारी मिल रही थी, वहां के संचालकों ने कह दिया कि वो जानकारी पुरानी है। ताजा स्थिति में उनके यहां किसी भी तरह के बेड नहीं हैं। जबकि सोमवार को प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव टीसी गुप्ता ने 600 और बेड की व्यवस्थाएं कराने की घोषणा की थी लेकिन यह बेड कब से मिलेंगे और कहां होंगे, इस बारे में मंगलवार तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
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वेबसाइट के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले में वेंटिलेटर का एक भी बेड नहीं है। ओरबिट में दो और सत्यम अस्पताल में आईसीयू का एक बेड दिखाया गया है। जबकि ऑक्सीजन वाले बेड जिले में 71 बताए गए हैं। इनमें सर्वाधिक मीडोर अस्पताल में 30 हैं। इसके अलावा सीके बिरला में आठ, फोर्टिस में दो, ओरबिट में एक, पोरलिस और सत्यम में चार-चार बेड हैं। वरदान में तीन बेड रिक्त बताए गए हैं लेकिन इनमें से अधिकांश में ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है।
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मानेसर औद्योगिक सेक्टर-1 में सर्वाधिक संक्रमित
बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण मानेसर औद्योगिक क्षेत्र का सेक्टर-1 सबसे ज्यादा संक्रमितों का केंटेनमेंट जोन बना हुआ है। यहां के 200 से अधिक उद्यमी, उनके परिवार और मजदूर संक्रमित पाए गए हैं। अन्य क्षेत्रों में भी जोन भी बढ़े। यहां के लोगों को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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ऑक्सीजन की कंपनियों पर ड्रग कंट्रोलर तैनात
जिला प्रशासन ने जिले में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए मानेसर स्थित तीन ऑक्सीजन प्लांटों पर ड्रग कंट्रोलर की तैनाती कर दी है। उन्हीं की देखरेख में जरूरत के अनुसार व्यवस्था कराई जा रही है।
मानेसर को भिवाड़ी से ऑक्सीजन की सप्लाई बंद
गुरुग्राम। भिवाड़ी के ऑक्सीजन प्लांट ने मानेसर की कंपनियों को ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी है। यह जानकारी आईएमटी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन यादव ने दी है। उन्होंने बताया कि मानेसर के सभी गैस प्लांट को भिवाड़ी से ऑक्सीजन आती थी। अब वहां से साफ इनकार कर दिया गया है कि हरियाणा प्रदेश को गैस आपूर्ति नहीं दी जा सकती क्योंकि राजस्थान सरकार ने इनके प्लांट पर पूरा नियंत्रण कर लिया है। जिस वजह से गुरुग्राम के अस्पतालों में गैस की आपूर्ति बाधित हो रही है। उनका कहना है कि हमारा सुझाव है कि पानीपत में जो ऑक्सीजन गैस का प्लांट है उसका नियंत्रण हरियाणा सरकार अपने कब्जे ले। जिससे कि हरियाणा के सभी अस्पतालों को गैस की सप्लाई दी जा सके। इसके अलावा कुछ नए प्लांट लगाने पर भी काम करना चाहिए।
भविष्य में कम से कम दो महीने या तीन महीने में अगर दो तीन नए प्लांट लग जाए तो 200 से 300 टन गैस गैस प्रतिदिन उत्पादन किया जा सकता है। जिससे हरियाणा प्रदेश में ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी हो जाएगी। अन्य प्रदेशों के लिए मदद भी कर पाएंगे। इसके लिए हरियाणा सरकार को किसी न किसी बड़े उद्योगपति के साथ बैठकर यह प्रयास करना चाहिए जो भविष्य की तैयारी होगा।
उनका यह भी कहना है कि हरियाणा के पानीपत जिले में ऑक्सीजन बनाने का विदेशी कंपनी का एक ही प्लांट है। जो प्रतिदिन 240 टन ऑक्सीजन का उत्पादन करती है। जिसमें से 150 टन वह दिल्ली सरकार को देती है और शेष से हरियाणा की जरूरत पूरी नहीं हो पाती। हरियाणा सरकार को पानीपत में जो विदेशी कंपनी का प्लांट है। उस प्लांट को राजस्थान की तर्ज पर ही अपने नियंत्रण में ले लेना चाहिए ।

दिल्ली के चारों तरफ भिवाड़ी, नोएडा, मोदीनगर, देहरादून में भी अलग-अलग कंपनियों के प्लांट हैं। दिल्ली को चारों तरफ से गैस लेनी चाहिए न कि हरियाणा के एक ही प्लांट से। इस वजह से हरियाणा प्रदेश की ऑक्सीजन की पूरी व्यवस्था खराब हो रही है । यही वजह है कि आज हालात यह हैं कि चारों तरफ अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत है।
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