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Gurugram News: नमो भारत कॉरिडोर की बाधाएं दूर करने में जुटा एनसीआरटीसी

Wed, 16 Sep 2026 07:32 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 07:32 PM IST
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NCRTC working to clear hurdles for the Namo Bharat corridor.
ग्रीन बेल्ट में यूटिलिटी बिछाने से लेकर डिपो के लिए जमीन उपलब्ध कराने संबंधी मामले
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) दिल्ली-गुरुग्राम-बावल नमो भारत कॉरिडोर में आने वाली बाधाओं को दूर कराने में जुटा हुआ है। इसमें कॉरिडोर के अलग-अलग हिस्सों में ग्रीन बेल्ट में यूटिलिटी बिछाने, गैस लाइन शिफ्ट करने, नाले का निर्माण, डिपो व स्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध कराने के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की सीमा निर्धारित करने का काम शामिल है।
साइबर सिटी से इफ्को चौक के बीच सेक्टर-25 के पास डीएलएफ की लाइसेंस वाली जमीन की ग्रीन बेल्ट में यूटिलिटी बिछाई जानी है। इसके लिए डीएलएफ और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के स्तर पर कार्रवाई होनी है। इसी तरह साइबर सिटी से राजीव चौक के बीच जीएमडीए की ग्रीन बेल्ट में एचसीजी की गैस लाइनों को शिफ्ट किया जाना है। नमो भारत कॉरिडोर के लिए आवश्यक आरओडब्ल्यू के बाहर खेड़की दौला से मानेसर के बीच जीएमडीए की ओर से नाले का निर्माण किया जाना है। वहीं, कुकडौला गांव के पास पचगांव में प्रस्तावित डिपो, स्टेशन और प्रॉपर्टी डेवलपमेंट के लिए जमीन उपलब्ध कराने का मामला भी लंबित है।
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एनसीआरटीसी पचगांव में व्यावसायिक उपयोग के लिए भी जमीन चाहता है। जमीन उपलब्ध होने के बाद यहां शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक भवन विकसित करने की योजना है। इसके अलावा कॉरिडोर के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे की सीमा निर्धारित करने का काम भी किया जाना है। जीएमडीए के सीईओ की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की इस बारे में जल्द एक बैठक होने वाली है। बैठक में लंबित कार्यों के समाधान पर चर्चा की जाएगी।
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पौधे लगाने के लिए 10.17 हेक्टेयर जमीन की जरूरत
नमो भारत कॉरिडोर परियोजना के लिए क्षतिपूरक वनीकरण के उद्देश्य से 10.17 हेक्टेयर जमीन की भी आवश्यकता है। यह जमीन नगर निगम गुरुग्राम की ओर से उपलब्ध कराई जानी है। कॉरिडोर के निर्माण के दौरान करीब 3100 पेड़ों के काटे जाने की संभावना है। क्षतिपूरक वनीकरण योजना के तहत काटे जाने वाले प्रत्येक पेड़ के बदले 10 पौधे लगाए जाने प्रस्तावित हैं। इसके लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध होने के बाद पौधरोपण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

नमो भारत कॉरिडोर को जल्द मिल सकती है केंद्र की मंजूरी
दिल्ली-गुरुग्राम-बावल नमो भारत कॉरिडोर को केंद्र सरकार से जल्द औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। करीब 93 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 32,327 करोड़ रुपये है। कॉरिडोर के निर्माण से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दक्षिणी हरियाणा के प्रमुख वाणिज्यिक और विनिर्माण केंद्रों से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित कॉरिडोर गुरुग्राम, मानेसर, मानेसर-बावल निवेश क्षेत्र (एमबीआईआर) और बावल सहित प्रमुख क्षेत्रों को कवर करेगा। इसके अलावा दिल्ली हवाई अड्डे को भी नमो भारत नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली से बावल के बीच यात्रा का समय करीब तीन घंटे से घटकर लगभग 67 मिनट रह जाने का अनुमान है। इससे गुरुग्राम और मानेसर के साथ-साथ एमबीआईआर तथा बावल क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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