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मसालों के उत्पादन के लिए उद्यान विभाग दे रहा है 50 फीसदी अनुदान : डीसी
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गुुरुग्राम। उद्यान विभाग किसानों की आय में वृद्धि करने व फसल विविधीकरण के तहत लगाई गई फसलों को बढ़ावा देने के लिए मसालों की खेती पर अनुदान दे रहा है। डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
किसानों को सब्जियों व फलों के भाव से जोखिम मुक्त कर उन्हें फसल का उचित दाम दिलाने के लिए सरकार द्वारा अनुदान व भावांतर भरपाई योजना चलाई जा रही है। इसी प्रकार से उद्यान विभाग द्वारा अब बागवानी के क्षेत्र में मसालों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत लहसुन पर 30 हजार रुपये प्रति एकड़, धनिया व मेथी पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी दी जा रही है। सुगंधित पौधों जैसे मेंथा, लेमन ग्रास, सिट्रोनेला की खेती पर 40 प्रतिशत की दर से 6400 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एक किसान अधिकतम 10 एकड़ तक अनुदान योजनाओं का लाभ ले सकता है। इस योजना के लाभ लेने के इच्छुक किसान बागवानी विभाग के पोर्टल होर्टनेट जीओवी इन पर आवेदन कर सकते हैं। उत्पादन से पहले होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत किसान इन फसलों का बीमा भी करवा सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसान का मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
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किसानों को सब्जियों व फलों के भाव से जोखिम मुक्त कर उन्हें फसल का उचित दाम दिलाने के लिए सरकार द्वारा अनुदान व भावांतर भरपाई योजना चलाई जा रही है। इसी प्रकार से उद्यान विभाग द्वारा अब बागवानी के क्षेत्र में मसालों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत लहसुन पर 30 हजार रुपये प्रति एकड़, धनिया व मेथी पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी दी जा रही है। सुगंधित पौधों जैसे मेंथा, लेमन ग्रास, सिट्रोनेला की खेती पर 40 प्रतिशत की दर से 6400 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि एक किसान अधिकतम 10 एकड़ तक अनुदान योजनाओं का लाभ ले सकता है। इस योजना के लाभ लेने के इच्छुक किसान बागवानी विभाग के पोर्टल होर्टनेट जीओवी इन पर आवेदन कर सकते हैं। उत्पादन से पहले होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत किसान इन फसलों का बीमा भी करवा सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसान का मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
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