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Gurugram News: 17 साल बाद पुलिस की गिरफ्त में आया हत्या का भगोड़ा आरोपी
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2009 में बादशाहपुर थाना क्षेत्र में अपने साथी की हत्या कर भाग गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। 17 साल पहले साथी की हत्या के मामले में भगोड़े आरोपी को पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के जिला दमोह के गांव सुखा निवासी रमेश के रूप में हुई है।
आरोपी पुलिस से बचने के लिए पास के ही एक गांव में रह रहा था। आरोपी को पीओ स्टाफ के कर्मचारियों ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को शुक्रवार को बादशाहपुर थाना पुलिस को सौंप दिया गया। मृतक की पहचान रामपाल निवासी राजस्थान के गांव मेहंदीपुर बालाजी के रूप में हुई थी। 19 अगस्त 2007 को बादशाहपुर थाना पुलिस को एक युवक ने शिकायत में बताया था कि 18 अगस्त की रात करीब 11 बजे रमेश ने उनके चाचा रामलाल के सिर में लाठी मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह मौके से भाग गया था। 2009 में आरोपी को अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया था। पीओ स्टाफ मुख्यालय प्रभारी दीपक कुमार ने हेड कांस्टेबल रवि और विनोद कुमार के साथ टीम गठित करके आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह और मृतक एक साथ राजमिस्त्री का काम करते थे। पैसों को लेकर उनका विवाद हो गया था। विवाद के दौरान उसने उन पर लाठी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। आरोपी पुलिस से बचने के लिए मथुरा, आगरा और इंदौर में भी छिपा था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। 17 साल पहले साथी की हत्या के मामले में भगोड़े आरोपी को पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के जिला दमोह के गांव सुखा निवासी रमेश के रूप में हुई है।
आरोपी पुलिस से बचने के लिए पास के ही एक गांव में रह रहा था। आरोपी को पीओ स्टाफ के कर्मचारियों ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को शुक्रवार को बादशाहपुर थाना पुलिस को सौंप दिया गया। मृतक की पहचान रामपाल निवासी राजस्थान के गांव मेहंदीपुर बालाजी के रूप में हुई थी। 19 अगस्त 2007 को बादशाहपुर थाना पुलिस को एक युवक ने शिकायत में बताया था कि 18 अगस्त की रात करीब 11 बजे रमेश ने उनके चाचा रामलाल के सिर में लाठी मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह मौके से भाग गया था। 2009 में आरोपी को अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया था। पीओ स्टाफ मुख्यालय प्रभारी दीपक कुमार ने हेड कांस्टेबल रवि और विनोद कुमार के साथ टीम गठित करके आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह और मृतक एक साथ राजमिस्त्री का काम करते थे। पैसों को लेकर उनका विवाद हो गया था। विवाद के दौरान उसने उन पर लाठी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। आरोपी पुलिस से बचने के लिए मथुरा, आगरा और इंदौर में भी छिपा था।
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