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किसानों ने मनाया पगड़ी संभाल दिवस

Tue, 23 Feb 2021 11:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 11:27 PM IST
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Farmers celebrated 'Turban sambhal' Day
किसानों द्वारा मनाये जा रहे पगड़ी संभाल दिवस पर लघु सचिवालय स्थित राजीव चौक पर कृषि कानून को लेकर - फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। किसान मोर्चा ने लघु सचिवालय स्थित धरना स्थल पर पगड़ी बांधकर पगड़ी दिवस मनाया। वक्ताओं ने कहा कि यदि ये
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तीनों कानून निरस्त नहीं हुए तो किसानी पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएगी और किसान बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएगा। मंगलवार को वे धरना स्थल पर रंग-बिरंगी पगड़ियां बांधे हुए थे।
वक्ताओं में किसान नेता संतोख सिंह, आरएस राठी, गजेसिंह कबलाना, राव कमलवीर ने कहा कि सरकार ने नए कानूनों के माध्यम से किसानी को पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रख दिया है। ये कानून जमाखोरी और महंगाई को भी बढ़ाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि ब्रिटिश शासनकाल में किसान विरोधी कानून बनाए गए थे। इसके विरोध में उस समय शहीद-ए-आजम भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह ने किसान आंदोलन चलाया था और इस आंदोलन का नाम ‘पगड़ी संभाल’ आंदोलन पड़ गया था।
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उस समय भी ब्रिटिश सरकार को किसान विरोधी कानून वापस लेने पड़े थे। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार ने इन कानूनों को लाकर किसान की पगड़ी पर हमला किया है, जिसे किसान किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। धरना स्थल पर मंगलवार झाड़सा के 360 गांव के चौधरी महेंद्र सिंह ठाकरान, रामकरण सौलंकी, जगपाल सिंह, नवनीत रोज, डा. धर्मवीर राठी, सतबीर सिंह संधु, मुकेश शर्मा, विजय यादव, धर्मवीर कटारिया, डा. सारिका, अधिवक्ता अरुण शर्मा, नरेंद्रपाल किल्होड़ आदि शामिल रहे।
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