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Gurugram News: ईकोग्रीन के 100 करोड़ जब्त, बकाया राशि की रिकवरी की तैयारी
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निगम ने कंपनी के रिस्क एंड कोस्ट पर बंधवाड़ी साइट पर कचरे का निस्तारण शुरू कराया था, खर्च किए थे 280 करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी का कूड़ा प्रबंधन करने वाली कार्यदायी संस्था ईकोग्रीन का करार अधिकारिक तौर पर रद्द हो गया है। इसके साथ ही नगर निगम ने कंपनी के करीब सौ करोड़ रुपये जब्त कर लिए हैं। अब बकाया धनराशि की रिकवरी भी कंपनी से की जाएगी। निगम ने कंपनी के रिस्क एंड कोस्ट पर 280 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
नगर निगम ने 14 अगस्त 2017 को ईकोग्रीन कंपनी के साथ करार किया था। जिसमे कंपनी को गुरुग्राम और फरीदाबाद शहरों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करके द्वितीय केंद्रों तक पहुंचाना और वहां से बंधवाड़ी प्लांट में पहुंचाना था। इसके अलावा दो वर्ष में कंपनी को बंधवाड़ी प्लांट में कचरे से बिजली बनाने का संयंत्र भी स्थापित करना था। निगम को संयंत्र के लिए 10 एकड़ भूमि भी देनी थी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 22 साल में 400 करोड़ रुपये खर्च होने थे। वर्ष 2019 में नगर निगम ने ईकोग्रीन कंपनी के रिस्क एवं कोस्ट पर बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कचरे का निस्तारण शुरू किया था। करीब 6 वर्ष में ही निगम की ओर से 280 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई थी।
निगम अधिकारी के मुताबिक, ईकाेग्रीन कंपनी के सौ करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इसमें 30 करोड़ रुपये कंपनी की सुरक्षा धनराशि है, जो निगम ने जमा थी। इसके साथ ही 70 करोड़ रुपये के कंपनी के बिलों का बकाया भुगतान भी निगम ने जब्त कर लिया है। निगम अब 180 करोड़ रुपये की बकाया धनराशि की रिकवरी करेगा। निगम अधिकारी नियमानुसार रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं।
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इनसेट
बिजली संयंत्र न बनाने पर बढ़ा आर्थिक भार
करार के अनुसार जब तक बिजली संयंत्र स्थापित नहीं होता है, तब तक निगम द्वारा एक हजार रुपये प्रति कुंतल कूड़ा उठाने के हिसाब से बिल का भुगतान कंपनी को करना था, इसके बाद 333 रुपये का भुगतान होना था। कंपनी ने चार साल तक संयंत्र स्थापित नहीं किया। जिससे 6 वर्ष की अवधि में 240 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान निगम को करना था। जिसमे से निगम ने कंपनी को 160 करोड़ रुपये ही दिए, जबकि कंपनी के 80 करोड़ रुपये अभी बकाया है।
कोट::
ईकोग्रीन कंपनी से निगम का करार खत्म हो गया है। कंपनी की सुरक्षा राशि और बकाया भुगतान बिल को जब्त कर लिया है। रिस्क एंड कोस्ट पर निगम की ओर से खर्च की गई धनराशि को नियमानुसार वसूल किया जाएगा। कंपनी से सभी बकाया की वसूली जल्द की जाएगी। - डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, निगमायुक्त, नगर निगम गुरुग्राम।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी का कूड़ा प्रबंधन करने वाली कार्यदायी संस्था ईकोग्रीन का करार अधिकारिक तौर पर रद्द हो गया है। इसके साथ ही नगर निगम ने कंपनी के करीब सौ करोड़ रुपये जब्त कर लिए हैं। अब बकाया धनराशि की रिकवरी भी कंपनी से की जाएगी। निगम ने कंपनी के रिस्क एंड कोस्ट पर 280 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
नगर निगम ने 14 अगस्त 2017 को ईकोग्रीन कंपनी के साथ करार किया था। जिसमे कंपनी को गुरुग्राम और फरीदाबाद शहरों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करके द्वितीय केंद्रों तक पहुंचाना और वहां से बंधवाड़ी प्लांट में पहुंचाना था। इसके अलावा दो वर्ष में कंपनी को बंधवाड़ी प्लांट में कचरे से बिजली बनाने का संयंत्र भी स्थापित करना था। निगम को संयंत्र के लिए 10 एकड़ भूमि भी देनी थी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 22 साल में 400 करोड़ रुपये खर्च होने थे। वर्ष 2019 में नगर निगम ने ईकोग्रीन कंपनी के रिस्क एवं कोस्ट पर बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कचरे का निस्तारण शुरू किया था। करीब 6 वर्ष में ही निगम की ओर से 280 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई थी।
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निगम अधिकारी के मुताबिक, ईकाेग्रीन कंपनी के सौ करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इसमें 30 करोड़ रुपये कंपनी की सुरक्षा धनराशि है, जो निगम ने जमा थी। इसके साथ ही 70 करोड़ रुपये के कंपनी के बिलों का बकाया भुगतान भी निगम ने जब्त कर लिया है। निगम अब 180 करोड़ रुपये की बकाया धनराशि की रिकवरी करेगा। निगम अधिकारी नियमानुसार रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं।
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बिजली संयंत्र न बनाने पर बढ़ा आर्थिक भार
करार के अनुसार जब तक बिजली संयंत्र स्थापित नहीं होता है, तब तक निगम द्वारा एक हजार रुपये प्रति कुंतल कूड़ा उठाने के हिसाब से बिल का भुगतान कंपनी को करना था, इसके बाद 333 रुपये का भुगतान होना था। कंपनी ने चार साल तक संयंत्र स्थापित नहीं किया। जिससे 6 वर्ष की अवधि में 240 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान निगम को करना था। जिसमे से निगम ने कंपनी को 160 करोड़ रुपये ही दिए, जबकि कंपनी के 80 करोड़ रुपये अभी बकाया है।
कोट::
ईकोग्रीन कंपनी से निगम का करार खत्म हो गया है। कंपनी की सुरक्षा राशि और बकाया भुगतान बिल को जब्त कर लिया है। रिस्क एंड कोस्ट पर निगम की ओर से खर्च की गई धनराशि को नियमानुसार वसूल किया जाएगा। कंपनी से सभी बकाया की वसूली जल्द की जाएगी। - डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, निगमायुक्त, नगर निगम गुरुग्राम।