{"_id":"68ea6c49ce010d5f1b056ac0","slug":"discussion-on-new-research-directions-in-the-field-of-sports-science-and-technology-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-69551-2025-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई शोध दिशाओं पर हुई चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई शोध दिशाओं पर हुई चर्चा
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन, विशेषज्ञों ने प्रस्तुत किए विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बीआईटीएस पिलानी और द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय, गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चौथी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स इंजीनियरिंग कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई शोध दिशाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। यह तीन दिवसीय सम्मेलन गुरुग्राम स्थित रेडिसन होटल में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य खेलों में वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
दूसरे दिन के सत्रों में विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने खेल प्रदर्शन में सुधार और खेल उपकरणों के तकनीकी विकास जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। तीन समानांतर सत्रों में 70 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें मशीन लर्निंग एप्लीकेशन इन इंजरी प्रेडिक्शन, एथलीट प्रोफाइलिंग, फटीग और वियर थ्योरी तथा कबड्डी, फुटबॉल और टेबल टेनिस जैसे खेलों में तकनीक की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रहे।
मलेशिया से प्रो. चान क्वि क्विन, यूके से प्रो. डेविड जेम्स और दक्षिण कोरिया से प्रो. जंग योंग ली ने खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पुष्पा अंतिल ने मुख्य वक्ताओं को सम्मानित किया और कहा कि यह सम्मेलन भारतीय खेलों के भविष्य को नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगा। सम्मेलन में खेल स्थलों की स्थिरता, पर्यावरणीय प्रभाव और इको-फ्रेंडली स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी विचार-विमर्श हुआ। यह आयोजन शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान कर खेल विज्ञान में नवीन समाधानों की दिशा में सहयोग को प्रोत्साहित कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बीआईटीएस पिलानी और द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय, गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चौथी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स इंजीनियरिंग कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई शोध दिशाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। यह तीन दिवसीय सम्मेलन गुरुग्राम स्थित रेडिसन होटल में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य खेलों में वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
दूसरे दिन के सत्रों में विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने खेल प्रदर्शन में सुधार और खेल उपकरणों के तकनीकी विकास जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। तीन समानांतर सत्रों में 70 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें मशीन लर्निंग एप्लीकेशन इन इंजरी प्रेडिक्शन, एथलीट प्रोफाइलिंग, फटीग और वियर थ्योरी तथा कबड्डी, फुटबॉल और टेबल टेनिस जैसे खेलों में तकनीक की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रहे।
विज्ञापन
मलेशिया से प्रो. चान क्वि क्विन, यूके से प्रो. डेविड जेम्स और दक्षिण कोरिया से प्रो. जंग योंग ली ने खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पुष्पा अंतिल ने मुख्य वक्ताओं को सम्मानित किया और कहा कि यह सम्मेलन भारतीय खेलों के भविष्य को नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगा। सम्मेलन में खेल स्थलों की स्थिरता, पर्यावरणीय प्रभाव और इको-फ्रेंडली स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी विचार-विमर्श हुआ। यह आयोजन शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान कर खेल विज्ञान में नवीन समाधानों की दिशा में सहयोग को प्रोत्साहित कर रहा है।
विज्ञापन