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Gurugram News: महंगे नशे के लिए की गई थी कंपनी कर्मी की हत्या
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फरवरी में हुए ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
फोटो -
लूट का विरोध करने पर पत्थरों से पीटकर कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फरवरी में एक कंपनी कर्मचारी के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी पुलिस ने आखिरकार सुलझा ली। अपराध शाखा मानेसर के उप-निरीक्षक ललित कुमार की टीम ने हत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस तीनों को अदालत में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।
एसीपी अपराध प्रीतपाल के अनुसार पुलिस के अनुसार तीनों नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए तीनों ही लूटपाट कर अपने नशे का जुगाड़ करते थे। 16 फरवरी को भी इन लोगों ने कंपनी कर्मचारी से लूटपाट करनी चाही। जब उसने विरोध किया तो पत्थरों से पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार, सूरज व जगत के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि महंगा नशा करने के आदी हैं और नशे की पूर्ति के लिए अकेले व्यक्ति के साथ लूटपाट करते थे। 16 फरवरी को तीनों इसी मकसद से घूम रहे थे कि इन्हें कंपनी कर्मी जितेंद्र मिला। उसे लूटपाट के इरादे से रुकवाया, लेकिन उसने कड़ा विरोध किया। इन्होंने पत्थरों से चोटें मारकर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को खाली पड़ी जमीन में फेंककर मृतक का मोबाइल फोन लेकर वहां से भाग गए।
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यह है मामला
इसी साल 16 फरवरी को सुबह करीब 7:40 बजे पुलिस को इंडेन गैस गोदाम के पास सेक्टर-37 के सामने खाली पड़ी निगम की जमीन पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने दीवार के पास कचरे के ढेर में एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। जिसके बाएं जबड़े व बाई आंख के ऊपर चोट के निशान थे। शव के पास ही एक बैग मिला जिसमें मृतक का पहचान पत्र इत्यादि दस्तावेज थे। जिनके आधार पर मृतक की पहचान जितेन्द्र (उम्र 36 वर्ष) के रूप में हुई। मृतक की पत्नी ने शिकायत में बतलाया था कि वह अपने पति के साथ सेक्टर-37 में किराए पर रहती है और इसके पति यहीं एक कंपनी में पिछले 8 महीने से काम कर रहे थे। 15 फरवरी को रोजाना की तरह शाम करीब छह बजे वह कंपनी से घर आए और कुछ ही देर बाद में घर से सामान लाने के लिए चले गए। रात करीब 10 बजे इसने मैने फोन करके पूछा तो उन्होंने थोड़ी देर में आने के लिए कहा, लेकिन वह रात को घर नहीं आए। अगले दिन पुलिस से हत्या की सूचना मिली। इस संबंध में सेक्टर दस थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सीन ऑफ क्राइम, एफएसएल व फिंगरप्रिंट की पुलिस टीमों को घटनास्थल पर बुलवाकर घटनास्थल का निरीक्षण कराया था।
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लूट का विरोध करने पर पत्थरों से पीटकर कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फरवरी में एक कंपनी कर्मचारी के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी पुलिस ने आखिरकार सुलझा ली। अपराध शाखा मानेसर के उप-निरीक्षक ललित कुमार की टीम ने हत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस तीनों को अदालत में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।
एसीपी अपराध प्रीतपाल के अनुसार पुलिस के अनुसार तीनों नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए तीनों ही लूटपाट कर अपने नशे का जुगाड़ करते थे। 16 फरवरी को भी इन लोगों ने कंपनी कर्मचारी से लूटपाट करनी चाही। जब उसने विरोध किया तो पत्थरों से पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार, सूरज व जगत के रूप में हुई है।
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पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि महंगा नशा करने के आदी हैं और नशे की पूर्ति के लिए अकेले व्यक्ति के साथ लूटपाट करते थे। 16 फरवरी को तीनों इसी मकसद से घूम रहे थे कि इन्हें कंपनी कर्मी जितेंद्र मिला। उसे लूटपाट के इरादे से रुकवाया, लेकिन उसने कड़ा विरोध किया। इन्होंने पत्थरों से चोटें मारकर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को खाली पड़ी जमीन में फेंककर मृतक का मोबाइल फोन लेकर वहां से भाग गए।
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यह है मामला
इसी साल 16 फरवरी को सुबह करीब 7:40 बजे पुलिस को इंडेन गैस गोदाम के पास सेक्टर-37 के सामने खाली पड़ी निगम की जमीन पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने दीवार के पास कचरे के ढेर में एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। जिसके बाएं जबड़े व बाई आंख के ऊपर चोट के निशान थे। शव के पास ही एक बैग मिला जिसमें मृतक का पहचान पत्र इत्यादि दस्तावेज थे। जिनके आधार पर मृतक की पहचान जितेन्द्र (उम्र 36 वर्ष) के रूप में हुई। मृतक की पत्नी ने शिकायत में बतलाया था कि वह अपने पति के साथ सेक्टर-37 में किराए पर रहती है और इसके पति यहीं एक कंपनी में पिछले 8 महीने से काम कर रहे थे। 15 फरवरी को रोजाना की तरह शाम करीब छह बजे वह कंपनी से घर आए और कुछ ही देर बाद में घर से सामान लाने के लिए चले गए। रात करीब 10 बजे इसने मैने फोन करके पूछा तो उन्होंने थोड़ी देर में आने के लिए कहा, लेकिन वह रात को घर नहीं आए। अगले दिन पुलिस से हत्या की सूचना मिली। इस संबंध में सेक्टर दस थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सीन ऑफ क्राइम, एफएसएल व फिंगरप्रिंट की पुलिस टीमों को घटनास्थल पर बुलवाकर घटनास्थल का निरीक्षण कराया था।