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Gurugram News: बैंड, बाजा, बरात तैयार...देवोत्थान एकादशी पर इस बार 500 शादियां
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देवोत्थान एकादशी मंगलवार को है। इस दिन चार महीने की योग निद्रा के बाद भगवान विष्णु के जागने के साथ ही मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। इस दिन शहर में 500 से ज्यादा शादियां होने की उम्मीद है। वहीं, विभिन्न मंदिरों में तुलसी-शालिग्राम विवाह आयोजित होंगे। शहर में 300 से ज्यादा छोटे-बड़े विवाह स्थल हैं।
सिद्धेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मीकांत शास्त्री ने बताया कि इस बार 18 शुभ मुहुर्त हैं। देवोत्थान एकादशी को अबूझ मुहुर्त (स्वयं सिद्ध मुहूर्त) माना जाता है। इस दिन अगर मुहुर्त न हो तब भी शादी की जा सकती है। इसके बाद 13, 17, 18, 22, 23, 25, 26, 28 और 29 नवंबर को शुभ मुहुर्त है। वहीं, दिसंबर में 4, 5, 9, 10, 11, 14, 15 और 16 को शुभ मुहुर्त है। इसके बाद लगभग एक महीने तक शादियों पर विराम लग जाएगा।
घूमते स्टेज पर जयमाल का क्रेज
एक विवाह स्थल के संचालक विनोद सैनी के मुताबिक आजकल शादियों में घूमते हुए स्टेज पर जयमाल, दूल्हा-दुल्हन के परिजनों के रैंप वॉक, थीम आधारित लाइटिंग आदि का क्रेज है। फूलों की सजावट करने वाले सार्थक ने बताया कि इन दिनों रजवाड़ा स्टाइल में मोगरे, रजनीगंधा, गेंदे और गुलाब और वेस्टर्न थीम पर लिली, एंथोरियम, जरबेरा की सजावट लोग करवा रहे हैं।
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खूब बिक रही पांच हजार के नोटों की माला
त्योहार बीतने के बाद विवाह समारोह को लेकर भी व्यापारियों में उत्साह है। सदर बाजार के एक विक्रेता ने बताया कि दूल्हे के लिए नोटों की माला तैयार है। ज्यादातर लोग पांच हजार रुपये वाली माला खरीद रहे हैं। इसके अलावा ऑर्डर पर दो से पांच लाख की तैयार करवाते हैं। इसके अलावा अलग-अलग दुकानों पर लोग दूल्हे की पगड़ी, कलश, जयमाल की थालियां, साड़ियां और लहंगे, गहने लेने बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
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सिद्धेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मीकांत शास्त्री ने बताया कि इस बार 18 शुभ मुहुर्त हैं। देवोत्थान एकादशी को अबूझ मुहुर्त (स्वयं सिद्ध मुहूर्त) माना जाता है। इस दिन अगर मुहुर्त न हो तब भी शादी की जा सकती है। इसके बाद 13, 17, 18, 22, 23, 25, 26, 28 और 29 नवंबर को शुभ मुहुर्त है। वहीं, दिसंबर में 4, 5, 9, 10, 11, 14, 15 और 16 को शुभ मुहुर्त है। इसके बाद लगभग एक महीने तक शादियों पर विराम लग जाएगा।
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घूमते स्टेज पर जयमाल का क्रेज
एक विवाह स्थल के संचालक विनोद सैनी के मुताबिक आजकल शादियों में घूमते हुए स्टेज पर जयमाल, दूल्हा-दुल्हन के परिजनों के रैंप वॉक, थीम आधारित लाइटिंग आदि का क्रेज है। फूलों की सजावट करने वाले सार्थक ने बताया कि इन दिनों रजवाड़ा स्टाइल में मोगरे, रजनीगंधा, गेंदे और गुलाब और वेस्टर्न थीम पर लिली, एंथोरियम, जरबेरा की सजावट लोग करवा रहे हैं।
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खूब बिक रही पांच हजार के नोटों की माला
त्योहार बीतने के बाद विवाह समारोह को लेकर भी व्यापारियों में उत्साह है। सदर बाजार के एक विक्रेता ने बताया कि दूल्हे के लिए नोटों की माला तैयार है। ज्यादातर लोग पांच हजार रुपये वाली माला खरीद रहे हैं। इसके अलावा ऑर्डर पर दो से पांच लाख की तैयार करवाते हैं। इसके अलावा अलग-अलग दुकानों पर लोग दूल्हे की पगड़ी, कलश, जयमाल की थालियां, साड़ियां और लहंगे, गहने लेने बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।