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Gurugram News: कहासुनी होने पर कार्यालय में की तोडफोड़, मामला दर्ज
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तोड़फोड़ की वीडियो सोशल मीडिया पर हुई वायरल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। खेड़की माजरा गांव में लघुशंका को लेकर हुई कहासुनी बड़े विवाद में बदल गई। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान कार्यालय में रखा सामान तोड़ा गया। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनसे रंगदारी मांगी जा रही थी। विरोध करने पर तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने मामले की जांच की तो यह आरोप झूठे पाए गए। पुलिस ने कार्यालय में तोड़फोड़ करने वाले सात आरोपियों को हिरासत में लेकर जमानत पर छोड़ दिया।
कारोबारी अंकुश यादव ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनका दफ्तर खेड़कीमाजरा गांव में है। 15 जुलाई की रात करीब साढ़े 11 बजे इलाके का ही रहने वाला पव्वा नाम का व्यक्ति उनके पास आया और हर महीने 50 हजार रुपये देने को कहा। 17 जुलाई की रात करीब साढ़े 11 बजे वह दोबारा आया। रुपये देने से मना करने पर कहासुनी हुई और मारपीट शुरू हो गई। इसमें उनको कई जगह पर चोट आई। उन्हें इलाज के लिए सेक्टर-10 के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोप है कि थोड़ी देर बाद ही पव्वा अपने आठ से 10 साथियों के साथ कारोबारी के कार्यालय पर आया। हमलावरों ने कारोबारी के दफ्तर का शटर और शीशे तोड़ दिए। अंदर रखा कंप्यूटर और फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। सहायक पुलिस आयुक्त अपराध नवीन शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच की तो शिकायतकर्ता किराये पर रहता है तथा इसके मकान मालिक तथा आरोपी पक्ष आपस में पड़ोसी हैं। शुक्रवार रात को लघुशंका करने की बात को लेकर शिकायतकर्ता, इसके मकान मालिक और आरोपियों के बीच कहासुनी होने पर विवाद हो गया था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच मारपीट एवं तोड़फोड़ की घटना घटित हुई।पुलिस ने इस मामले में खेड़की माजरा गांव निवासी सुरेंद्र, मुकेश, जोगेंद्र, विजय , धर्मपुर गांव निवासी अशोक व सागर और झज्जर के नगला गांव निवासी मुकेश को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। खेड़की माजरा गांव में लघुशंका को लेकर हुई कहासुनी बड़े विवाद में बदल गई। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान कार्यालय में रखा सामान तोड़ा गया। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनसे रंगदारी मांगी जा रही थी। विरोध करने पर तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने मामले की जांच की तो यह आरोप झूठे पाए गए। पुलिस ने कार्यालय में तोड़फोड़ करने वाले सात आरोपियों को हिरासत में लेकर जमानत पर छोड़ दिया।
कारोबारी अंकुश यादव ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनका दफ्तर खेड़कीमाजरा गांव में है। 15 जुलाई की रात करीब साढ़े 11 बजे इलाके का ही रहने वाला पव्वा नाम का व्यक्ति उनके पास आया और हर महीने 50 हजार रुपये देने को कहा। 17 जुलाई की रात करीब साढ़े 11 बजे वह दोबारा आया। रुपये देने से मना करने पर कहासुनी हुई और मारपीट शुरू हो गई। इसमें उनको कई जगह पर चोट आई। उन्हें इलाज के लिए सेक्टर-10 के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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आरोप है कि थोड़ी देर बाद ही पव्वा अपने आठ से 10 साथियों के साथ कारोबारी के कार्यालय पर आया। हमलावरों ने कारोबारी के दफ्तर का शटर और शीशे तोड़ दिए। अंदर रखा कंप्यूटर और फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। सहायक पुलिस आयुक्त अपराध नवीन शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच की तो शिकायतकर्ता किराये पर रहता है तथा इसके मकान मालिक तथा आरोपी पक्ष आपस में पड़ोसी हैं। शुक्रवार रात को लघुशंका करने की बात को लेकर शिकायतकर्ता, इसके मकान मालिक और आरोपियों के बीच कहासुनी होने पर विवाद हो गया था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच मारपीट एवं तोड़फोड़ की घटना घटित हुई।पुलिस ने इस मामले में खेड़की माजरा गांव निवासी सुरेंद्र, मुकेश, जोगेंद्र, विजय , धर्मपुर गांव निवासी अशोक व सागर और झज्जर के नगला गांव निवासी मुकेश को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया गया।
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