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Gurugram News: हर नए इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी जीआईएस टैगिंग, कार्य की होगी गुणवत्ता जांच

Tue, 08 Sep 2026 07:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 07:17 PM IST
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Every new infrastructure project will undergo GIS tagging, and the quality of the work will be inspected.
पहले 100-200 मीटर काम की होगी गुणवत्ता जांच, नवंबर से पहले ग्रीन बेल्ट में पौधरोपण पूरा करने के निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधीन भविष्य में बनने वाली सड़कों, सरफेस ड्रेन, मेनहोल समेत प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर की जीआईएस टैगिंग कराई जाएगी। इससे प्रत्येक निर्माण कार्य की लोकेशन और स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। साथ ही भविष्य में मेनहोल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की पहचान करने में भी आसानी होगी। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीसी मीणा ने मंगलवार को इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।
सीईओ ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट का पूरा काम एक साथ आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। पहले 100 से 200 मीटर तक काम कर अधिकारियों को दिखाना होगा। गुणवत्ता और डिजाइन सही पाए जाने के बाद ही शेष कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। सड़क सुरक्षा को लेकर सीईओ ने सभी जर्सी बैरियरों की मरम्मत और पेंटिंग कराने के साथ उन पर रेडियंट पट्टियां लगाने के निर्देश दिए। इससे रात के समय वाहन चालकों को बैरियर दूर से दिखाई देंगे। दुर्घटना संभावित स्थानों पर बने ट्रैफिक नोज की मरम्मत कराने और रिफ्लेक्टर लगाने को भी कहा गया।
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नवंबर से पहले पूरा होगा पौधारोपण
जीएमडीए क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट में पौधारोपण का काम नवंबर से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। इसके अलावा खराब फुटपाथों की मरम्मत कर उन्हें पैदल यात्रियों के चलने योग्य बनाने के निर्देश दिए गए। शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए उपलब्ध झीलों और तालाबों की क्षमता बढ़ाने पर भी बैठक में चर्चा हुई। वजीराबाद और घाटा गांव की झीलों की क्षमता बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने के साथ नए जलाशयों के लिए स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए गए।
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अदालत में मामले लंबित होने से अटके काम
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि द्वारका एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का करीब 220 मीटर हिस्सा, रामपुरा रोड का कुछ हिस्सा और मल्टी यूटिलिटी कॉरिडोर रोड का करीब 600 मीटर हिस्सा अदालत में मामले लंबित होने के कारण प्रभावित है। मल्टी यूटिलिटी कॉरिडोर का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वहीं, सेक्टर-73/74, 71/73, 72-72ए और 79-79ए में भी न्यायालयी मामलों के कारण विकास कार्य प्रभावित हैं।
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