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Gurugram News: राजकीय महाविद्यालय में 15.74 फीसदी छात्र बीच में ही छोड़ रहे पढ़ाई
सार
गुरुग्राम के सेक्टर-9 स्थित राजकीय महाविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र सत्र के बीच में ही पढ़ाई छोड़ रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन की सूचनाओं के बावजूद छात्रों ने न तो वापसी की और न ही फीस जमा कराई। मुख्य कारणों में विषय परिवर्तन और रोजगार की सीमित संभावनाएं बताई गई हैं।
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विस्तार
सूचना देने के बाद भी न ही कॉलेज लौटे और न ही फीस भरी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-9 स्थित राजकीय महाविद्यालय में नए सत्र के दौरान विद्यार्थी बीच में ही पढ़ाई छोड़ रहे हैं। राजकीय महाविद्यालय में स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष में ड्रॉपआउट दर 21.44 प्रतिशत और 15.22 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं कुल मिलाकर लगभग 15.74 प्रतिशत विद्यार्थियों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी।
कॉलेज प्रबंधन ने इन छात्रों से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन अधिकतर ने कोई जवाब नहीं दिया। प्रबंधन की ओर से सूचना देने के बावजूद छात्र कॉलेज नहीं लौटे और न ही फीस जमा कराई। काॅलेज प्रशासन ने बताया कि द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें मनपसंद विषय में दाखिला मिल गया, इसलिए उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया। वहीं, तृतीय वर्ष के छात्रों ने कहा कि वर्तमान पढ़ाई से रोजगार की संभावनाएं सीमित हैं, इसीलिए वे आगे पढ़ाई जारी रखने के बजाय कोर्स बदलना चाहते हैं।
राजकीय महाविद्यालय के नोडल अधिकारी संजय कात्याल ने बताया कि सबसे अधिक ड्रॉपआउट बीए अंग्रेजी विषय से हुआ है। इसके बाद पत्रकारिता और फिर इकोनॉमिक्स के विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ने वालों में शामिल हैं।
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विषय काॅलेज छोड़ने वालों की संख्या
बीए इंग्लिश -42.25 प्रतिशत
पत्रकारिता -15.22 प्रतिशत
इकोनॉमिक्स -32 प्रतिशत
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-9 स्थित राजकीय महाविद्यालय में नए सत्र के दौरान विद्यार्थी बीच में ही पढ़ाई छोड़ रहे हैं। राजकीय महाविद्यालय में स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष में ड्रॉपआउट दर 21.44 प्रतिशत और 15.22 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं कुल मिलाकर लगभग 15.74 प्रतिशत विद्यार्थियों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी।
कॉलेज प्रबंधन ने इन छात्रों से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन अधिकतर ने कोई जवाब नहीं दिया। प्रबंधन की ओर से सूचना देने के बावजूद छात्र कॉलेज नहीं लौटे और न ही फीस जमा कराई। काॅलेज प्रशासन ने बताया कि द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें मनपसंद विषय में दाखिला मिल गया, इसलिए उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया। वहीं, तृतीय वर्ष के छात्रों ने कहा कि वर्तमान पढ़ाई से रोजगार की संभावनाएं सीमित हैं, इसीलिए वे आगे पढ़ाई जारी रखने के बजाय कोर्स बदलना चाहते हैं।
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राजकीय महाविद्यालय के नोडल अधिकारी संजय कात्याल ने बताया कि सबसे अधिक ड्रॉपआउट बीए अंग्रेजी विषय से हुआ है। इसके बाद पत्रकारिता और फिर इकोनॉमिक्स के विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ने वालों में शामिल हैं।
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विषय काॅलेज छोड़ने वालों की संख्या
बीए इंग्लिश -42.25 प्रतिशत
पत्रकारिता -15.22 प्रतिशत
इकोनॉमिक्स -32 प्रतिशत