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दादी, मां और सास से मिली अपराजिता बनने की प्रेरणा 

Mon, 11 Feb 2019 06:08 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: राजेश सैनी Updated Mon, 11 Feb 2019 06:08 AM IST
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Got Inspiration from mother and mother in law to become Aparajita
अपराजिता (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : amar ujala

जीवन में संघर्षों का सामना हर कोई करता है। हालांकि, महिलाओं के जीवन में संघर्ष अधिक होते हैं। वहीं, इससे बाहर आने की संभावना भी ज्यादा रहती है क्योंकि महिलाओं को शक्ति का स्वरूप माना जाता है। वह जननी है और हर कठिनाईयों से टकराने में सक्षम है। यह कहना है आर्ट लाइफ गैलरी की संचालिका प्रीति बजाज का जो कला क्षेत्र की प्रसिद्ध हस्ती हैं। अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत हम ऐसी महिलाओं से बात करते हैं, जिन्होंने संघर्षों से निकलकर एक अलग मुकाम हासिल किया है। 

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प्रीति बजाज ने बताया कि उनका परिवार मूलरूप से कोलकाता का है। मात्र 32 वर्ष की आयु में उनके पिता का देहांत हो गया। तीनों भाई बहनों की जिम्मेदारी मां और दादी ने संभाली। मां और दादी ने जीवन संघर्षों में कभी हार नहीं मानी और सभी अच्छी से अच्छी शिक्षा देने का प्रयास किया। दोनों को देखकर ही उन्हें जीवन में अपराजिता बनने की प्रेरणा मिली। स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही प्रीति की शादी नोएडा में हुई।
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शादी के बाद भी उन्होंने शिक्षा के लिए प्रयास नहीं छोड़ा। उनकी इस इच्छा में  सास ने सहयोग दिया। शादी के दो साल बाद प्रीति ने एक बेटे को जन्म दिया। जब बेटा छह महीने का था तो प्रीति ने प्रोफेशनल कोर्स में एडमीशन लिया। वह टॉपर बनीं। प्रीति ने आर्ट लाइफ गैलरी की शुरुआत की। जहां नवोदित कलाकारों के साथ प्रसिद्ध कलाकारों को एक मंच पर लाकर कला के विविध आयामों को दर्शाने की कोशिशें की जाती हैं। प्रीति ने बताया कि उनका मकसद कला के जरिए समाज में एक सकारात्मक संदेश का प्रचार करना है। 
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प्रीति ने कहा कि यह अभियान महिलाओं की बेहतरी के लिए बहुत अच्छा प्रयास है। अमर उजाला की इस पहल को उनका पूरा समर्थन हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा पर सबसे अधिक जोर देना चाहिए। क्योंकि शिक्षा ही अंधेरे रास्तों में उजाले का काम करती है। 

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