{"_id":"65de5540c044c885670af419","slug":"two-criminals-involved-in-robbery-worth-rs-15-crore-arrested-in-encounter-ghaziabad-news-c-30-gbd1015-319735-2024-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: डेढ़ करोड़ की डकैती के दो बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: डेढ़ करोड़ की डकैती के दो बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार
विज्ञापन
मुठभेड़ के बाद पकड़े गए आरोपी।
गाजियाबाद। कविनगर क्षेत्र में पांच दिसंबर को इंदिरापुरम के निशांत सरवैया के साथ हुई डकैती के मामले में वांछित चल रहे दो बदमाश और क्राइम ब्रांच के बीच सोमवार रात मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। जबकि बदमाशों की एक गोली कांस्टेबल मोहित शर्मा के हाथ में लगी है। पुलिस ने इनके पास से वारदात में लूटे गए 12 लाख रुपये, लूटे गए रुपये से खरीदी गई स्विफ्ट कार, एक पिस्टल, दो तमंचे और निशांत के कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं।
एडीसीपी अपराध सच्चिानंद ने बताया कि सूचना पर टीम ने राजनगर के पास घेराबंदी करके स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कार सवारों ने पुलिस पर फायरिंग की। इसी दौरान उनकी कार पेड़ से टकरा गई तो बदमाश उतरकर भागने लगे। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश के पैर में गोली लगी। एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश हरियाणा करनाल के गांव छापर निवासी जोगेंद्र उर्फ मुकेश उर्फ मुन्ना उर्फलम्बू और शुभम उर्फ पवन उर्फ कटार है। जोगेंद्र के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 15 और शुभम के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। शुभम ने पॉलिटेक्निक कर रखी है। एडीसीपी ने बताया कि मामले में पूर्व में आठ बदमाश नितिन शर्मा, सौरभ सिरोही, चंद्रवीर उर्फकलुवा, सुनील, सुखवीर, दीपक, नकुल और सौरभ शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनके पास से 92.50 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। इसमें अभी और बदमाशों के होने का अंदेशा है। जिनके पास रुपये का बंटवारा हुआ था।
- जेल में हुई मुख्य आरोपी से मुलाकात
एडीसीपी ने बताया कि पूर्व में मुख्य आरोपी सुनील के पास से करनाल और शिमला में रुपये बरामद हुए थे। इसी जांच में जोगेंद्र का भी नाम सामने आया। जोगेंद्र ने पूछताछ में बताया वह पहले बुलंदशहर में एक मोबाइल टावर में काम करता था। जहां विवाद के बाद वह जेल गया। जेल में उसकी मुलाकात गैंगस्टर सुरेंद्र सलैला से हुई। उसने फिर सुरेंद्र के साथ काम शुरू किया। इस दौरान उसकी मुलाकात सुनील से जेल में हुई। सुनील ने ही निशांत सरवैया के साथ लूट की साजिश रची थी। सुनील ने उसे अपने साथ शामिल किया था। वह लूट की वारदात के दौरान मौके पर मौजूद था। शुभम ने बताया कि जोगेंद्र उसके गांव का ही रहने वाला है। दोनों के बीच गहरी दोस्ती है। दोनों साथ मिलकर लूट की वारदात करने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एडीसीपी अपराध सच्चिानंद ने बताया कि सूचना पर टीम ने राजनगर के पास घेराबंदी करके स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कार सवारों ने पुलिस पर फायरिंग की। इसी दौरान उनकी कार पेड़ से टकरा गई तो बदमाश उतरकर भागने लगे। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश के पैर में गोली लगी। एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश हरियाणा करनाल के गांव छापर निवासी जोगेंद्र उर्फ मुकेश उर्फ मुन्ना उर्फलम्बू और शुभम उर्फ पवन उर्फ कटार है। जोगेंद्र के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 15 और शुभम के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। शुभम ने पॉलिटेक्निक कर रखी है। एडीसीपी ने बताया कि मामले में पूर्व में आठ बदमाश नितिन शर्मा, सौरभ सिरोही, चंद्रवीर उर्फकलुवा, सुनील, सुखवीर, दीपक, नकुल और सौरभ शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनके पास से 92.50 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। इसमें अभी और बदमाशों के होने का अंदेशा है। जिनके पास रुपये का बंटवारा हुआ था।
विज्ञापन
- जेल में हुई मुख्य आरोपी से मुलाकात
एडीसीपी ने बताया कि पूर्व में मुख्य आरोपी सुनील के पास से करनाल और शिमला में रुपये बरामद हुए थे। इसी जांच में जोगेंद्र का भी नाम सामने आया। जोगेंद्र ने पूछताछ में बताया वह पहले बुलंदशहर में एक मोबाइल टावर में काम करता था। जहां विवाद के बाद वह जेल गया। जेल में उसकी मुलाकात गैंगस्टर सुरेंद्र सलैला से हुई। उसने फिर सुरेंद्र के साथ काम शुरू किया। इस दौरान उसकी मुलाकात सुनील से जेल में हुई। सुनील ने ही निशांत सरवैया के साथ लूट की साजिश रची थी। सुनील ने उसे अपने साथ शामिल किया था। वह लूट की वारदात के दौरान मौके पर मौजूद था। शुभम ने बताया कि जोगेंद्र उसके गांव का ही रहने वाला है। दोनों के बीच गहरी दोस्ती है। दोनों साथ मिलकर लूट की वारदात करने लगे।

मुठभेड़ के बाद पकड़े गए आरोपी।
विज्ञापन