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Ghaziabad News: चोरी और फाइनेंस के फर्जी कागज तैयार कर कार बेचने वाले दो गिरफ्तार
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गाजियाबाद। कार चोरी करने और फाइनेंस के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने वाले गिरोह के दो शातिरों को क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से तीन कार व दो फर्जी नंबर प्लेट बरामद की हैं। ये चोरी की कार को सस्ते दामों में बेचते हैं। फाइनेंस वाली कारों को कंपनी से सेटलमेंट होना बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच देते हैं।
एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर निवासी संजय भाटी और मेरठ के खरखौदा के गांव वहरानपुर निवासी राजीव हैं। संजय भाटी की नोएडा में वर्कशॉप है। राजीव नोएडा के आरटीओ कार्यालय के पास दलाली का काम करता है। पूछताछ में संजय ने बताया कि वह पिछले दो साल से पुरानी कार खरीदने बेचने का काम कर रहा है। कुछ साल पहले उसके बड़े बेटे का एक्सीडेंट हो गया था। उसके सिर में गंभीर चोट आईं और दिमाग का पांच बार ऑपरेशन हो चुका है। उसके इलाज में काफी खर्चा हो गया उसका एक प्लॉट भी बिक गया और वह कर्जे में आ गया।
संजय ने बताया कि दो साल पहले नोएडा आरटीओ कार्यालय के पास उसकी मुलाकात राजीव से हुई। राजीव ने बताया कि उसके संपर्क में कार चोरी करने व फर्जी फाइनेंस के दस्तावेज बनाने वाले हैं। जिनसे वह कार लेकर लोगों को सस्ते दामों में बेचते हैं। लोगों को फाइनेंस कंपनी से सेटलमेंट बताकर दूसरे कागज तैयार कर बेचते हैं। राजीव ने पूछताछ में बताया कि पहले वह दिल्ली में एक मेडिकल स्टोर चलाता था, जिसमें नुकसान हो गया तो बब्लू नागर के साथ मिलकर नोएडा आरटीओ कार्यालय में दलाली करने लगा। इसी बीच उसकी मुलाकात सरफाबाद नोएडा में सोनू यादव से हुई।
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उसके साथ मिलकर वह कार चोरी व फर्जी फाइनेंस के कागज बनाने लगा। फाइनेंस की गाड़ी में मालिक का मोबाइल नंबर बदलकर कई बार फर्जी नंबर प्लेट बनवाकर बेच देते हैं और संजय भाटी से वीडियो कॉल पर बात कराकर उसकी कार बताकर बेचते हैं। सोनू चोरी के मामले में जेल में बंद है। एडीसीपी ने बताया कि राजीव के खिलाफ आठ मुकदमे और संजय पर एक मुकदमा दर्ज है। गिरोह के अन्य शातिरों की तलाश की जा रही है।
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एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर निवासी संजय भाटी और मेरठ के खरखौदा के गांव वहरानपुर निवासी राजीव हैं। संजय भाटी की नोएडा में वर्कशॉप है। राजीव नोएडा के आरटीओ कार्यालय के पास दलाली का काम करता है। पूछताछ में संजय ने बताया कि वह पिछले दो साल से पुरानी कार खरीदने बेचने का काम कर रहा है। कुछ साल पहले उसके बड़े बेटे का एक्सीडेंट हो गया था। उसके सिर में गंभीर चोट आईं और दिमाग का पांच बार ऑपरेशन हो चुका है। उसके इलाज में काफी खर्चा हो गया उसका एक प्लॉट भी बिक गया और वह कर्जे में आ गया।
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संजय ने बताया कि दो साल पहले नोएडा आरटीओ कार्यालय के पास उसकी मुलाकात राजीव से हुई। राजीव ने बताया कि उसके संपर्क में कार चोरी करने व फर्जी फाइनेंस के दस्तावेज बनाने वाले हैं। जिनसे वह कार लेकर लोगों को सस्ते दामों में बेचते हैं। लोगों को फाइनेंस कंपनी से सेटलमेंट बताकर दूसरे कागज तैयार कर बेचते हैं। राजीव ने पूछताछ में बताया कि पहले वह दिल्ली में एक मेडिकल स्टोर चलाता था, जिसमें नुकसान हो गया तो बब्लू नागर के साथ मिलकर नोएडा आरटीओ कार्यालय में दलाली करने लगा। इसी बीच उसकी मुलाकात सरफाबाद नोएडा में सोनू यादव से हुई।
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उसके साथ मिलकर वह कार चोरी व फर्जी फाइनेंस के कागज बनाने लगा। फाइनेंस की गाड़ी में मालिक का मोबाइल नंबर बदलकर कई बार फर्जी नंबर प्लेट बनवाकर बेच देते हैं और संजय भाटी से वीडियो कॉल पर बात कराकर उसकी कार बताकर बेचते हैं। सोनू चोरी के मामले में जेल में बंद है। एडीसीपी ने बताया कि राजीव के खिलाफ आठ मुकदमे और संजय पर एक मुकदमा दर्ज है। गिरोह के अन्य शातिरों की तलाश की जा रही है।