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Ghaziabad News: रक्षाबंधन पर नहीं है भद्रा का साया, पूरे दिन बांधे राखी
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गाजियाबाद। भाई-बहन के प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन आज मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित शिव कुमार शर्मा का कहना है कि इस बार भद्रा का साया नहीं है पूरे दिन बहनें भाइयों को राखी बांध सकती हैं।
शास्त्रों के अनुसार भद्रा के समय चंद्रमा मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक राशि में स्थित हो तो भद्रा का निवास स्वर्ग में होता है। यदि चंद्रमा कन्या, तुला, धनु, मकर राशि में हो तो भद्रा पाताल में निवास करती है और कर्क, सिंह, कुंभ, मीन राशि का चंद्रमा हो तो भद्रा का भूलोक पर निवास रहता है।
भद्रा सुबह 3:04 बजे से आरंभ हो गई है जो दोपहर 13: 29 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा को चंद्रमा शाम 5:56 बजे तक मकर राशि में है और मकर राशि में जब चंद्रमा होते हैं तो शास्त्रों के अनुसार भद्रा का निवास पाताल में होता है। स्वर्ग और पाताल में जब भद्रा होती है तो पृथ्वी पर उसका कोई प्रभाव नहीं होता है। इसलिए पूरे दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा।
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रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त :
- सुबह 5:40 से 7: 30 बजे तक सिंह लग्न (स्थिर लग्न ) रहेगा, जो बहुत ही शुभ है।
- 11:36 से 12:24 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। यह सर्वोत्तम समय माना गया है।
- 12:38 बजे से 14: 56 बजे तक वृश्चिक लग्न (स्थिर लग्न) भी शुभ है।
- शाम 5:00 बजे से 6:42 तक मकर लग्न (स्थिर लग्न) शुभ है।
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- सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक राहुकाल है इसका त्याग करना चाहिए।
भद्रा जब पाताल में रहती है तो नहीं होता कोई असर
भद्रा जब पाताल में रहती है तो नहीं होता कोई असर पंडित दुलीचंद शर्मा का कहना है कि इस बार भद्रा का साया रक्षाबंधन पर नहीं है। इस बार पूर्णिमा पर भद्रा पाताल में है। इसलिए राहु काल के समय को छोड़कर पूरे दिन राखी बांधने के लिए शुभ समय है।
राहु काल को छोड़कर पूरे दिन बांधे राखी
आचार्य लक्ष्मीचंद पाढ़ी का कहना है कि राहु काल को छोड़कर पूरे दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा। सूर्यास्त से पहले तक राखी बांधने का योग है। भद्रा का साया इस बार नहीं है।
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शास्त्रों के अनुसार भद्रा के समय चंद्रमा मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक राशि में स्थित हो तो भद्रा का निवास स्वर्ग में होता है। यदि चंद्रमा कन्या, तुला, धनु, मकर राशि में हो तो भद्रा पाताल में निवास करती है और कर्क, सिंह, कुंभ, मीन राशि का चंद्रमा हो तो भद्रा का भूलोक पर निवास रहता है।
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भद्रा सुबह 3:04 बजे से आरंभ हो गई है जो दोपहर 13: 29 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा को चंद्रमा शाम 5:56 बजे तक मकर राशि में है और मकर राशि में जब चंद्रमा होते हैं तो शास्त्रों के अनुसार भद्रा का निवास पाताल में होता है। स्वर्ग और पाताल में जब भद्रा होती है तो पृथ्वी पर उसका कोई प्रभाव नहीं होता है। इसलिए पूरे दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा।
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रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त :
- सुबह 5:40 से 7: 30 बजे तक सिंह लग्न (स्थिर लग्न ) रहेगा, जो बहुत ही शुभ है।
- 11:36 से 12:24 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। यह सर्वोत्तम समय माना गया है।
- 12:38 बजे से 14: 56 बजे तक वृश्चिक लग्न (स्थिर लग्न) भी शुभ है।
- शाम 5:00 बजे से 6:42 तक मकर लग्न (स्थिर लग्न) शुभ है।
- सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक राहुकाल है इसका त्याग करना चाहिए।
भद्रा जब पाताल में रहती है तो नहीं होता कोई असर
भद्रा जब पाताल में रहती है तो नहीं होता कोई असर पंडित दुलीचंद शर्मा का कहना है कि इस बार भद्रा का साया रक्षाबंधन पर नहीं है। इस बार पूर्णिमा पर भद्रा पाताल में है। इसलिए राहु काल के समय को छोड़कर पूरे दिन राखी बांधने के लिए शुभ समय है।
राहु काल को छोड़कर पूरे दिन बांधे राखी
आचार्य लक्ष्मीचंद पाढ़ी का कहना है कि राहु काल को छोड़कर पूरे दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा। सूर्यास्त से पहले तक राखी बांधने का योग है। भद्रा का साया इस बार नहीं है।