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Ghaziabad News: घायल को नहीं मिला स्ट्रेचर, गोद में लेकर घूमते रहे साथी
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे घायल को स्ट्रेचर नहीं मिलने से इलाज कराने के लिए साथी उसे कभी गोद में लेकर तो कभी कंधों का सहारा देकर इधर-उधर से घूमते रहे। अस्पताल में एक्स-रे जांच नहीं होने से साथ में आए लोग कंधों पर टांगकर अस्पताल के बाहर से एक्स-रे कराकर लाए।
शनिवार को दोपहर एक मजदूर रामभजन बजरिया में काम करते हुए घायल हो गए। साथ में काम करने वाले अन्य साथियों ने दर्द निवारक मलहम लगाया, लेकिन आराम नहीं हुआ तो एममएजी अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए। अंदर पहुंचने से पहले ही इमरजेंसी के गेट पर खड़े स्टाफ ने कहा अभी पौने दो बज रहा है, जल्दी जाओ हड्डी रोग विभाग में डॉक्टर को दिखा लो। लेकिन, उन्हें व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं दिया गया। उनके गोद में लेकर रामभजन को हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में पहुंचे, वहां पर डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी। लेकिन एक स्टाफ ने बताया कि अब अस्पताल बंद हो गया है, जाओ बाहर से जांच करा लो। इसके बाद उन्हें कंधे पर टांगकर बाहर जांच कराने ले गए। रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने बताया कि पैर में मोच आ गई है। प्लास्टर चढ़वा दिया।
इस मामले में सीएमएस डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि इमरजेंसी के बाहर ही गेट पर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर रखी है। मरीज या तीमारदार को क्यों नहीं उपलब्ध कराया गया, इसकी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कराई जाएगी। जो भी स्टाफ दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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शनिवार को दोपहर एक मजदूर रामभजन बजरिया में काम करते हुए घायल हो गए। साथ में काम करने वाले अन्य साथियों ने दर्द निवारक मलहम लगाया, लेकिन आराम नहीं हुआ तो एममएजी अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए। अंदर पहुंचने से पहले ही इमरजेंसी के गेट पर खड़े स्टाफ ने कहा अभी पौने दो बज रहा है, जल्दी जाओ हड्डी रोग विभाग में डॉक्टर को दिखा लो। लेकिन, उन्हें व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं दिया गया। उनके गोद में लेकर रामभजन को हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में पहुंचे, वहां पर डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी। लेकिन एक स्टाफ ने बताया कि अब अस्पताल बंद हो गया है, जाओ बाहर से जांच करा लो। इसके बाद उन्हें कंधे पर टांगकर बाहर जांच कराने ले गए। रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने बताया कि पैर में मोच आ गई है। प्लास्टर चढ़वा दिया।
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इस मामले में सीएमएस डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि इमरजेंसी के बाहर ही गेट पर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर रखी है। मरीज या तीमारदार को क्यों नहीं उपलब्ध कराया गया, इसकी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कराई जाएगी। जो भी स्टाफ दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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