फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   The conversion gang was getting funds from PFI

Ghaziabad News: पीएफआई से मिल रहा था धर्मांतरण गिरोह को फंड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jul 2023 12:54 AM IST
विज्ञापन
The conversion gang was getting funds from PFI
सुमित शिशौदिया
विज्ञापन

साहिबाबाद। धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के सदस्य मुसीर, अब्दुल्ला और राहिल को जेल से आठ घंटे की रिमांड पर लेकर पुलिस ने बृहस्पतिवार की सुबह से शाम तक पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि तमाम सवालों के जवाब मिल गए हैं। पूछताछ में पता चला कि गिरोह को धर्मांतरण के लिए फंड कट्टर इस्लामिक संगठन पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) से मिल रहा था। पीएफआई यह रकम जमात के चंदे के नाम से दे रही थी। फंड सीधे गिरोह को नहीं, बल्कि धर्मांतरण में ही लगी फतेहपुर के मौलाना उमर गौतम की संस्था इस्लामिक दावा सेंटर की मार्फत दिया जा रहा था। यह भी साफ हो गया कि उमर गौतम ने ही 2015 में सौरभ खुराना को अब्दुल्ला बनाकर उसे धर्मांतरण की मुहिम में लगाया था।
पुलिस ने बताया कि मौलाना उमर गौतम को उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसने 1984 में नैनीताल में एमएससी की पढ़ाई के दौरान धर्मांतरण किया था। पहले उसका नाम श्याम प्रताप गौतम था। दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से इस्लामिक स्टडीज में एमए करने के बाद वह इस मुहिम में जुटा। फरवरी 2021 में फतेहपुर में उसकी गिरफ्तारी के दौरान खुलासा हुआ था कि वह 350 लोगों का धर्मांतरण करा चुका है।
विज्ञापन

रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ में पलवल निवासी अब्दुल्ला से पहला सवाल यही किया गया कि उसने धर्मांतरण क्यों किया और वह किसके कहने पर और लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहा था। पूछताछ के हवाले से पुलिस ने बताया कि अब्दुल्ला से उमर गौतम ने कहा था कि वह उसकी मुहिम को आगे बढ़ाए। इसके बाद उसने दिल्ली के संगम विहार के निवासी अपने परिचित राहुल अग्रवाल का धर्मांतरण करा उसे राहिल बनाया। नोएडा के काल सेंटर में काम करने वाले राहिल ने खोड़ा की युवती का धर्मांतरण कराकर उसके आनलाइन निकाह किया। उसने काल सेंटर में और भी युवतियों का धर्मांतरण कराने की कोशिश की।
विज्ञापन
विज्ञापन

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से बीडीएस कर चुके अब्दुल्ला ने राहुल की तरह की संगम विहार के तीन और युवकों का धर्मांतरण कराया। इन लोगों ने औरों का धर्मांतरण कराया। इस तरह चेन बनती चली गई। पुलिस को अब्दुल्ला की निशानदेही पर उसके धर्मांतरण का प्रमाण पत्र भी मिला। यह इस्लामिक दावा सेंटर की ओर से जारी है। इस पर मौलाना उमर गौतम के हस्ताक्षर हैं। राहिल की निशानदेही पर खोड़ा से धर्मांतरण संबंधी कई दस्तावेज मिले। ये खाली पड़े प्लाट में दबाकर रखे गए थे।



विदेश से भी फंड मिलने की आशंका
अब्दुल्ला ने पूछताछ में बताया कि पीएफआई पर पाबंदी लगने के बाद इस्लामिक दावा सेंटर को उसकी ही एक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) से जमात के लिए फंड मिलता रहा। एसडीपीआई पर पाबंदी नहीं लगी थी। धर्मांतरण के लिए विदेश से भी पैसा भेजा जाता है। विदेश से फंड मिलने के सवाल पर उसने कहा कि उसे और उसके गिरोह के सदस्यों को बाहर से पैसा नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि विदेश से फंड पीएफआई को मिल रहा है। पीएफआई ऐसे गिरोह की फंडिंग कर रही है। अब्दुल्ला के मोबाइल की काॅल डिटेल से पता चला कि वह इंडोनेशिया के एक युवक के संपर्क में था। उससे कोड वर्ड में चैटिंग करता था। नाम की जगह एएच लिखता था।



नोएडा में कराया था 18 बच्चों का धर्मांतरण
अब्दुल्ला, मुसीर और राहिल के गिरोह के तार जिस इस्लामिक दावा सेंटर से जुड़े मिले हैं, उसने नोएडा में 18 मूक-बधिर बच्चों का धर्मांतरण कराया था। पुलिस ने बताया कि इसका खुलासा मौलाना उमर की गिरफ्तारी पर हुआ था। 2005 से आठ कमरों में चल रहे नोएडा डेफ सोसायटी के स्कूल में 35 बच्चे पढ़ रहे थे। उनमें से दो साल के भीतर 18 का धर्मांतरण कराया गया था। अब्दुल्ला के बारे में पिछले दिनों यह भी जानकारी मिली थी कि वह आगरा के एक प्रोफेसर के संपर्क में था। हालांकि, पूछताछ में उसने कहा कि वह आगरा के किसी प्रोफेसर को नहीं जानता है।


फिर से हो सकती है पूछताछ
डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन विवेक चंद्र ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब्दुल्ला, राहिल और मुसीर से पूछताछ की। इसमें तमाम जानकारी मिली हैं। विदेशी फंडिंग के बिंदू पर भी जांच की जा रही है। कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। आरोपियों को फिर से रिमांड पर लिया जाएगा।



तार से जुड़े तार
1. दिल्ली के संगम विहार निवासी सौरभ खुराना को 2014 में एएमयू से बीडीएस की पढ़ाई के दौरान मौलाना उमर गौतम के बारे में पता चला।
2. 2015 में वह दिल्ली में मौलाना से मिला। इस्लामिक दावा सेंटर के दिल्ली दफ्तर में मौलाना से उसका धर्मांतरण कराया। वह अब्दुल्ला बन गया।
3. अब्दुल्ला ने उमर गौतम की धर्मांतरण की मुहिम को आगे बढ़ाने का जिम्मा लिया। उसने सबसे पहले पलवल निवासी अपने दोस्त राहुल का धर्मांतरण कराया। वह राहिल बन गया।
4. राहिल नोएडा के जिस काल सेंटर में काम करता था, उसने वहां की युवती का धर्मांतरण कराया। युवती घर पर नमाज पढ़ने लगी तो परिजनों को शक हुआ।
5. युवती के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो पूरा गिरोह पकड़ा गया। पता चला कि अब्दुल्ला की तरह ही मुसीर भी धर्मांतरण करा रहा है। दोनों दोस्त हैं।

6. तीनों ने पूछताछ में बताया कि वह 10 से ज्यादा लोगों का धर्मांतरण करा चुके हैं। जिनका धर्मांतरण कराया, वे भी उनकी तरह ही मुहिम को आगे बढ़ाकर और लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed