{"_id":"579269944f1c1ba07cc4b6ca","slug":"sudhan-down-from-bicycle-while-riding-on-elephant","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइकिल से उतरकर हाथी पर सवार हुए सुधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइकिल से उतरकर हाथी पर सवार हुए सुधन
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 23 Jul 2016 12:54 AM IST
विज्ञापन
राजनीतिक
- फोटो : अमर उजाला
जैसी कि संभावना थी, दो दिन पूर्व ही सपा से निष्कासित किए गए सुधन रावत ने शुक्रवार को बसपा का दामन थाम ही लिया। शुक्रवार को मेरठ रोड स्थित एक फार्म हाउस में आयोजित बसपा के कार्यक्रम में पार्टी के पश्चिमी यूपी प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सुधन को पार्टी में शामिल करते हुए उन्हें मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस अवसर पर सुधन ने 70 किलो पीतल का हाथी नसीमुद्दीन सिद्दीकी को भेंट किया।
इस अवसर पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि पार्टी और पार्टी सुप्रीमो मायावती पर जनता की आस्था लगातार प्रबल होती जा रही है। अन्य सभी राजनीतिक दलों में भगदड़ मची है। उन्होंने कहा कि सुधन पहले से ही बसपा के साथ थे, बस घोषणा आज हुई है।
बता दें कि सपा के टिकट से सुधन 2012 में मेयर चुनाव लडे़ थे, मगर वह हार गए। इसके बाद 2014 में सपा के टिकट से ही लोकसभा और फिर 2016 में मेयर उपचुनाव में भी वह हार गए। अब उन्होंने बसपा का दामन थामा है।
विज्ञापन
इस अवसर पर सांसद दयाशंकर सिंह के परिजनों द्वारा बसपाइयों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के सवाल पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कहना था कि कोई हमारी नेता को गाली दे, अपशब्द कहे और हम विरोध प्रदर्शन भी न करें, यह कहां का न्याय है। उनका कहना था कि बसपा सुप्रीमो पर अशोभनीय टिप्पणी को लेकर बसपाइयों में काफी रोष था। बड़ी मुश्किल से उन्हें रोका गया।
विज्ञापन
इस अवसर पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि पार्टी और पार्टी सुप्रीमो मायावती पर जनता की आस्था लगातार प्रबल होती जा रही है। अन्य सभी राजनीतिक दलों में भगदड़ मची है। उन्होंने कहा कि सुधन पहले से ही बसपा के साथ थे, बस घोषणा आज हुई है।
विज्ञापन
बता दें कि सपा के टिकट से सुधन 2012 में मेयर चुनाव लडे़ थे, मगर वह हार गए। इसके बाद 2014 में सपा के टिकट से ही लोकसभा और फिर 2016 में मेयर उपचुनाव में भी वह हार गए। अब उन्होंने बसपा का दामन थामा है।
विज्ञापन
इस अवसर पर सांसद दयाशंकर सिंह के परिजनों द्वारा बसपाइयों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के सवाल पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कहना था कि कोई हमारी नेता को गाली दे, अपशब्द कहे और हम विरोध प्रदर्शन भी न करें, यह कहां का न्याय है। उनका कहना था कि बसपा सुप्रीमो पर अशोभनीय टिप्पणी को लेकर बसपाइयों में काफी रोष था। बड़ी मुश्किल से उन्हें रोका गया।