फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Studying AI Will Boost Earnings

Ghaziabad News: एआई की पढ़ाई से बढ़ेगी अंकों की कमाई

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
Studying AI Will Boost Earnings
गाजियाबाद। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ व उनके संबद्ध काॅलेजों ने नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के दिशा-निर्देशों के तहत छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा और अंक क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम को अपनाया है। पहली बार सत्र 2026-2027 में दाखिला लेने वाले स्नातक के छात्रों को पहले ही सेमेस्टर से एआई की पढ़ाई करनी होगी। इसका सीधा फायदा छात्रों को मिलने वाले क्रेडिट अंकों में मिलेगा। हर सप्ताह तीन क्रेडिट स्कोर छात्रों के समर्थ पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे।
विज्ञापन

गाजियाबाद में विश्वविद्यालय के जिला कोऑर्डिनेटर बनाए गए प्रोफेसर अनिल गोविंदन के अनुसार, इस प्रणाली के तहत विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम और गतिविधियों में क्रेडिट अर्जित करेंगे। हर सप्ताह तीन क्रेडिट वाले छात्र विशेष रूप से उच्च योग्यता और कौशल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। वहीं, कुल 100 क्रेडिट अंक होंगे। इनमें से 60 क्रेडिट अंक विश्वविद्यालय स्तर से दिए जाएंगे और 40 अंक कॉलेज में कराई गई पढ़ाई के आधार पर दिए जाएंगे। इसके लिए विकल्प प्रश्न उत्तर छात्रों को दिए जाएंगे। इनमें से 75 अंक छात्र को पास होने के लिए हासिल करने होंगे। तभी उन्हें पासिंग सर्टिफिकेट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एआई आधारित शिक्षा से छात्रों को व्यक्तिगत सीखने का अवसर मिलेगा। इससे वे अपनी कमजोरी और ताकत को पहचानकर सुधार कर सकते हैं।
विज्ञापन

स्नातक के हर पारंपरिक कोर्स में होगा जरूरी
विश्वविद्यालय के हर पारंपरिक कोर्स बीए, बीकॉम और बीएससी में इसको अब पहले ही सत्र से शामिल कर दिया जाएगा। साथ ही छात्र विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अलग-अलग भाषाओं और टेक्नोलॉजी के विभिन्न क्षेत्रों में दक्षता प्राप्त कर सकेंगे। इस कदम से छात्रों को कॅरिअर और रोजगार में बेहतर अवसर मिलेंगे, क्योंकि एआई आधारित क्रेडिट स्कोरिंग के जरिये उनकी योग्यता और कौशल की सटीक पहचान भी मिल सकेगी। अनिल गोविंदन ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक, रोजगार-उन्मुख और बहुआयामी कौशल प्रदान करना भी है। इसलिए इसे पारंपरिक पाठ्यक्रम में पहले ही सत्र से जोड़ा गया है। इस नए सिस्टम से छात्र अपने कॅरिअर की दिशा खुद चुन सकेंगे और वैश्विक स्तर पर बेहतर प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed