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Ghaziabad News: लोकार्पण को सात माह बीते, मल्टीलेवल पार्किंग की नहीं मिली सुविधा
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गाजियाबाद। शहर की जिस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सात महीने पहले कराया गया, उसकी सुविधा आज तक शहरवासियों को नहीं मिल सकी है। मल्टीलेवल कार पार्किंग शुरू होने का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
12 मार्च को लखनऊ में प्रदेश की नगर विकास से जुड़ी 11 हजार करोड़ रुपये लागत की परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण और शिलान्यास किया गया था। गाजियाबाद नगर निगम से जुड़ी करीब 40.34 करोड़ रुपये लागत की तीन परियोजनाएं लोकार्पण का हिस्सा रहीं, जिसमें बस अड्डे के पीछे बनाई गई मल्टीलेवल पार्किंग भी शामिल थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि लोकार्पण के एक-दो दिन बाद पार्किंग की सुविधा लोगों को मिलने लगेगी, लेकिन सात महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह सुविधा जनता को नहीं मिली है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा का कहना कि जिस फर्म के साथ पार्किंग के संचालन का अनुबंध हुआ है, उससे अनुबंध होना बाकी है। अनुबंध होने के साथ ही पार्किंग की सुविधा शुरू हो जाएगी।
बता दें कि, राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 38.83 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीलेवल कार पार्किंग का निर्माण किया गया है। जल निगम की कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) ने इसे बनाया है। इस पार्किंग में 200 कारें और लगभग 600 दोपहिया एक साथ खड़े हो सकेंगे।
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12 मार्च को लखनऊ में प्रदेश की नगर विकास से जुड़ी 11 हजार करोड़ रुपये लागत की परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण और शिलान्यास किया गया था। गाजियाबाद नगर निगम से जुड़ी करीब 40.34 करोड़ रुपये लागत की तीन परियोजनाएं लोकार्पण का हिस्सा रहीं, जिसमें बस अड्डे के पीछे बनाई गई मल्टीलेवल पार्किंग भी शामिल थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि लोकार्पण के एक-दो दिन बाद पार्किंग की सुविधा लोगों को मिलने लगेगी, लेकिन सात महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह सुविधा जनता को नहीं मिली है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा का कहना कि जिस फर्म के साथ पार्किंग के संचालन का अनुबंध हुआ है, उससे अनुबंध होना बाकी है। अनुबंध होने के साथ ही पार्किंग की सुविधा शुरू हो जाएगी।
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बता दें कि, राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 38.83 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीलेवल कार पार्किंग का निर्माण किया गया है। जल निगम की कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) ने इसे बनाया है। इस पार्किंग में 200 कारें और लगभग 600 दोपहिया एक साथ खड़े हो सकेंगे।
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