फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Session started: One and a half month has passed, books have not yet reached the schools

सेशन शुरू : डेढ़ महीने बीते, अभी तक स्कूलों में नहीं पहुंची किताबें

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 May 2025 12:42 AM IST
विज्ञापन
Session started: One and a half month has passed, books have not yet reached the schools
गाजियाबाद। परिषदीय स्कूलों में सेशन शुरू हुए डेढ़ महीने से अधिक का समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक स्कूलों में सभी किताबें नहीं पहुंची हैं। पहली, दूसरी कक्षा की एक-एक किताब तो तीसरी कक्षा की केवल दो किताबें आई हैं। यह भी अभी सभी स्कूलों में नहीं पहुंच सकी हैं।
विज्ञापन

इस संबंध में नगर क्षेत्र प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमित गोस्वामी ने बताया कि पुस्तकें धीरे-धीरे आ रही हैं। पहली, दूसरी की हिंदी की किताब आई और तीसरी की संस्कृत व अंग्रेजी की पुस्तक आई हैं। यह भी अभी सभी स्कूलों में नहीं पहुंची हैं। चौथी, पांचवीं की सभी पुस्तकें आ चुकी हैं। जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दीपक शर्मा का कहना है कि किताबें धीमी गति से आ रही हैं। अब सोमवार से स्कूल बंद हो जाएंगे, उम्मीद है एक जुलाई तक सभी किताबें स्कूलों में पहुंच जाएंगी।
विज्ञापन

इस संबंध में जिला समन्वयक (दिव्यांग) डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि पहली से तीसरी तक कुल 26 टाइटल हैं। 10 टाइटल की किताबें आ चुकी हैं। दो, तीन दिन में सब बंट जाएंगी। नगर क्षेत्र में तो अधिकतर जगह बंट चुकी हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में भेजी जा रही हैं। बीएसए ओपी यादव का कहना है कि जैसे-जैसे किताबें आ रही हैं, स्कूलों में वितरित की जा रही हैं। काम तेजी से चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस साल तीसरी में भी पढ़ाई जाएंगी एनसीईआरटी की पुस्तक
हर साल एक-एक कक्षा बढ़ाकर एनसीईआरटी की पुस्तकें स्कूलों में लगाई जा रही हैं। पहले पहली और दूसरी में एनसीईआरटी की पुस्तक लगाई गई। इस बार इसे तीसरी कक्षा में भी लगाया गया है। अगली साल चौथी और फिर पांचवीं में लगाया जाएगा। इस संदर्भ में जिला समन्यवक (दिव्यांग) डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि इस बार तीसरी कक्षा में सभी एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी।

शिक्षकों को आ रहीं मुश्किलें
प्राथमिक विद्यालय नासिरपुर की शिक्षिका संगीता ने बताया कि एनसीईआरटी की पुस्तकें बच्चों के लिहाज से बहुत कठिन हैं। इसमें सीधे वर्ण नहीं वाक्य आ गए हैं। इससे बच्चों को सिखाने में बहुत दिक्कत आ रही है। नियमानुसार बच्चा आंगनबाड़ी केंद्र से पढ़कर तब प्राइमरी में आए तो उसे वर्णमाला आएगी, लेकिन यहां बच्चे सीधे पहली, दूसरी में आते हैं। ऐसे में पहले उन्हें पूरी वर्णमाला सिखाओ, फिर एनसीईआरटी पढ़ाओ। हर प्राइमरी विद्यालय में आसपास के आंगनबाड़ी केंद्र का नंबर होना चाहिए। जिससे छह साल से कम बच्चों को वहां भेजा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed