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सारा मौत प्रकरण: शव का पंचनामा भरते समय नहीं थी महिला नर्स, उस दिन नहीं थी किसी की ड्यूटी
Sat, 28 Aug 2021 12:30 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 28 Aug 2021 12:30 PM IST
सार
सुनवाई के दौरान अदालत में आरोपी नायब तहसीलदार केशव मुरारी और डॉ. पंकज राकेश मौजूद थे, जबकि आरोपी विधायक ने अधिवक्ता के माध्यम से हाजिरी माफी भेजी थी। सारा की मां सीमा सिंह के अधिवक्ता नवनीत त्यागी ने बताया कि लखनऊ से दिल्ली कार से जाते समय नौ जुलाई 2015 को सारा की सड़क दुघर्टना में संदिग्ध रूप से मौत हो गई थी।
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पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी व सारा की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सारा के शव का पंचनामा भरते समय कोई महिला नर्स मौजूद नहीं थी, क्योंकि उस दिन पंचनामा भरते समय किसी महिला नर्स की ड्यूटी ही नहीं लगाई गई थी। यह बयान सारा मौत प्रकरण में सीबीआई कोर्ट में फिरोजाबाद के तत्कालीन सीएमओ डॉ. विनय कुमार ने दिया।
सुनवाई के दौरान अदालत में आरोपी नायब तहसीलदार केशव मुरारी और डॉ. पंकज राकेश मौजूद थे, जबकि आरोपी विधायक ने अधिवक्ता के माध्यम से हाजिरी माफी भेजी थी। सारा की मां सीमा सिंह के अधिवक्ता नवनीत त्यागी ने बताया कि लखनऊ से दिल्ली कार से जाते समय नौ जुलाई 2015 को सारा की सड़क दुघर्टना में संदिग्ध रूप से मौत हो गई थी।
मामले की जांच सीबीआई कर रही है। डॉ. पंकज पर आरोप है कि अमनमणि के साथ मिलकर षड्यंत्र पूर्वक झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की, जबकि नायब तहसीलदार पर आरोप है कि पंचनामा गलत तरीके से भरा है।
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18 जुलाई 15 को इस मामले में अमनमणि पर षड्यंत्र पूर्वक सारा की हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। 14 अक्तूबर 15 को जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने अमनमणि त्रिपाठी के खिलाफ हत्या षड्यंत्र के आरोप में चार्जशीट दाखिल की।
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सुनवाई के दौरान अदालत में आरोपी नायब तहसीलदार केशव मुरारी और डॉ. पंकज राकेश मौजूद थे, जबकि आरोपी विधायक ने अधिवक्ता के माध्यम से हाजिरी माफी भेजी थी। सारा की मां सीमा सिंह के अधिवक्ता नवनीत त्यागी ने बताया कि लखनऊ से दिल्ली कार से जाते समय नौ जुलाई 2015 को सारा की सड़क दुघर्टना में संदिग्ध रूप से मौत हो गई थी।
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मामले की जांच सीबीआई कर रही है। डॉ. पंकज पर आरोप है कि अमनमणि के साथ मिलकर षड्यंत्र पूर्वक झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की, जबकि नायब तहसीलदार पर आरोप है कि पंचनामा गलत तरीके से भरा है।
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18 जुलाई 15 को इस मामले में अमनमणि पर षड्यंत्र पूर्वक सारा की हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। 14 अक्तूबर 15 को जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने अमनमणि त्रिपाठी के खिलाफ हत्या षड्यंत्र के आरोप में चार्जशीट दाखिल की।
विवेचना के दौरान पता चला कि याची डॉक्टर ने स्वीपर की मदद से पोस्टमार्टम किया था और बिसरा सुरक्षित नहीं किया। रिपोर्ट में अमनमणि त्रिपाठी को बचाने के लिए चोटें छिपाई और झूठी रिपोर्ट पेश की। याची ऑटोप्सी का डॉक्टर नहीं है और उसने ऐसे डॉक्टर की राय भी नहीं ली। मृत्यु का कारण नहीं बताया गया, पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं कराई गई थी।