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Ghaziabad News: नगर निगम की 100 करोड़ की जमीन पर कब्जे की जांच पूरी, कार्रवाई का इंतजार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 02:05 AM IST
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Probe into encroachment on Municipal Corporation land worth
गाजियाबाद। सदरपुर में नगर निगम की करीब 100 करोड़ रुपये की जमीन पर कथित कब्जे के मामले में एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। इसमें करीब पांच महीने लगे। एडीएम भू-अर्जन अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि अगले सप्ताह रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके बाद कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के लिए रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा। अब तक की जांच में जमीन पर गलत तरीके से बदलाव किए जाने की बात सामने आ रही है।
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मई 2026 में महापौर सुनीता दयाल की शिकायत पर सदरपुर में नगर निगम की करीब 100 करोड़ रुपये की जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया था। इसकी जांच के लिए एडीएम अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। कई बैठकों के बाद भी मामले में स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल सका था।
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इसके बाद एसआईटी प्रभारी एडीएम अवनीश कुमार सिंह ने संबंधित विभागों चकबंदी व नगर निगम से मामले में दोबारा रिपोर्ट मांगी थी। एडीएम ने बताया कि नगर निगम की रिपोर्ट इसी सप्ताह मिली है। चकबंदी विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसी के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।
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कविनगर थाने में दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी
मामले में 25 अप्रैल 2023 को जीडीए की ओर से नगर निगम को लिखे गए पत्र में जमीन के ग्राम समाज की होने की जानकारी दी गई थी। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखागार की अक्तूबर 2000 में तैयार रिपोर्ट में अभिलेख के आकार पत्र-45 से संबंधित पृष्ठ गायब मिले। इस संबंध में कविनगर थाने में राजस्व अभिलेखागार में तैनात जयप्रकाश की ओर से धर्मबीर और ब्रह्म सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

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चकबंदी विभाग बता चुका है आदेश को फर्जी
नगर निगम की रिपोर्ट से पहले चकबंदी अधिकारी की जांच रिपोर्ट में उस आदेश की पत्रावली उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई थी, जिसके आधार पर जमीन को ऊसर से आबादी की श्रेणी में दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि ग्राम समाज की जमीन की श्रेणी बदलने का अधिकार चकबंदी न्यायालय को नहीं है। ऐसे में जमीन की श्रेणी में किया गया बदलाव गलत, अवैधानिक, संदिग्ध और कूटरचित माना गया है।
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