Cyber Crime: साइबर ठगों के नए तरीके, महिला को एक लाख डॉलर का लालच देकर ठग लिए 7.75 लाख रुपये
साइबर ठगों ने गाजियाबाद में अमेरिका का लालच देकर 7.75 लाख रुपये और वेव सिटी में मिस्ट्री बॉक्स के बहाने 16.92 लाख रुपये की ठगी की। दोनों मामलों में पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
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साइबर ठगों के नए शातिराना तरीके सामने आए हैं। जिनमें लालच और विश्वास का दुरुपयोग कर बड़ी रकम की ठगी की जा रही है। हाल ही में गाजियाबाद की शहीदनगर निवासी निशा को ठगे अमेरिका का बताकर और बहन बनने का लालच देकर 7.75 लाख रुपये ठग लिए।
इसके लिए उन्हें उपहार में एक लाख डाॅलर देने का लालच दिया। निशा ने बताया कि अपना नाम अमन बताते हुए ठग ने कॉल कर कहा कि उसका इस दुनिया में कोई भी नहीं है। इस तरह की बात सुनकर उन्हें उस पर दया आ गई। उन्होंने अमन से आगे बातचीत करनी शुरू कर दी। अगले दिन उनके पास फोन आया। ठग ने कहा कि वह भारत आना चाहता है। उसके पास बहुत ज्यादा संपत्ति है। वह उन्हें एक लाख डाॅलर उपहार में देने के लिए लेकर आ रहा है।
12 अगस्त को शातिर ने फिर कॉल की और कहा कि वह 13 अगस्त को मुंबई पहुंच जाएगा। उसने विश्वास दिलाने के लिए एयरपोर्ट के फोटो उनको भेजे। अगले दिन शातिर ने मुंबई एयरपोर्ट का फोटो भेजा और कुछ देर बाद कॉल कर कहा कि उसे सीबीआई ने रोक लिया है। ज्यादा रकम होने की वजह से वह पूछताछ कर रहे हैं।
छोड़ने के लिए उसने अधिकारियों से बात की है तो वह रुपयों की मांग कर रहे हैं। उसकी बातों में आकर निशा ने 11 बार में कुल 7.45 लाख की रकम भेज दी। इसके बावजूद भी बार बार फोन करके और रकम भेजने को कह रहा था। लेकिन उनके पास और पैसा नहीं था। जब उसे लगा तो उसको और पैसा मिलने वाला नहीं है तो उसने संपर्क तोड़ दिया।
वहीं, दूसरी ओर वेव सिटी काजीपुरा निवासी शैलेंद्र चौधरी ने यूट्यूब पर एक मिस्ट्री बॉक्स का विज्ञापन देखकर एप डाउनलोड किया। जिसके बाद उन्होंने 16.92 लाख रुपये की राशि 15 बार में ट्रांसफर कर दी। लेकिन, न तो उन्हें कोई मिस्ट्री बॉक्स मिला और न ही उनका पैसा वापस हुआ। ठगों ने उनके साथ संपर्क करना बंद कर दिया और अब शैलेंद्र ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। साइबर थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि साइबर ठग लगातार नए तरीके और स्कीम्स के जरिए लोगों को ठगने में सफल हो रहे हैं। लोगों को सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि ऐसे ठगी के मामलों से बचा जा सके।