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एमजीआर औद्योगिक क्षेत्र अब बुलंदशहर डीआईसी में
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Fri, 12 Aug 2016 01:18 AM IST
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उद्योग
- फोटो : Demo Pic.
मसूरी गुलावठी रोड (एमजीआर) औद्योगिक क्षेत्र को अब जिला उद्योग केंद्र बुलंदशहर (डीआईसी) के अधीन कर दिया गया है। पहले यह औद्योगिक क्षेत्र गाजियाबाद में था। शासन द्वारा किए गए इस बदलाव से उद्यमियों में काफी रोष है। इस मामले में वह जल्द ही मुख्यमंत्री और लघु व सूक्ष्म उद्योग मंत्री से मिलकर औद्योगिक क्षेत्र को वापस गाजियाबाद में शामिल करने की मांग करेंगे।
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उद्यमियों का कहना है कि एमजीआर औद्योगिक क्षेत्र का प्रशासनिक ढांचा बदलने से यहां के उद्यमों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। एमजीआर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष एनएन मिश्रा ने बताया कि फैक्ट्री लगाने के लिए सारी कार्यवाही जिला उद्योग केंद्र से ही होती है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र में जितने उद्यमी हैं उनमें अधिकांश गाजियाबाद और दिल्ली के हैं।
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इस बदलाव से अब यूपीएसआईडीसी, बिजली विभाग, प्रशासनिक कार्य, जिला उद्योग बंधु की बैठक में हिस्सा लेने व अपनी समस्याओं के निदान के लिए यहां सेे करीब 50 किलोमीटर दूर बुलंदशहर जाना पड़ेगा।एसोसिएशन के वाइस प्रेजिडेंट निरंजन त्यागी ने बताया कि डीआईसी बुलंदशहर में औद्योगिक क्षेत्र के जाने से काफी नुकसान होगा।
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उद्यमियों को हर छोटे काम के लिए बुलंदशहर भागना पड़ेगा। नए उद्योग नहीं लगाने में दिक्कतें आएंगी। संभव है कि वर्तमान में जो उद्योग हैं वह भी पलायन करने लगें।यूपीएसआईडीसी को होगी राजस्व की क्षतिएमजीआर औद्योगिक क्षेत्र करीब 15 किलोमीटर में फैला हुआ है। यहां 700 उद्योग हैं। वर्तमान में 500 छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं।
एमजीआर क्षेत्र से यूपीएसआईडीसी को मेंटीनेंस के नाम पर सालाना 10 से 12 करोड़ रुपये टैक्स में रूप में मिलता है। बुलंदशहर जाने पर विभाग को भी काफी क्षति होगी।