फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Lawyers abstained from judicial work over the demand for a High Court bench.

Ghaziabad News: हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 01:13 AM IST
विज्ञापन
Lawyers abstained from judicial work over the demand for a High Court bench.

विज्ञापन
गाजियाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ (बेंच) स्थापित करने और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को कचहरी में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने अदालतों में न्यायिक कार्य में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, न्यायालयों में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहा। जिन अदालतों में अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुए, वहां संबंधित मामलों में अगली तारीख निर्धारित कर दी गई।
बार एसोसिएशन गाजियाबाद के अध्यक्ष ब्रह्मादेव त्यागी ने बताया कि हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति के तत्वावधान में कानपुर में 10 व 11 सितंबर को आयोजित अधिवक्ता महासम्मेलन में 16 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया था।
विज्ञापन

इसी निर्णय के तहत गाजियाबाद में भी अधिवक्ता अदालतों की कार्यवाही से अलग रहे। इस दौरान कई अधिवक्ता अपने चैंबर में बैठे रहे और बेंच की मांग समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा करते रहे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने के साथ अधिवक्ताओं के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
न्याय यात्रा की तैयारी पर भी चर्चा
मंगलवार को मेरठ बार एसोसिएशन में हुई वर्चुअल बैठक में कानपुर महासम्मेलन में लिए गए निर्णयों पर सहमति बनी थी। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया गया। इस दौरान न्याय यात्रा आयोजित करने को लेकर भी चर्चा हुई और इसकी योजना तैयार करने पर सहमति बनी।

----
दूर नहीं जाना पड़ेगा
अधिवक्ताओं का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित होने से इस क्षेत्र के लोगों को न्याय के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुगम हो सकेगी। वहीं, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू होने से अधिवक्ताओं को अपने कार्य के दौरान सुरक्षा और संरक्षण मिलने की व्यवस्था मजबूत होगी। अधिवक्ताओं ने दोनों मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed