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Ghaziabad News: मजदूर के बेटे ने रचा इतिहास, जेईई में लहराया परचम
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साहिबाबाद। मेहनत, संघर्ष और लगन के दम पर रामप्रस्थ निवासी राहुल अहिरवार ने जेईई एडवांस में सफलता पाई है। राजमिस्त्री बाबू लाल के बेटे राहुल अहिरवार ने जेेईई एडवांस्ड परीक्षा में 1367वीं रैंक पाकर परिवार का नाम रोशन किया है।
दिल्ली के एक सरकारी स्कूल से इसी वर्ष राहुल ने 86 फीसदी अंक से बारहवीं पास की है। दिन में 11 घंटे अपनी किताबों के साथ बिताने वाले राहुल का सपना आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना है। पढ़ाई के बाद व खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। राहुल ने बताया कि उनके जीवन के सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत उनके पिता हैं, जिन्होंने तमाम परेशानियों के बाद भी उनकी शिक्षा-दीक्षा में किसी तरह की कोई कमीं नहीं होने दी। राहुल ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई दिल्ली के सरकारी स्कूल से की है। अपनी दसवीं की परीक्षा को पास करने के बाद उन्होंने कोचिंग के लिए छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा पास की। ताकि वह अपनी पढ़ाई बिना किसी वित्तीय परेशानी के जारी रख सकें। इसके बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या का अधिकतर समय अपनी किताबों के साथ बिताना शुरू कर दिया और किताबों से हुई इस दोस्ती ने उन्हें जेईई एडवांस्ड परीक्षा में उत्तीर्ण करा दिया। राहुल की इस सफलता से आज ना सिर्फ उनका परिवार बल्कि पड़ोसी और रिश्तेदारों में भी खुशी की लहर है। राहुल का यह जज्बा उस हर छात्र के लिए मिसाल है जो सीमित साधनों में भी बड़े सपने देखता है और उन्हें साकार करने का जज्बा रखता है।
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दिल्ली के एक सरकारी स्कूल से इसी वर्ष राहुल ने 86 फीसदी अंक से बारहवीं पास की है। दिन में 11 घंटे अपनी किताबों के साथ बिताने वाले राहुल का सपना आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना है। पढ़ाई के बाद व खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। राहुल ने बताया कि उनके जीवन के सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत उनके पिता हैं, जिन्होंने तमाम परेशानियों के बाद भी उनकी शिक्षा-दीक्षा में किसी तरह की कोई कमीं नहीं होने दी। राहुल ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई दिल्ली के सरकारी स्कूल से की है। अपनी दसवीं की परीक्षा को पास करने के बाद उन्होंने कोचिंग के लिए छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा पास की। ताकि वह अपनी पढ़ाई बिना किसी वित्तीय परेशानी के जारी रख सकें। इसके बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या का अधिकतर समय अपनी किताबों के साथ बिताना शुरू कर दिया और किताबों से हुई इस दोस्ती ने उन्हें जेईई एडवांस्ड परीक्षा में उत्तीर्ण करा दिया। राहुल की इस सफलता से आज ना सिर्फ उनका परिवार बल्कि पड़ोसी और रिश्तेदारों में भी खुशी की लहर है। राहुल का यह जज्बा उस हर छात्र के लिए मिसाल है जो सीमित साधनों में भी बड़े सपने देखता है और उन्हें साकार करने का जज्बा रखता है।
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