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Ghaziabad News: दमकल विभाग की जांच में 123 होटलों में नहीं मिले आग बुझाने के संसाधन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 01 May 2025 12:37 AM IST
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In the investigation of the fire department, fire extinguishing equipment was not found in 123 hotels
गाजियाबाद। फायर विभाग की जांच में जिले में 123 होटलों में आगे बुझाने वाले फायर फाइटिंग सिस्टम खराब पाए गए हैं। विभाग की ओर से इन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। शहर के कुछ चुनिंदा होटलों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर होटल व रेस्टोरेंट में आग से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अगर यहां आग लगी तो बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है। होटल, रेस्टोरेंट, लाज और गेस्ट हाउस की बिल्डिंग बनाने से पहले नक्शे के हिसाब से अग्निशमन विभाग आग से सुरक्षा के लिए एनओसी जारी करता है।
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15 अप्रैल से फायर विभाग होटल, रेस्टोरेंट और लॉज का निरीक्षण कर रहा है। मात्र 15 दिनों के अभियान में 123 होटलों, रेस्टोरेंट और लॉज में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं पाए गए हैं। कुछ ऐसे हैं जिनमें आग लगने से इसमें ठहरने वालों के बचाव का रास्ता तक नहीं है। ऐसे भी होटल हैं जहां एनओसी ले रखी है लेकिन फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। ऐसे होटलों की 18 मई को शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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शो-पीस हैं अग्निशमन यंत्र

होटलों में बार-बार हो रही आग की घटनाओं के बाद भी संचालकों ने कोई सबक नहीं लिया है। ज्यादातर होटलों में लगे अग्निशमन यंत्र सिर्फ शो-पीस बनकर रह गए हैं। सीएफओ के मुताबिक अग्निशमन विभाग से 75 प्रतिशत होटल संचालकों ने एनओसी नहीं ली है। इसको लेकर विभाग के द्वारा पत्र भी लिखा जाता है। सभी होटलों व रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी मानक के साथ- साथ संचालकों व स्टाप को मॉक ड्रिल का अभियान जारी है।
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हाइड्रोलिक प्लेटफार्म उपलब्ध नहीं

शहर में करीब एक दर्जन बड़े होटल मल्टी स्टोरीज हैं। उसमें आग लगने के बाद बड़ा हादसा हो सकता है। ये सभी घनी आबादी बजरिया, कौशांबी, राजनगर एक्सटेंशन, लोनी और साहिबाबाद व इंदिरापुरम में स्थित हैं। हालांकि यहां आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग के पास हाइड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं है। होटलों का अपना सेट बैंक एरिया भी नहीं है। भीषण आग लगने की स्थिति में न तो कैंपस में दमकल घूम सकता है और न होटल के पीछे जा सकता है।

किचन में नहीं हैं अग्निशमन यंत्र

कई होटल और रेस्टोरेंट घनी आबादी के बीच स्थित है। इन होटल और रेस्टोरेंट में खुलेआम गैस सिलेंडर को चूल्हे के पास रखकर खाना बनाया जाता है, लेकिन यहां अग्निशमन यंत्र तक की व्यवस्था नहीं होती है। यहां आग से बचाव के लिए अन्य उपायों पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में अगर आग लग जाए तो बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है।


यह है शहर में स्थिति

-शहर में गलियों और मोहल्लों में खड़ी हैं बड़ी इमारतें और मॉल्स, होटल, रेस्टोरेंट

-बड़ी इमारतों में नहीं फायर फाइटिंग सिस्टम।

- स्टोरेज टैंक नहीं होने से पानी की भी नहीं पर्याप्त व्यवस्था

- बड़ी इमारतों में अग्निशमन को लेकर भी नहीं पुख्ता प्रबंध

- बिल्डिंग प्लान अनुसार नहीं बनाये गए हैं होटल-रेस्टोरेंट

सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि होटल और रेस्टोरेंट में माॅकड्रिल कराकर आग से बचाव की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान होटल का निरीक्षण भी किया जा रहा है। अभी तक 123 होटल और रेस्टोरेंट ऐसे पाए गए हैं जिन पर विभाग की एनओसी और आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इन्हें नोटिस भेजा जाएगा और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।


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