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होमगार्ड घोटाला : थानों में फर्जी मस्टररोल बनाकर दी अतिरिक्त तैनाती

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2019 01:12 AM IST
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homeguard fraud in ghaziabad
होमगार्ड घोटाला : थानों में फर्जी मस्टररोल बना कर दी अतिरिक्त तैनाती
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गाजियाबाद। होमगार्ड घोटाले की जांच में कई विभागों के अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है। शासन के निर्देश पर गठित कमेटी की तरफ से जांच जारी है। अभी तक की जांच में काफी बड़ी धांधली के संकेत मिल रहे हैं। कई विभागों में सिर्फ कागजों में होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई जबकि मौके पर उनसे कोई काम नहीं लिया गया। कुछ मामलों में सिर्फ उन्हें महीने में एक दो बार उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के लिए बुलाया गया। इसमें कई होम गार्ड कमांडेंट भी शक के दायरे में हैं, जिनके ऊपर प्रशासन की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। जांच में कुछ थानों में भी भारी फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। जहां पर फर्जी मस्टर रोल तैयार कर अतिरिक्त की तैनाती दिखाई गई। अब जांच कमेटी थानों से जवाब मांग रही है तो देते नहीं बन रहा है। कई थानों में जरूरत न होते हुए भी अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई।
सूत्रों के अनुसार अभी तक की जांच में जिले से जुड़े एक प्राधिकरण में सबसे ज्यादा घोटाला हुआ है, जहां पर हर महीने 60 से 70 होम गार्ड की अतिरिक्त ड्यूटी दिखाई गई, जबकि मौके पर ड्यूटी करने नहीं भेजा गया। अब इस बात की जांच जारी है कि क्या प्राधिकरण के अधिकारियों को इस बात की जानकारी थी या फिर कमांडेंट होम गार्ड कार्यालय की तरफ से ही खेल कर दिया गया। इस बात की भी जांच की जा रही है कि प्राधिकरण में ड्यूूटी का सत्यापन करने की क्या प्रक्रिया रही। क्या सिर्फ कागजों से सत्यापन हुआ या फिर जोन के अधिकारियों से भौतिक सत्यापन भी कराया गया। शुरूआत जांच में प्राधिकरण से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका को भी संदेह के घेरे में माना जा रहा है। इसी तरह का मामला प्रशासन से जुड़े एक विभाग का है जहां पर 30 होमगार्ड की ड्यूटी ऑन पेपर दिखाई गई लेकिन मौके पर सिर्फ 15 होम गार्ड ही भेजे गए। समाज कल्याण विभाग में कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय ने छह लोगों की ड्यूटी दिखाई गई, जबकि विभाग में सिर्फ चार होमगार्ड की तैनाती थी।
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संभागीय परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस में भी बड़ा ‘खेल’
प्रशासन की तरफ से जांच में पूरी गोपनीयता बरती जा रही है। अभी कोई भी अधिकारी खुल कर बोलने से बच रहा है लेकिन इतने संकेत जरूर मिल रहे हैं कि मामले में बड़ी कार्रवाई होगी। क्योंकि कई विभागों में बड़ा घालमेल किया गया है। इसमें ट्रैफिक पुलिस का भी नाम आता है, जहां पर चौराहों से लेकर अन्य कार्यालयों में बढ़ा-चढ़ाकर होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई, लेकिन मौके पर उतने होमगार्ड की कोई जरूरत नहीं थी। अतिरिक्त होमगार्ड की ड्यूटी लगाने के पीछे क्या उद्देश्य था, इस मामले में विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा जा रहा है। उधर, संभागीय परिवहन विभाग ने जरूरत से कहीं ज्यादा होमगार्ड की डिमांड की। उन दिनों में भी कार्यालय में होमगार्ड की तैनात दिखाई गई जब अवकाश था।
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वर्जन
- अभी जांच रिपोर्ट फाइनल नहीं हुई है। कुछ जगहों पर काफी बड़ी अनियमितता हुई है, जिनकी विस्तृत जांच जारी हैै। इस मामले में इसी सप्ताह मीटिंग होगी जिसके बाद पूरी स्थिति साफ हो जाएगी। - नीरज कुमार जादौन, एसपी देहात

- अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। कमेटी मामले में गठित है जो मामले में अपनी जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देगी। अगर कहीं पर कोई अनियमितता सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी
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