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Ghaziabad News: दादा ने पोते सहित तीन पर दर्ज कराया धोखाधड़ी का मुकदमा
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गाजियाबाद। लोनी के टीला शाहबाजपुर निवासी किसान रूपराम ने अपने पोते सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि उनके कम पढ़े लिखे होने का फायदा उठाकर पोते ने उनकी जमीन अपने नाम गिफ्ट डीड करा ली और उसको किसी तीसरे को बेच दिया। मामले में सिहानीगेट पुलिस ने गौरव, आशीष और विकास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रूपराम ने बताया कि शमशेर गांव के निकट अपनी जमीन को उन्होंने मुरादनगर के आनंद प्रकाश सिंघल को 2.80 लाख रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से तीन साल के लिए किराये पर दिया था। उनके तीन बेटे हैं, जिसके चलते एक बेटे के हिस्से में लगभग 70 लाख रुपये की जमीन आती है। एक बेटे राजवीर ने अपनी बेटी की शादी के लिए 70 लाख रुपये लिए, जिसके चलते जमीन में उसका साझा खत्म हो गया और उन्होंने अपनी जमीन दूसरे बेटों धर्मवीर और सुखवीर को दे दिया।
आरोप है कि राजवीर के बेटे गौरव ने उन्हें सरकार की किसान ऋण योजना के बारे में बताया और उसके लिए गाजियाबाद तहसील ले जाकर बायोमेट्रिक जांच, दस उंगलियों के निशान और फिर कुछ कागजों पर अंगूठे लगवाए। बाद में पता चला कि उसने जमीन को अपने नाम गिफ्ट करवा लिया है। यह पता लगने पर रूपराम ने अपने पोते के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया। इस दौरान गौरव ने जमीन का बैनामा विकास और आशीष के नाम करा दिया। रूपराम के अनुसार जब जमीन के गिफ्ट डीड के संबंध में मुकदमा चल रहा है तो उसका किसी और के नाम बैनामा नहीं किया जा सकता। एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
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रूपराम ने बताया कि शमशेर गांव के निकट अपनी जमीन को उन्होंने मुरादनगर के आनंद प्रकाश सिंघल को 2.80 लाख रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से तीन साल के लिए किराये पर दिया था। उनके तीन बेटे हैं, जिसके चलते एक बेटे के हिस्से में लगभग 70 लाख रुपये की जमीन आती है। एक बेटे राजवीर ने अपनी बेटी की शादी के लिए 70 लाख रुपये लिए, जिसके चलते जमीन में उसका साझा खत्म हो गया और उन्होंने अपनी जमीन दूसरे बेटों धर्मवीर और सुखवीर को दे दिया।
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आरोप है कि राजवीर के बेटे गौरव ने उन्हें सरकार की किसान ऋण योजना के बारे में बताया और उसके लिए गाजियाबाद तहसील ले जाकर बायोमेट्रिक जांच, दस उंगलियों के निशान और फिर कुछ कागजों पर अंगूठे लगवाए। बाद में पता चला कि उसने जमीन को अपने नाम गिफ्ट करवा लिया है। यह पता लगने पर रूपराम ने अपने पोते के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया। इस दौरान गौरव ने जमीन का बैनामा विकास और आशीष के नाम करा दिया। रूपराम के अनुसार जब जमीन के गिफ्ट डीड के संबंध में मुकदमा चल रहा है तो उसका किसी और के नाम बैनामा नहीं किया जा सकता। एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
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