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नहीं खुलेगी डासना मीट फैक्ट्री की सील, लैंडयूज परिवर्तन अटका
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नहीं खुलेगी डासना मीट फैक्ट्री की सील, लैंडयूज परिवर्तन अटका
गाजियाबाद। डासना स्थित ईगल कॉटिनेंटल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की मीट फैक्ट्री की सील खुलने की संभावना खत्म हो गई है। भाजपा नेताओं के विरोध के बाद मीट फैक्ट्री के 9000 वर्ग मीटर जमीन के आवासीय से औद्योगिक में भू-उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव भी लटक गया है। लैंडयूज बदलने को लेकर भाजपा नेताओं के विरोध और बोर्ड सदस्यों की आपत्तियों के बाद जीडीए ने यह कदम उठाया है।
मामले में कई भाजपा नेताओं ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से मीट फैक्ट्री की शिकायत की थी। डासना के आवासीय क्षेत्र में चल रही फैक्ट्री के 9000 वर्ग मीटर जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव बीती जीडीए की बोर्ड बैठक में रखा गया था। प्रस्ताव का जीडीए बोर्ड के सदस्यों के विरोध करने के बावजूद यह पास हो गया। ऐसे में जीडीए के फैसले का बोर्ड सदस्यों के साथ भाजपा नेताओं ने विरोध किया था। भाजपा नेताओं ने फैक्ट्री के आवासीय क्षेत्र में संचालित होने पर डीएम और नगरायुक्त से आपत्ति दर्ज कराई थी। साथ ही जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल, आसिफ चौधरी, सचिन डागर के साथ मंत्री अतुल गर्ग, विधायक सुनील शर्मा, अजीतपाल त्यागी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जीडीए के फैसले की शिकायत की थी। भाजपा नेताओं ने लैंडयूज के प्रस्ताव को गलत तरीके से पास कराने की बात कही थी। मामले में मुख्यमंत्री ने जीडीए से आख्या तलब की है। इसके बाद जीडीए ने मीट फैक्ट्री की जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि मीट फैक्ट्री के लैंडयूज परिवर्तन के बाबत कई सदस्यों ने आपत्तियां दर्ज की हैं। ऐसे में एसडीएम से फिर से रिपोर्ट मांगी गई है।
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गाजियाबाद। डासना स्थित ईगल कॉटिनेंटल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की मीट फैक्ट्री की सील खुलने की संभावना खत्म हो गई है। भाजपा नेताओं के विरोध के बाद मीट फैक्ट्री के 9000 वर्ग मीटर जमीन के आवासीय से औद्योगिक में भू-उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव भी लटक गया है। लैंडयूज बदलने को लेकर भाजपा नेताओं के विरोध और बोर्ड सदस्यों की आपत्तियों के बाद जीडीए ने यह कदम उठाया है।
मामले में कई भाजपा नेताओं ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से मीट फैक्ट्री की शिकायत की थी। डासना के आवासीय क्षेत्र में चल रही फैक्ट्री के 9000 वर्ग मीटर जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव बीती जीडीए की बोर्ड बैठक में रखा गया था। प्रस्ताव का जीडीए बोर्ड के सदस्यों के विरोध करने के बावजूद यह पास हो गया। ऐसे में जीडीए के फैसले का बोर्ड सदस्यों के साथ भाजपा नेताओं ने विरोध किया था। भाजपा नेताओं ने फैक्ट्री के आवासीय क्षेत्र में संचालित होने पर डीएम और नगरायुक्त से आपत्ति दर्ज कराई थी। साथ ही जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल, आसिफ चौधरी, सचिन डागर के साथ मंत्री अतुल गर्ग, विधायक सुनील शर्मा, अजीतपाल त्यागी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जीडीए के फैसले की शिकायत की थी। भाजपा नेताओं ने लैंडयूज के प्रस्ताव को गलत तरीके से पास कराने की बात कही थी। मामले में मुख्यमंत्री ने जीडीए से आख्या तलब की है। इसके बाद जीडीए ने मीट फैक्ट्री की जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि मीट फैक्ट्री के लैंडयूज परिवर्तन के बाबत कई सदस्यों ने आपत्तियां दर्ज की हैं। ऐसे में एसडीएम से फिर से रिपोर्ट मांगी गई है।
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