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मैराथन रेड के बाद खाली लौटे अफसर
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मैराथन रेड के बाद खाली लौटे अफसर
गाजियाबाद। बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया में वाणिज्य कर विभाग ने बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया की नामी गुटखा और पान मसाला कंपनी के गोदामों पर रेड डाली। जांच में मुख्यालय के बड़े अधिकारियों के अलावा अन्य जिलों से भी अधिकारी शामिल रहे। सात दिन तक चली छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने खरीद-फरोख्त संबंधित दस्तावेज और कंप्यूटर से रिकार्ड खंगाले, लेकिन मैराथन जांच में ज्यादा कुछ हाथ ही नहीं लगा और अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
विभाग के सूत्रों के अनुसार तीन महीने से गुटखा-पान मसाला कंपनी की रेकी अधिकारी कर रहे थे। डाटा विश्लेषण भी किया गया, जिसमें करीब 28 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का अंदेशा था। इसे देखते हुए मुख्यालय की टीम ने फुलप्रूफ तरीके से छापे की योजना तैयार की। रेड में लखनऊ मुख्यालय के अधिकारियों के अलावा मथुरा, अलीगढ़ और नोएडा से अधिकारियों को शामिल किया गया। गाजियाबाद के एसआईबी (स्पेेशल इंवेस्टिगेशन ब्रांच) अधिकारियों को मौकेपर पहुंचकर रेड की जानकारी दी गई।
सूचना लीक होने का शक
विभाग की एस्समेंट टास्क फोर्स (एसटीएफ) को लगाया गया। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों को शक है कि छापे की सूचना लीक हो गई। इसे देखते हुए कंपनी ने 12 से 16 जून के बीच सभी कंप्यूटर की हार्ड डिस्क ही बदल दीं। बताया गया कि 28 करोड़ की टैक्स चोरी की अंदेशा लेकर अधिकारियों की टीम रेड के लिए गाजियाबाद पहुंची थी, लेकिन सात दिनों में अधिकारियों के हाथ कुछ भी नहीं लगा। सूत्रों का कहना है कि कंपनी पर टैक्स और पैनाल्टी के लिए अधिकारियों ने भरपूर दबाव भी बनाया।
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10 अन्य फर्मों की हुई जांच
मुख्यालय के साथ मथुरा, अलीगढ़ और नोएडा में तैनात करीब 150 अधिकारी बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में डटे रहे। गुटखा-पान मसाला कंपनी के अलावा अन्य छोटी फर्मों की जांच भी अधिकारियों ने की।
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गाजियाबाद। बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया में वाणिज्य कर विभाग ने बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया की नामी गुटखा और पान मसाला कंपनी के गोदामों पर रेड डाली। जांच में मुख्यालय के बड़े अधिकारियों के अलावा अन्य जिलों से भी अधिकारी शामिल रहे। सात दिन तक चली छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने खरीद-फरोख्त संबंधित दस्तावेज और कंप्यूटर से रिकार्ड खंगाले, लेकिन मैराथन जांच में ज्यादा कुछ हाथ ही नहीं लगा और अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
विभाग के सूत्रों के अनुसार तीन महीने से गुटखा-पान मसाला कंपनी की रेकी अधिकारी कर रहे थे। डाटा विश्लेषण भी किया गया, जिसमें करीब 28 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का अंदेशा था। इसे देखते हुए मुख्यालय की टीम ने फुलप्रूफ तरीके से छापे की योजना तैयार की। रेड में लखनऊ मुख्यालय के अधिकारियों के अलावा मथुरा, अलीगढ़ और नोएडा से अधिकारियों को शामिल किया गया। गाजियाबाद के एसआईबी (स्पेेशल इंवेस्टिगेशन ब्रांच) अधिकारियों को मौकेपर पहुंचकर रेड की जानकारी दी गई।
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सूचना लीक होने का शक
विभाग की एस्समेंट टास्क फोर्स (एसटीएफ) को लगाया गया। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों को शक है कि छापे की सूचना लीक हो गई। इसे देखते हुए कंपनी ने 12 से 16 जून के बीच सभी कंप्यूटर की हार्ड डिस्क ही बदल दीं। बताया गया कि 28 करोड़ की टैक्स चोरी की अंदेशा लेकर अधिकारियों की टीम रेड के लिए गाजियाबाद पहुंची थी, लेकिन सात दिनों में अधिकारियों के हाथ कुछ भी नहीं लगा। सूत्रों का कहना है कि कंपनी पर टैक्स और पैनाल्टी के लिए अधिकारियों ने भरपूर दबाव भी बनाया।
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10 अन्य फर्मों की हुई जांच
मुख्यालय के साथ मथुरा, अलीगढ़ और नोएडा में तैनात करीब 150 अधिकारी बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में डटे रहे। गुटखा-पान मसाला कंपनी के अलावा अन्य छोटी फर्मों की जांच भी अधिकारियों ने की।