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सीएलसी कर्मचारी को बनाया गैराज सुपरवाइजर, विरोध शुरू
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सीएलसी कर्मचारी को बनाया गैराज सुुपरवाइजर, विरोध शुरू
गाजियाबाद। नगर निगम के जिस ठेका (सीएलसी) कर्मचारी का 20 हजार रुपये मांगते हुए ऑडियो वायरल हुआ था, उसे अभी तक नहीं हटाया गया। निगम अफसरों ने इस कर्मचारी को विजयनगर जोन के गैराज में सुपरवाइजर बना दिया, जबकि स्थायी सुपरवाइजर वहां पहले से कार्यरत है। इसके विरोध में नगर निगम के करीब 40-50 अन्य कर्मचारी उतर आए हैं। उन्होंने सीएलसी कर्मचारी पर रिश्वत मांगने और न देने पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए नगर आयुक्त से हटाने की मांग की है।
शिकायत करने वाले राजेश, शिवा, दिनेश और अन्य कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि आरोपी सीएलसी कर्मचारी वाहनों पर ड्राइवरों की तैनाती कराने के नाम पर पैसा वसूलता है। पूर्व में इसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह ड्राइवर की तैनाती कराने के लिए 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। कर्मचारियों का कहना है कि यह ठेका कर्मचारी नगर निगम के स्थायी कर्मचारियों को अफसरों से सेंटिंग की धौंस देता है और उनका ट्रांसफर करा देने की धमकी देता है। आरोप है कि ड्राइवरों व अन्य कर्मचारियों से उगाही करता है, पैसा न देने पर स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी से प्रताड़ित कराता है। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे इस कर्मचारी को तत्काल हटाने की मांग की है। वहीं, नगर निगम वाहन चालक संघ के अध्यक्ष संजीव पार्चा का कहना है कि सीएलसी ठेका कर्मचारी विजयनगर जोन में कर्मचारियों से उगाही कर रहा है और स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है। उनका कहना है कि इस संबंध में नगर आयुक्त से जांच कराकर कड़ी कार्रवाई कराने की मांग करेंगे।
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गाजियाबाद। नगर निगम के जिस ठेका (सीएलसी) कर्मचारी का 20 हजार रुपये मांगते हुए ऑडियो वायरल हुआ था, उसे अभी तक नहीं हटाया गया। निगम अफसरों ने इस कर्मचारी को विजयनगर जोन के गैराज में सुपरवाइजर बना दिया, जबकि स्थायी सुपरवाइजर वहां पहले से कार्यरत है। इसके विरोध में नगर निगम के करीब 40-50 अन्य कर्मचारी उतर आए हैं। उन्होंने सीएलसी कर्मचारी पर रिश्वत मांगने और न देने पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए नगर आयुक्त से हटाने की मांग की है।
शिकायत करने वाले राजेश, शिवा, दिनेश और अन्य कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि आरोपी सीएलसी कर्मचारी वाहनों पर ड्राइवरों की तैनाती कराने के नाम पर पैसा वसूलता है। पूर्व में इसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह ड्राइवर की तैनाती कराने के लिए 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। कर्मचारियों का कहना है कि यह ठेका कर्मचारी नगर निगम के स्थायी कर्मचारियों को अफसरों से सेंटिंग की धौंस देता है और उनका ट्रांसफर करा देने की धमकी देता है। आरोप है कि ड्राइवरों व अन्य कर्मचारियों से उगाही करता है, पैसा न देने पर स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी से प्रताड़ित कराता है। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे इस कर्मचारी को तत्काल हटाने की मांग की है। वहीं, नगर निगम वाहन चालक संघ के अध्यक्ष संजीव पार्चा का कहना है कि सीएलसी ठेका कर्मचारी विजयनगर जोन में कर्मचारियों से उगाही कर रहा है और स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है। उनका कहना है कि इस संबंध में नगर आयुक्त से जांच कराकर कड़ी कार्रवाई कराने की मांग करेंगे।
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