{"_id":"620e98de82494d78dc5e4690","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd234223578","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार के मामले में नगर निगम के दो कर निरीक्षक और पूर्व लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार के मामले में नगर निगम के दो कर निरीक्षक और पूर्व लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रष्टाचार के मामले में निगम के तीन कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज
गाजियाबाद। नगर निगम के टैक्स विभाग में भ्रष्टाचार रुक नहीं रहा है। अब नगर निगम के दो कर निरीक्षक शमीम अहमद व आरडी पोरवाल और एक लिपिक राधेश्याम शर्मा भ्रष्टाचार के मामले में फंसे हैं। सतर्कता अधिष्ठान विभाग की इंस्पेक्टर मंजूलता कुशवाहा ने मेरठ में इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि इन तीनों ने विजयनगर जोन में तैनाती के दौरान हाउस टैक्स की डिमांड कायम करने और टैक्स जमा कराने में भ्रष्टाचार किया है।
आरोप है कि मूलरूप से मांगनोली सरधना निवासी शमीम अहमद, राधेश्याम शर्मा निवासी ततारपुर अलीगढ़ और आरडी पोरवाल निवासी बसरेहर इटावा नगर निगम के विजयनगर जोन में तैनात रहे हैं। शमीम कर निरीक्षक द्वितीय, आरडी पोरवाल कर निरीक्षक प्रथम और राधेश्याम शर्मा लिपिक के पद पर तैनात रहे हैं। राधेश्याम शर्मा करीब चार-पांच माह पहले ही रिटायर हुए हैं। सतर्कता अधिष्ठान विभाग की निरीक्षक मंजूलता की ओर से कराई गई एफआईआर के मुताबिक इन तीनों ने अपनी नियुक्ति के दौरान सर्वोदय नगर में हाउस टैक्स के लिए भवनों के सर्वे के कार्य एवं संपत्ति कर डिमांड कायम करने व टैक्स जमा कराने में भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने पहले ज्यादा डिमांड कायम की और फिर सांठगांठ कर कम कर टैक्स जमा करा दिया। शिकायत पर जांच की गई तो तीनों दोषी पाए गए। इसके बाद इन तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर जांच कराए जाने के आदेश दिए गए हैं।
-----
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था लिपिक
बीती 4 फरवरी को वसुंधरा जोन में भी टैक्स कम करने के नाम पर 15 हजार की रिश्वत लेते हुए नगर निगम का एक कनिष्ठ लिपिक देवीशरण शर्मा रंगेहाथ पकड़ा गया था। एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने इसे रंगेहाथ पकड़कर पुलिस को सौंपा था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में डासना जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि विजयनगर में भ्रष्टाचार के मामले में फंसे राधेश्याम शर्मा भी देवीशरण शर्मा के भाई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। नगर निगम के टैक्स विभाग में भ्रष्टाचार रुक नहीं रहा है। अब नगर निगम के दो कर निरीक्षक शमीम अहमद व आरडी पोरवाल और एक लिपिक राधेश्याम शर्मा भ्रष्टाचार के मामले में फंसे हैं। सतर्कता अधिष्ठान विभाग की इंस्पेक्टर मंजूलता कुशवाहा ने मेरठ में इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि इन तीनों ने विजयनगर जोन में तैनाती के दौरान हाउस टैक्स की डिमांड कायम करने और टैक्स जमा कराने में भ्रष्टाचार किया है।
आरोप है कि मूलरूप से मांगनोली सरधना निवासी शमीम अहमद, राधेश्याम शर्मा निवासी ततारपुर अलीगढ़ और आरडी पोरवाल निवासी बसरेहर इटावा नगर निगम के विजयनगर जोन में तैनात रहे हैं। शमीम कर निरीक्षक द्वितीय, आरडी पोरवाल कर निरीक्षक प्रथम और राधेश्याम शर्मा लिपिक के पद पर तैनात रहे हैं। राधेश्याम शर्मा करीब चार-पांच माह पहले ही रिटायर हुए हैं। सतर्कता अधिष्ठान विभाग की निरीक्षक मंजूलता की ओर से कराई गई एफआईआर के मुताबिक इन तीनों ने अपनी नियुक्ति के दौरान सर्वोदय नगर में हाउस टैक्स के लिए भवनों के सर्वे के कार्य एवं संपत्ति कर डिमांड कायम करने व टैक्स जमा कराने में भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने पहले ज्यादा डिमांड कायम की और फिर सांठगांठ कर कम कर टैक्स जमा करा दिया। शिकायत पर जांच की गई तो तीनों दोषी पाए गए। इसके बाद इन तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर जांच कराए जाने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
-----
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था लिपिक
बीती 4 फरवरी को वसुंधरा जोन में भी टैक्स कम करने के नाम पर 15 हजार की रिश्वत लेते हुए नगर निगम का एक कनिष्ठ लिपिक देवीशरण शर्मा रंगेहाथ पकड़ा गया था। एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने इसे रंगेहाथ पकड़कर पुलिस को सौंपा था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में डासना जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि विजयनगर में भ्रष्टाचार के मामले में फंसे राधेश्याम शर्मा भी देवीशरण शर्मा के भाई हैं।
विज्ञापन