{"_id":"61bce3e8e3ae4b1f1a409c8a","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd2312267186","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन करोड़ का बजट, फिर भी घटिया सामग्री से हो रहा निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन करोड़ का बजट, फिर भी घटिया सामग्री से हो रहा निर्माण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन करोड़ का बजट, फिर भी घटिया सामग्री से हो रहा निर्माण
गाजियाबाद। लोनी ब्लॉक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के परिसर में तीन करोड़ पांच लाख की लागत से हो रहे आवासीय और एकेडमिक ब्लॉक के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर बड़ा खेल हो रहा है। जहां मानक के विपरीत निर्माण सामग्री व सरिया का प्रयोग किया जा रहा है। इसकी पुष्टि लखनऊ से आई टीम के निरीक्षण के दौरान हुई। निरीक्षण के दौरान टीम ने ठेकेदार को फटकार लगाकर उच्च गुणवत्ता की सामग्री के निर्देश दिए।
जिले में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत लोनी और मुकीमपुर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का आवासीय और एकेडमिक ब्लॉक बनना है जबकि रजापुर और मुरादनगर में आवासीय भवन का निर्माण होना है। जिसका टेंडर शासन स्तर से ही यूपीएससीआईडीसी को मिला है। इसमें आवासीय भवन निर्माण के लिए एक करोड़ 76 लाख रुपये और एकेडमिक ब्लॉक के लिए एक करोड़ 29 लाख रुपये का बजट पास हुआ है। लोनी के कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निर्माण शुरू हो गया है। जिसका अभी 20 फीसदी तक कार्य पूरा हुआ है। लेकिन इसमें जेई और ठेकेदार की मिलीभगत से मानक के विपरीत काम कराया जा रहा है। लखनऊ से आई टीम में शामिल अवर अभियंता पीके शर्मा ने बताया कि ईंट, सरिया आदि सामग्री की गुणवत्ता में कमी पाई गई, वहीं इनका प्रयोग भी ठीक प्रकार से नहीं किया जा रहा था। भवन के कोने पर लगाए जाने वाले भूकंपरोधी सरिया ठीक प्रकार से नहीं लगाए गए थे और बीम में भी सरिया कम इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी के साथ कई तकनीकी कमियां पाई गईं। टीम के अवर अभियंता ने ठेकेदार को मौके पर फटकार लगा इस्तेमाल की गई सामग्री को तुड़वाया और उच्च गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल करने के लिए निर्देशित किया।
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के निर्माण के लिए सभी प्रक्रिया शासन स्तर से ही हुई हैं। इसमें जिला स्तर पर विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
- बृजभूषण चौधरी, बीएसए
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बनाने में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर कुछ सामान हल्का आ गया है तो उसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
- महेंद्र सिंह, अवर अभियंता, यूपी समाज कल्याण निर्माण निगम
शासन के निर्देश पर लोनी में बन रहे कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया था। निर्माण में कमियां पाई गईं, इसकी रिपोर्ट तैयार की गई है, जो शासन को भेजी जाएगी। शासन स्तर पर ही कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीन किशोर शर्मा, अवर अभियंता, समग्र शिक्षा (निरीक्षण टीम)
विज्ञापन
गाजियाबाद। लोनी ब्लॉक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के परिसर में तीन करोड़ पांच लाख की लागत से हो रहे आवासीय और एकेडमिक ब्लॉक के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर बड़ा खेल हो रहा है। जहां मानक के विपरीत निर्माण सामग्री व सरिया का प्रयोग किया जा रहा है। इसकी पुष्टि लखनऊ से आई टीम के निरीक्षण के दौरान हुई। निरीक्षण के दौरान टीम ने ठेकेदार को फटकार लगाकर उच्च गुणवत्ता की सामग्री के निर्देश दिए।
जिले में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत लोनी और मुकीमपुर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का आवासीय और एकेडमिक ब्लॉक बनना है जबकि रजापुर और मुरादनगर में आवासीय भवन का निर्माण होना है। जिसका टेंडर शासन स्तर से ही यूपीएससीआईडीसी को मिला है। इसमें आवासीय भवन निर्माण के लिए एक करोड़ 76 लाख रुपये और एकेडमिक ब्लॉक के लिए एक करोड़ 29 लाख रुपये का बजट पास हुआ है। लोनी के कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निर्माण शुरू हो गया है। जिसका अभी 20 फीसदी तक कार्य पूरा हुआ है। लेकिन इसमें जेई और ठेकेदार की मिलीभगत से मानक के विपरीत काम कराया जा रहा है। लखनऊ से आई टीम में शामिल अवर अभियंता पीके शर्मा ने बताया कि ईंट, सरिया आदि सामग्री की गुणवत्ता में कमी पाई गई, वहीं इनका प्रयोग भी ठीक प्रकार से नहीं किया जा रहा था। भवन के कोने पर लगाए जाने वाले भूकंपरोधी सरिया ठीक प्रकार से नहीं लगाए गए थे और बीम में भी सरिया कम इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी के साथ कई तकनीकी कमियां पाई गईं। टीम के अवर अभियंता ने ठेकेदार को मौके पर फटकार लगा इस्तेमाल की गई सामग्री को तुड़वाया और उच्च गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल करने के लिए निर्देशित किया।
विज्ञापन
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के निर्माण के लिए सभी प्रक्रिया शासन स्तर से ही हुई हैं। इसमें जिला स्तर पर विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
- बृजभूषण चौधरी, बीएसए
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बनाने में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर कुछ सामान हल्का आ गया है तो उसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
- महेंद्र सिंह, अवर अभियंता, यूपी समाज कल्याण निर्माण निगम
शासन के निर्देश पर लोनी में बन रहे कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया था। निर्माण में कमियां पाई गईं, इसकी रिपोर्ट तैयार की गई है, जो शासन को भेजी जाएगी। शासन स्तर पर ही कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीन किशोर शर्मा, अवर अभियंता, समग्र शिक्षा (निरीक्षण टीम)