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नाम पते तक पूछे नहीं, दे दी बुखार की सर्व रिपोर्ट
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नाम पते तक पूछे नहीं, दे दी बुखार की सर्वे रिपोर्ट
गाजियाबाद। बुखार के सर्वे में बड़ी लापरवाही सामने आई है। टीमों ने घर बैठकर और बिना नाम-पता पूछे बुखार की सर्वे रिपोर्ट तैयार कर दी। जिले में 333 टीमों ने काम ही नहीं किया। ये टीमें करीब 17 हजार घरों में पहुंची ही नहीं। सात दिन तक चले सर्वे में कुछ टीमें खानापूर्ति करती रहीं। इस बीच बुखार के 2230 और जुकाम के 1272 मरीज मिले। काम न करने पर एक डॉक्टर का दो दिन का वेतन रोका गया है। काम न करने वाली टीमों को चेतावनी दी गई है।
17347 घरों पर नहीं दी दस्तक
जिले में सात से 16 सितंबर तक सर्वे अभियान चलाया गया। प्रतिदिन 1641 से 2081 टीमें लगाई गईं। इस दौरान 942384 घरों का सर्वे किया जाना था, लेकिन टीम ने 925037 घरो का सर्वे कर पाई। 17347 घरों पर टीम पहुंची ही नहीं। सात दिन के सर्वे में बुखार के 2230 मरीज मिले जबकि 1272 मरीज सर्दी व जुकाम से ग्रसित पाए गए। इस दौरान 51 टीबी के भी नए मरीज मिले। जबकि 45 वर्ष से 86413 ऐसे लोग मिले, जिनको कोरोना रोधी टीके की एक भी डोज नहीं लगा है। जिला सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि काम में लापरवाही करने वाले दो डॉक्टरों का दो दिन का वेतन रोक दिया गया था। जबकि सर्वे टीम के कई सदस्यों को लापरवाही करने पर टीम से हटा दिया गया था।
डेंगू के 12 नए मरीज मिले
जिले में डेंगू के 12 नए मरीज मिलने के साथ ही कुल मरीजों की संख्या 133 हो गई है। बृहस्पतिवार को प्रताप विहार, संजय नगर, कविनगर, गोविंदपुरम, सीमांत विहार कौशांबी, इंदिरापुरम, कृष्णा नगर, पुलिस लाइन, आठवीं बटालियन एनडीआरएफ गोविंदपुरम, मनौली मुरादनगर, लोहिया नगर में मरीजों की पुष्टि है। तीन मरीज एमएमजी और संयुक्त में भर्ती है, जबकि अन्य प्राइवेट में हैं।
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चार टीमें गठित
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि निगरानी के लिए चार लोगों की टीम गठित की है। इनमें डॉ. शिवि अग्रवाल, डॉ. निकिता सैनी, डॉ. रचना और लैब टेक्नीशियन अभिनव शामिल हैं। टीम ने बृहस्पतिवार से काम शुरू कर दिया है।
छह क्षेत्रों में बांटा गया जिला
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए पूरे जिले को छह क्षेत्रों में बांट दिया है। लोनी, मुरादनगर, भोजपुर, रजापुर, शहरी और ट्रांस हिडन क्षेत्र में आने वाले एक-एक केस की अब पूरी निगरानी होगी। पिछले पांच साल में जहां-जहां डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस के केस मिले थे, उनकी विस्तृत जानकारी तैयारी की गई है। शहरी और देहात क्षेत्र के डेंगू मैप के माध्यम से जांच, मेडिकल किट वितरण, आरआर टीम और एंटी लार्वा छिड़काव करने वाली टीमों को क्षेत्रों में जाने से पहले सुबह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सात दिन के सर्वे टीम की रिपोर्ट
सर्वे के लिए चयनित घर - 942384
सर्वे किया गया - 925037
सर्वे से वंचित घर - 17347
गर्भवती महिलाएं - 5824
शून्य से दो वर्ष के बच्चे - 21579
कोविड टीकाकरण से वंचित - 86413
कोरोना लक्षण युक्त व्यक्तियों की संख्या - 2910
बुखार - 2230
सर्दी-जुकाम व खांसी - 1272
दो सप्ताह से अधिक खांसी (टीबी ) - 51
खांसी के साथ बलगम में खून आना - 13
वजन कम होना - 13
सांस लेने में परेशानी - 5
बेहोशी आना या बड़बड़ाना - 02
बुखार के साथ पेट दर्द - 4
बुखार के साथ उल्टी -4--
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गाजियाबाद। बुखार के सर्वे में बड़ी लापरवाही सामने आई है। टीमों ने घर बैठकर और बिना नाम-पता पूछे बुखार की सर्वे रिपोर्ट तैयार कर दी। जिले में 333 टीमों ने काम ही नहीं किया। ये टीमें करीब 17 हजार घरों में पहुंची ही नहीं। सात दिन तक चले सर्वे में कुछ टीमें खानापूर्ति करती रहीं। इस बीच बुखार के 2230 और जुकाम के 1272 मरीज मिले। काम न करने पर एक डॉक्टर का दो दिन का वेतन रोका गया है। काम न करने वाली टीमों को चेतावनी दी गई है।
17347 घरों पर नहीं दी दस्तक
जिले में सात से 16 सितंबर तक सर्वे अभियान चलाया गया। प्रतिदिन 1641 से 2081 टीमें लगाई गईं। इस दौरान 942384 घरों का सर्वे किया जाना था, लेकिन टीम ने 925037 घरो का सर्वे कर पाई। 17347 घरों पर टीम पहुंची ही नहीं। सात दिन के सर्वे में बुखार के 2230 मरीज मिले जबकि 1272 मरीज सर्दी व जुकाम से ग्रसित पाए गए। इस दौरान 51 टीबी के भी नए मरीज मिले। जबकि 45 वर्ष से 86413 ऐसे लोग मिले, जिनको कोरोना रोधी टीके की एक भी डोज नहीं लगा है। जिला सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि काम में लापरवाही करने वाले दो डॉक्टरों का दो दिन का वेतन रोक दिया गया था। जबकि सर्वे टीम के कई सदस्यों को लापरवाही करने पर टीम से हटा दिया गया था।
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डेंगू के 12 नए मरीज मिले
जिले में डेंगू के 12 नए मरीज मिलने के साथ ही कुल मरीजों की संख्या 133 हो गई है। बृहस्पतिवार को प्रताप विहार, संजय नगर, कविनगर, गोविंदपुरम, सीमांत विहार कौशांबी, इंदिरापुरम, कृष्णा नगर, पुलिस लाइन, आठवीं बटालियन एनडीआरएफ गोविंदपुरम, मनौली मुरादनगर, लोहिया नगर में मरीजों की पुष्टि है। तीन मरीज एमएमजी और संयुक्त में भर्ती है, जबकि अन्य प्राइवेट में हैं।
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चार टीमें गठित
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि निगरानी के लिए चार लोगों की टीम गठित की है। इनमें डॉ. शिवि अग्रवाल, डॉ. निकिता सैनी, डॉ. रचना और लैब टेक्नीशियन अभिनव शामिल हैं। टीम ने बृहस्पतिवार से काम शुरू कर दिया है।
छह क्षेत्रों में बांटा गया जिला
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए पूरे जिले को छह क्षेत्रों में बांट दिया है। लोनी, मुरादनगर, भोजपुर, रजापुर, शहरी और ट्रांस हिडन क्षेत्र में आने वाले एक-एक केस की अब पूरी निगरानी होगी। पिछले पांच साल में जहां-जहां डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस के केस मिले थे, उनकी विस्तृत जानकारी तैयारी की गई है। शहरी और देहात क्षेत्र के डेंगू मैप के माध्यम से जांच, मेडिकल किट वितरण, आरआर टीम और एंटी लार्वा छिड़काव करने वाली टीमों को क्षेत्रों में जाने से पहले सुबह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सात दिन के सर्वे टीम की रिपोर्ट
सर्वे के लिए चयनित घर - 942384
सर्वे किया गया - 925037
सर्वे से वंचित घर - 17347
गर्भवती महिलाएं - 5824
शून्य से दो वर्ष के बच्चे - 21579
कोविड टीकाकरण से वंचित - 86413
कोरोना लक्षण युक्त व्यक्तियों की संख्या - 2910
बुखार - 2230
सर्दी-जुकाम व खांसी - 1272
दो सप्ताह से अधिक खांसी (टीबी ) - 51
खांसी के साथ बलगम में खून आना - 13
वजन कम होना - 13
सांस लेने में परेशानी - 5
बेहोशी आना या बड़बड़ाना - 02
बुखार के साथ पेट दर्द - 4
बुखार के साथ उल्टी -4--