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Ghaziabad: हिरासत में ऑटो चालक की मौत, चौकी इंचार्ज व तीन सिपाहियों पर FIR; अखिलेश ने भी पुलिस पर बोला हमला

Tue, 10 Jan 2023 07:00 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Tue, 10 Jan 2023 07:00 AM IST
सार

मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने धर्मपाल की जमकर पिटाई की, जिससे उसकी मौत हुई है। पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सीआईएसएफ रोड पर सोमवार को सुबह से शाम तक कई बार हंगामा किया।

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Auto driver dies in police custody in Ghaziabad
मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदिरापुरम के अहिंसाखंड-2 में रविवार की रात पुलिस हिरासत में लिए गए ऑटो चालक धर्मपाल (28) की मौत हो जाने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ऑटो की टक्कर से दो लोगों के घायल हो जाने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सीआईएसएफ रोड पर सोमवार को सुबह से शाम तक कई बार हंगामा किया। पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी। निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ही शांत हुए। शाम को पुलिसवालों के खिलाफ केस दर्ज हो गया। वहीं, अखिलेश यादव ने इस मामले को शर्मनाक बताया है और मृतक के परिजनों को एक करोड़ मुआवजे की मांग की है। अखिलेश ने कहा कि यूपी पुलिस निर्दोषों की हत्या कर रही है।

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जानकारी के मुताबिक, ऑटो चालक धर्मपाल रविवार रात करीब 10 बजे धर्मपाल कनावनी पुस्ते से घर लौट रहा था। उसके चचेरे भाई मुरारी ने बताया कि अहिंसाखंड-2 में अचानक साइकिल सवार दो लोग ऑटो से टकरा गए। पुलिस घायलों के साथ धर्मपाल को भी अस्पताल ले गई। अस्पताल से दोनों युवक घर चले गए। पुलिस धर्मपाल को अपने साथ कनावनी चौकी ले गई।
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धर्मपाल के परिवार के सदस्य संतोष ने बताया कि रात करीब 11 बजे एक पुलिसकर्मी ने फोन कर चौकी आने के लिए कहा। कुछ देर बाद धर्मपाल ने फोन कर बताया कि पुलिसकर्मी उसे पीट रहे हैं। इस पर संतोष ने जल्द चौकी पहुंचने की बात कही। कुछ देर में परिवार के अन्य सदस्य चौकी पहुंच गए। चचेरे भाई मुरारी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि धर्मपाल को इंदिरापुरम कोतवाली भेजेंगे लेकिन रात डेढ़ बजे अचानक उसे छोड़ दिया।

अचानक सीने में उठा था दर्द
चौकी से बाहर निकलकर धर्मपाल ने उससे बताया कि अचानक सीने में उठे दर्द से तबीयत बिगड़ रही है। वे उसे लेकर शांति गोपाल अस्पताल भेज दिया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने धर्मपाल की जमकर पिटाई की, जिससे उसकी मौत हुई है। सोमवार सुबह लोगों के एकत्रित होने की सूचना पर इंदिरापुरम पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात कही लेकिन परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बात कहकर हंगामा शुरू कर दिया।

अस्पताल के बाहर हंगामा और पुलिस से नोकझोंक
ऑटो चालक की मौत के बाद यूनियन के लोग भी अपने-अपने वाहनों को लेकर पहुंच गए। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पहुंचे चालकों ने सुबज आठ बजे सड़क पर ऑटो लगाकर जाम लगा दिया और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने पर कौशांबी, साहिबाबाद और लिंकरोड थाने से पुलिस फोर्स बुलाया गया। दोपहर करीब ढाई बजे डीसीपी ट्रांस हिंडन डॉ. दीक्षा शर्मा मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, गुस्साए लोगों ने पुलिस की नहीं सुनी और प्रदर्शन जारी रखा। शाम करीब छह बजे के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

परिजनों के सुपुर्द किया था
डीसीपी ट्रांस हिंडन डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि चालक धर्मपाल के ऑटो से साइकिल सवार टक्कर लगने से चोटिल हो गए थे। अस्पताल में चेकअप कराने के बाद दोनों युवक चले गए थे। चालक के परिजनों को बुलाकर उसे भी सुपुर्द कर दिया था। उसके साथ मारपीट के आरोप बेबुनियाद हैं। युवक को रात करीब साढ़े 11 बजे छोड़ दिया गया था।

तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
कासगंज के थाना अमापुर क्षेत्र के गांव नगला बांस में रहने वाले धर्मपाल यहां किराये पर रहता था। उसके परिवार में पत्नी पूनन, बेटी कामना (सात), तनु (छह) व बेटा रिषभ (तीन) हैं। धर्मपाल की मौत से तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। परिजनों ने पुलिस से सवाल किया कि धर्मपाल के परिवार का पोषण अब कैसे होगा?

3500 रुपये में हुआ समझौता फिर भी पुलिसवालों ने पीटा 
चचेरे भाई मुरारी का आरोप है कि साइकिल सवार युवकों को चोट लगने के बाद पुलिस ने उन्हें 3500 रुपये दिलवाकर समझौता करा दिया था बावजूद इसके कनावनी चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों ने धर्मपाल को जमकर पीटा। घटना की रिकार्डिंग अस्पताल के सीसीटीवी में कैद हुई है। मुरारी ने घटना के बाद कनावनी चौकी इंचार्ज और तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ इंदिरापुरम कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। इस पर रात दस बजे कनावनी चौकी इंचार्ज अमित कुमार, सिपाही रविंद्र कुमार और दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा 304 के तहत केस दर्ज कर लिया गया।

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