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तय रूट के बजाय सीधे दिल्ली में घुस गए किसान
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तय रूट के बजाय सीधे दिल्ली में घुस गए किसान
साहिबाबाद। गणतंत्र दिवस पर बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर गाजीपुर बॉर्डर (यूपी गेट) पर जुटे। सुबह करीब नौ बजे किसानों ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद किसानों ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और अन्य किसान नेताओं के नेतृत्व में ट्रैक्टर मार्च शुरू किया। दिल्ली पुलिस ने मार्च के लिए दोपहर 12 बजे का समय निर्धारित किया था लेकिन किसानों ने तय समय से पहले मार्च शुरू कर दिया। दिल्ली पुलिस ने किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर रोकने का प्रयास किया लेकिन किसान बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। इससे एनएच-9 (दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे) पर ट्रैक्टरों की लंबी लाइन को देखते हुए कुछ किसान एक्सप्रेसवे की बीच की लेन में भी ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए दिल्ली की तरफ बढ़ने लगे। उनको देख अन्य किसान भी एक्सप्रेसवे पर उनके पीछे हो लिए। गाजीपुर टोल के पास पुलिस ने किसानों को एक बार फिर रोकने का प्रयास किया, लेकिन आगे चल रहे किसानों ने ट्रैक्टरों से एक बस के पिछले हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस द्वारा एक्सप्रेसवे पर लगाए गए कंटेनर को भी किसानों ने ट्रैक्टरों से हटा दिया।
अक्षरधाम अंडरपास से वापस यूपी गेट की तरफ आने की बजाए बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ आईटीओ की ओर चल दिए। दिल्ली पुलिस ने यूपी गेट के किसानों को आनंद विहार होते हुए अप्सरा बॉर्डर होकर गाजियाबाद में प्रवेश का रूट दिया था। जबकि 25 जनवरी की देर रात तक किसान नेता अक्षरधाम मंदिर तक जाने की मांग पर अड़े थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस पर सहमति नहीं दी थी। मंगलवार को जब किसान हंगामा कर आगे बढ़ रहे थे तो उनमें से काफी संख्या में ट्रैक्टर अक्षरधाम से यूपी तरफ मुड़ने की जगह सीधे निकल गए। वहीं बड़ी संख्या में किसानों का एक जत्था अक्षरधाम अंडरपास से मुड़कर आंनद विहार के रास्ते अप्सरा बॉर्डर की चला गए। जैसे ही किसान अप्सरा बॉर्डर पहुंचे तो वहां पर आईटीओ पर किसानों के ऊपर लाठीचार्ज की सूचना मिलर्नी। इससे नाराज किसानों ने अप्सरा बॉर्डर के रास्ते भी दिल्ली में घुसने का प्रयास किया।
अप्सरा बॉर्डर पर घंटों जमे रहे किसान
एनएच-9 के रास्ते चलने वाले ट्रैक्टर करीब 12 बजे से अप्सरा बॉर्डर पर पहुंचने लगे थे। धीरे-धीरे यहां हजारों ट्रैक्टर पहुंच गए। इन ट्रैक्टरों को यहां से जीटी रोड के रास्ते मोहननगर की ओर जाना था, लेकिन करीब ढाई बजे तक हजारों ट्रैक्टर यहीं रुके रहे। इस दौरान कई बार किसानों इस रास्ते से भी दिल्ली में घुसने का प्रयास किया लेकिन दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया तभी गाजियाबाद पुलिस ने वहां एक कट को खोल दिया। इस कट से कुछ ट्रैक्टर मुड़कर फ्लाईओवर पर चढ़ गए। इनके पीछे-पीछे और भी ट्रैक्टर चल दिए। फ्लाईओवर के रास्ते ये ट्रैक्टर शाहदरा की ओर निकल गए। इसके बाद कम ही ट्रैक्टर बचे जो जीटी रोड से गाजियाबाद की ओर मुड़े। इनमें से कुछ ट्रैक्टर मोहननगर पर मुड़कर यूपी गेट की ओर निकल गए तो कुछ ट्रैक्टर तय रूट पर आगे की तरफ बढ़ गए।
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बंद कर दिया गया इंटरनेट
आईटीओ, अप्सरा बॉर्डर पर किसानों के हंगामे, लाठीचार्ज और तोड़फोड़ के बीच दोपहर बाद गाजियाबाद में भी इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया। हालांकि आधी रात के बाद इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया गया। इसी बीच बिगड़ती स्थिति के बीच आईजी, डीएम व एसएसपी समेत अन्य अधिकारी भी सीमा पर डटे रहे।
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साहिबाबाद। गणतंत्र दिवस पर बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर गाजीपुर बॉर्डर (यूपी गेट) पर जुटे। सुबह करीब नौ बजे किसानों ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद किसानों ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और अन्य किसान नेताओं के नेतृत्व में ट्रैक्टर मार्च शुरू किया। दिल्ली पुलिस ने मार्च के लिए दोपहर 12 बजे का समय निर्धारित किया था लेकिन किसानों ने तय समय से पहले मार्च शुरू कर दिया। दिल्ली पुलिस ने किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर रोकने का प्रयास किया लेकिन किसान बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। इससे एनएच-9 (दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे) पर ट्रैक्टरों की लंबी लाइन को देखते हुए कुछ किसान एक्सप्रेसवे की बीच की लेन में भी ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए दिल्ली की तरफ बढ़ने लगे। उनको देख अन्य किसान भी एक्सप्रेसवे पर उनके पीछे हो लिए। गाजीपुर टोल के पास पुलिस ने किसानों को एक बार फिर रोकने का प्रयास किया, लेकिन आगे चल रहे किसानों ने ट्रैक्टरों से एक बस के पिछले हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस द्वारा एक्सप्रेसवे पर लगाए गए कंटेनर को भी किसानों ने ट्रैक्टरों से हटा दिया।
अक्षरधाम अंडरपास से वापस यूपी गेट की तरफ आने की बजाए बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ आईटीओ की ओर चल दिए। दिल्ली पुलिस ने यूपी गेट के किसानों को आनंद विहार होते हुए अप्सरा बॉर्डर होकर गाजियाबाद में प्रवेश का रूट दिया था। जबकि 25 जनवरी की देर रात तक किसान नेता अक्षरधाम मंदिर तक जाने की मांग पर अड़े थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस पर सहमति नहीं दी थी। मंगलवार को जब किसान हंगामा कर आगे बढ़ रहे थे तो उनमें से काफी संख्या में ट्रैक्टर अक्षरधाम से यूपी तरफ मुड़ने की जगह सीधे निकल गए। वहीं बड़ी संख्या में किसानों का एक जत्था अक्षरधाम अंडरपास से मुड़कर आंनद विहार के रास्ते अप्सरा बॉर्डर की चला गए। जैसे ही किसान अप्सरा बॉर्डर पहुंचे तो वहां पर आईटीओ पर किसानों के ऊपर लाठीचार्ज की सूचना मिलर्नी। इससे नाराज किसानों ने अप्सरा बॉर्डर के रास्ते भी दिल्ली में घुसने का प्रयास किया।
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अप्सरा बॉर्डर पर घंटों जमे रहे किसान
एनएच-9 के रास्ते चलने वाले ट्रैक्टर करीब 12 बजे से अप्सरा बॉर्डर पर पहुंचने लगे थे। धीरे-धीरे यहां हजारों ट्रैक्टर पहुंच गए। इन ट्रैक्टरों को यहां से जीटी रोड के रास्ते मोहननगर की ओर जाना था, लेकिन करीब ढाई बजे तक हजारों ट्रैक्टर यहीं रुके रहे। इस दौरान कई बार किसानों इस रास्ते से भी दिल्ली में घुसने का प्रयास किया लेकिन दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया तभी गाजियाबाद पुलिस ने वहां एक कट को खोल दिया। इस कट से कुछ ट्रैक्टर मुड़कर फ्लाईओवर पर चढ़ गए। इनके पीछे-पीछे और भी ट्रैक्टर चल दिए। फ्लाईओवर के रास्ते ये ट्रैक्टर शाहदरा की ओर निकल गए। इसके बाद कम ही ट्रैक्टर बचे जो जीटी रोड से गाजियाबाद की ओर मुड़े। इनमें से कुछ ट्रैक्टर मोहननगर पर मुड़कर यूपी गेट की ओर निकल गए तो कुछ ट्रैक्टर तय रूट पर आगे की तरफ बढ़ गए।
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बंद कर दिया गया इंटरनेट
आईटीओ, अप्सरा बॉर्डर पर किसानों के हंगामे, लाठीचार्ज और तोड़फोड़ के बीच दोपहर बाद गाजियाबाद में भी इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया। हालांकि आधी रात के बाद इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया गया। इसी बीच बिगड़ती स्थिति के बीच आईजी, डीएम व एसएसपी समेत अन्य अधिकारी भी सीमा पर डटे रहे।