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दोनो पैरों से दिव्यांग युवक को ऑटो से उतारकर मुल्जिम को ले गई पुलिस
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दोनों पैरों से दिव्यांग युवक को ऑटो से उतारकर मुल्जिम को ले गई पुलिस
साहिबाबाद। शुक्रवार को टीलामोड़ थाना क्षेत्र के पसौंडा (सिकंदरपुर) पुलिस चौकी के बाहर पुलिसकर्मियों का अमानवीय चेहरा सामने आया। चौकी में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को आरोपी को ले जाना था, इसलिए एक ऑटो से दिव्यांग को बीच रास्ते में जबरन नीचे उतार दिया। पीड़ित दोनों पैर से चलने में असमर्थ था। वह काफी देर तक धूप में बैठे रहा। पीड़ित टीलामोड़ थाने इस अमानवीय व्यवहार की शिकायत करने पहुंचा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।
दिल्ली के करावल नगर स्थित शिव विहार में रहने वाले रमेश कुमार दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। मिट्टी के बर्तन बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। टीलामोड़ थाना क्षेत्र के गरिमा गार्डन में उनके छोटे भाई सुंदर परिवार के साथ रहते थे। दो मई को छोटे भाई की मौत हो गई। रमेश को छोटे भाई के परिवार से मिलने के लिए जाना था। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले ऑटो चालक से काफी निवेदन के बाद चलने के लिए तैयार किया। शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे वह ऑटो में बैठकर गरिमा गार्डन आ रहे थे। आरोप है कि रास्ते में टीलामोड़ थाना क्षेत्र की पसौंडा (सिकंदरपुर) पुलिस चौकी के सामने पुलिसकर्मियों ने ऑटो को हाथ देखकर रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऑटो से नीचे उतार दिया। उन्होंने काफी मिन्नत की और अपने परेशानी भी बताई। इसके बाद भी पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीजा। तीन पुलिसकर्मी एक आरोपी को ऑटो में बैठाकर चलते बने। इसके बाद रमेश गर्मी में सड़क पर ही बैठे रहे। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों और चौकी इंचार्ज से भी कहा, लेकिन उनकी कोई मदद नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने अपने भांजे को फोन कर बुलाया। बाइक पर किसी तरह से बैठकर गरिमा गार्डन स्थित भाई के घर पर पहुंचे।
मामले की थाने में की शिकायत, एसएचओ ने जताई अनभिज्ञता
पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार की जानकारी जब परिजनों को मिली। तो लोगों ने स्थानीय पार्षद शेषपाल राणा को भी मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद स्थानीय पार्षद ने मामले में टीलामोड़ थाने में इसकी शिकायत की। एसएचओ टीलामोड़ ओमप्रकाश आर्य से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया।
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चार बजे तक घुमाते रहे ऑटो, नहीं दिया किराया
ऑटो चालक ब्रह्मदेव ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने ऑटो में बैठते ही कागज ले लिए। इसके बाद आरोपी को लेकर पहले मेडिकल कराने के लिए ले गाजियाबाद गए। इसके बाद कोर्ट में पेश कर डासना स्थित जिला जेल लेकर गए। वहां से लौटने के बाद पुलिसकर्मियों को शाम करीब पौने चार बजे पुलिस चौकी पर छोड़कर कागज लिए। इसके बाद वह करावल नगर दिल्ली के लिए चले गए। इस दौरान ऑटो चालक को कोई रुपये नहीं दिए गए।
दोषी मिले तो होगी कार्रवाई
यदि पुलिसकर्मियों की ओर से इस तरह की हरकत की गई है तो वह इसकी निंदा करते हैं। मामले की जांच कर रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजी जाएगी। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी सेकेंड।
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साहिबाबाद। शुक्रवार को टीलामोड़ थाना क्षेत्र के पसौंडा (सिकंदरपुर) पुलिस चौकी के बाहर पुलिसकर्मियों का अमानवीय चेहरा सामने आया। चौकी में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को आरोपी को ले जाना था, इसलिए एक ऑटो से दिव्यांग को बीच रास्ते में जबरन नीचे उतार दिया। पीड़ित दोनों पैर से चलने में असमर्थ था। वह काफी देर तक धूप में बैठे रहा। पीड़ित टीलामोड़ थाने इस अमानवीय व्यवहार की शिकायत करने पहुंचा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।
दिल्ली के करावल नगर स्थित शिव विहार में रहने वाले रमेश कुमार दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। मिट्टी के बर्तन बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। टीलामोड़ थाना क्षेत्र के गरिमा गार्डन में उनके छोटे भाई सुंदर परिवार के साथ रहते थे। दो मई को छोटे भाई की मौत हो गई। रमेश को छोटे भाई के परिवार से मिलने के लिए जाना था। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले ऑटो चालक से काफी निवेदन के बाद चलने के लिए तैयार किया। शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे वह ऑटो में बैठकर गरिमा गार्डन आ रहे थे। आरोप है कि रास्ते में टीलामोड़ थाना क्षेत्र की पसौंडा (सिकंदरपुर) पुलिस चौकी के सामने पुलिसकर्मियों ने ऑटो को हाथ देखकर रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऑटो से नीचे उतार दिया। उन्होंने काफी मिन्नत की और अपने परेशानी भी बताई। इसके बाद भी पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीजा। तीन पुलिसकर्मी एक आरोपी को ऑटो में बैठाकर चलते बने। इसके बाद रमेश गर्मी में सड़क पर ही बैठे रहे। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों और चौकी इंचार्ज से भी कहा, लेकिन उनकी कोई मदद नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने अपने भांजे को फोन कर बुलाया। बाइक पर किसी तरह से बैठकर गरिमा गार्डन स्थित भाई के घर पर पहुंचे।
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मामले की थाने में की शिकायत, एसएचओ ने जताई अनभिज्ञता
पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार की जानकारी जब परिजनों को मिली। तो लोगों ने स्थानीय पार्षद शेषपाल राणा को भी मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद स्थानीय पार्षद ने मामले में टीलामोड़ थाने में इसकी शिकायत की। एसएचओ टीलामोड़ ओमप्रकाश आर्य से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया।
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चार बजे तक घुमाते रहे ऑटो, नहीं दिया किराया
ऑटो चालक ब्रह्मदेव ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने ऑटो में बैठते ही कागज ले लिए। इसके बाद आरोपी को लेकर पहले मेडिकल कराने के लिए ले गाजियाबाद गए। इसके बाद कोर्ट में पेश कर डासना स्थित जिला जेल लेकर गए। वहां से लौटने के बाद पुलिसकर्मियों को शाम करीब पौने चार बजे पुलिस चौकी पर छोड़कर कागज लिए। इसके बाद वह करावल नगर दिल्ली के लिए चले गए। इस दौरान ऑटो चालक को कोई रुपये नहीं दिए गए।
दोषी मिले तो होगी कार्रवाई
यदि पुलिसकर्मियों की ओर से इस तरह की हरकत की गई है तो वह इसकी निंदा करते हैं। मामले की जांच कर रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजी जाएगी। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी सेकेंड।