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2020 मार्च के बाद से अनाथ हुए सभी बच्चों को मिलेगी सहायता
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2020 मार्च के बाद से अनाथ हुए सभी बच्चों को मिलेगी सहायता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत अब कोरोना से अलग किसी भी कारण से बच्चे अनाथ हुए हैं, उन सभी को सहायता दी जाएगी। मार्च 2020 से जितने भी बच्चे अनाथ हुए हैं, उन सभी को शासन की तरफ से 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिले में इसके आदेश आ गए हैं और आवेदन मांगे जा रहे हैं। सोमवार से इसके लिए आवेदन किए जा सकते हैं।
किसी भी कारण से जो बच्चे अपने माता-पिता या माता-पिता में से किसी एक को खो चुके हैं, उनको इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए विकास भवन स्थित महिला एवं बाल कल्याण विभाग के कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। डीपीओ विकास चंद्र ने बताया कि इस योजना के तहत अधिकतम दो बच्चों के लिए प्रति बालक-बालिका 2500 रुपये की धनराशि दी जाएगी। 18 वर्ष से कम आयु के जिन बच्चों ने कोविड-19 से अलग किसी अन्य कारण से भी अपने माता-पिता या किसी एक अभिभावक को खो दिया है, उनको आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा जिन बच्चों की माता तलाकशुदा या परित्यक्ता हैं, परिवार के मुखिया जेल में हैं या जो बच्चे बाल श्रम, बाल भिक्षावृति, बाल वेश्यावृति से मुक्त कराए गए हैं, उन परिवारों के बच्चों को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। 18 साल से 23 साल के युवक-युवतियां, जिन्होंने 12वीं पास कर ली हो और स्नातक या डिग्री डिप्लोमा के लिए भी पढ़ाई कर रहे हैं उनको भी सहायता दी जाएगी।
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गाजियाबाद। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत अब कोरोना से अलग किसी भी कारण से बच्चे अनाथ हुए हैं, उन सभी को सहायता दी जाएगी। मार्च 2020 से जितने भी बच्चे अनाथ हुए हैं, उन सभी को शासन की तरफ से 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिले में इसके आदेश आ गए हैं और आवेदन मांगे जा रहे हैं। सोमवार से इसके लिए आवेदन किए जा सकते हैं।
किसी भी कारण से जो बच्चे अपने माता-पिता या माता-पिता में से किसी एक को खो चुके हैं, उनको इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए विकास भवन स्थित महिला एवं बाल कल्याण विभाग के कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। डीपीओ विकास चंद्र ने बताया कि इस योजना के तहत अधिकतम दो बच्चों के लिए प्रति बालक-बालिका 2500 रुपये की धनराशि दी जाएगी। 18 वर्ष से कम आयु के जिन बच्चों ने कोविड-19 से अलग किसी अन्य कारण से भी अपने माता-पिता या किसी एक अभिभावक को खो दिया है, उनको आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा जिन बच्चों की माता तलाकशुदा या परित्यक्ता हैं, परिवार के मुखिया जेल में हैं या जो बच्चे बाल श्रम, बाल भिक्षावृति, बाल वेश्यावृति से मुक्त कराए गए हैं, उन परिवारों के बच्चों को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। 18 साल से 23 साल के युवक-युवतियां, जिन्होंने 12वीं पास कर ली हो और स्नातक या डिग्री डिप्लोमा के लिए भी पढ़ाई कर रहे हैं उनको भी सहायता दी जाएगी।
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