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विरोध बेअसर : देना होगा 15 फीसदी बढ़ा हुआ हाउस टैक्स
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Nagar Nigam
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विरोध बेअसर : देना होगा 15 फीसदी बढ़ा हुआ हाउस टैक्स
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के बीच नगर निगम वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15 फीसदी बढ़ा हुआ हाउस टैक्स वसूलेगा। हाउस टैक्स बढ़ोतरी पर पार्षदों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और आरडब्ल्यूए का लगातार जारी विरोध काम नहीं आया है। निगम ने कोविड संक्रमण से परिवार के किसी सदस्य को खोने वाले घरों से वित्तीय वर्ष में हाउस टैक्स नहीं वसूलने का निर्णय लिया है। वहीं, अक्तूबर तक हाउस टैक्स जमा करने पर शहरवासियों को सर्वोधिक 20 फीसदी की छूट मिलेगी। दूसरी ओर भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने पूर्व में बगैर सदन की स्वीकृति के हाउस टैक्स बढ़ोतरी के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
कोरोना से हुई मौत तो नहीं देना पड़ेगा टैक्स
कोरोना की दूसरी लहर में अगर किसी परिवार में कोई सदस्य की मौत हुई है तो उस घर से वित्तीय वर्ष 2021-22 में हाउस टैक्स नहीं वसूला जाएगा। साथ ही महामारी के मद्देनजर ही अन्य शहरवासियों को थोड़ी राहत दी गई है। अगर शहरवासी 31 अक्तूबर 2021 तक संपत्ति कर जमा करते हैं तो उन्हें सर्वाधिक 20 फीसदी की छूट रहेगी। फिर नवंबर व दिसंबर में हाउस टैक्स जमा करने वालों को 15 फीसदी और आखिर में जनवरी व फरवरी में हाउस टैक्स जमा करने वालों को 10 फीसदी की छूट मिलेगी।
नगरआयुक्त बोले-नियमानुसार फैसला, अफवाहों से बचें
हाउस टैक्स वृद्धि पर नगरआयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि साल 2015 के बोर्ड के प्रस्ताव में प्रत्येक दो साल 10 फीसदी वृद्धि के सर्वसम्मति से हुए फैसले के आधार पर निर्णय लिया गया है। निगम की ओर वर्तमान में किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 में सदन के निर्णय के अनुसार प्रति वर्ष पांच फीसदी की वृद्धि तय थी। इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15 प्रतिशत संपत्ति कर वृद्धि सॉफ्टवेयर में दर्शाई जा रही है। उन्होंने हाउस टैक्स को लेकर नागरिकों और करदाताओं से किसी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की।
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सर्किल रेट से वसूली पर जल्द निर्णय, आईं 318 आपत्तियां
नगर निगम की ओर से भविष्य में क्षेत्रवास सर्किल रेट के अनुसार हाउस टैक्स वसूली को लेकर तैयारी की जा रही है। निगम ने इस निर्णय के तहत शहरवासियों से आपत्तियां मांगी थी। मामले में निगम को 318 आपत्तियां मिली हैं। आपत्तियों पर सुनवाई जारी है। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद फिर प्रस्ताव को सदन में रखने की तैयारी है। निगम का कहना है कि उनकी ओर से सभी क्षेत्रों में हाउस टैक्स की एक समान दरें लागू हैं। वहीं प्रदेश के विभिन्न नगर निगम की तुलना में भी हाउस टैक्स की दरें गाजियाबाद में सबसे कम हैं। ऐसे में पॉश और मलिन व गांव देहात की कालोनियों में दरों में भिन्नता लाने के उद्देश्य से कवायद की जा रही है।
ऐसे परिवार, जिनके यहां कोविड संक्रमण से परिवार के किसी सदस्य की अगर मौत हुई है तो जनहित में ऐसे परिवारों से इस वित्तीय वर्ष संपत्ति कर नहीं लिया जाएगा। बाकी शहरवासियों को अक्तूबर तक हाउस टैक्स जमा करने पर 20 फीसदी की छूट मिलेगी। आपत्तियों पर सुनवाई के बाद सर्किल रेट के अनुसार हाउस टैक्स वृद्धि पर बोर्ड में निर्णय लिया जाएगा।
- आशा शर्मा, महापौर
बीते दो सालों में हाउस टैक्स नहीं लिया गया था। सदन के पूर्व के निर्णय के अनुसार प्रतिवर्ष पांच फीसदी की वृद्धि के निर्णय के तहत वित्तीय वर्ष में 15 फीसदी हाउस टैक्स लिया जाना तय था। इस साल हाउस टैक्स में कोई वृद्धि नहीं की गई है। कोविड के कारण अपनों को खोने वाले परिवारों को इस साल हाउस टैक्स में छूट दी गई है। सर्किल रेट के अनुसार हाउस टैक्स वृद्धि पर आईं 318 आपत्तियों पर सुनवाई जारी है।
- महेंद्र सिंह तंवर, नगरआयुक्त
प्रतिवर्ष पांच फीसदी हाउस टैक्स में वृद्धि के किसी आदेश को सदन की मंजूरी नहीं मिली है। किस आदेश के तहत हाउस टैक्स में वृद्धि की गई है, इस बाबत जरूरी दस्तावेज निगम अधिकारियों से मांगे जाएंगे। कोरोना में पहले से परेशान जनता पर भार डाला गया है। आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
- हिमांशु मित्तल, भाजपा पार्षद
कोरोना संक्रमण से मृतक के परिवारों को हाउस टैक्स में छूट के फैसले का स्वागत तो है। लेकिन गृहकर में वृद्धि और छूट देना नीतिगत फैसला है। ऐसे में बगैर कार्यकारिणी और बोर्ड की मंजूरी के नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं। सदन से बड़ा कोई नहीं है। कोरोना में लोगों के रोजगार चले गए हैं। ऐेसे में हाउस टैक्स वृद्धि के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
- मनोज चौधरी, कांग्रेस पार्षद
किनको और कब तक मिलेगी छूट
कब तक छूट %
अक्तूबर 2021 20
नवंबर व दिसंबर 2021 15
जनवरी व फरवरी 2022 10
कोरोना से मौत पर 100
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के बीच नगर निगम वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15 फीसदी बढ़ा हुआ हाउस टैक्स वसूलेगा। हाउस टैक्स बढ़ोतरी पर पार्षदों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और आरडब्ल्यूए का लगातार जारी विरोध काम नहीं आया है। निगम ने कोविड संक्रमण से परिवार के किसी सदस्य को खोने वाले घरों से वित्तीय वर्ष में हाउस टैक्स नहीं वसूलने का निर्णय लिया है। वहीं, अक्तूबर तक हाउस टैक्स जमा करने पर शहरवासियों को सर्वोधिक 20 फीसदी की छूट मिलेगी। दूसरी ओर भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने पूर्व में बगैर सदन की स्वीकृति के हाउस टैक्स बढ़ोतरी के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
कोरोना से हुई मौत तो नहीं देना पड़ेगा टैक्स
कोरोना की दूसरी लहर में अगर किसी परिवार में कोई सदस्य की मौत हुई है तो उस घर से वित्तीय वर्ष 2021-22 में हाउस टैक्स नहीं वसूला जाएगा। साथ ही महामारी के मद्देनजर ही अन्य शहरवासियों को थोड़ी राहत दी गई है। अगर शहरवासी 31 अक्तूबर 2021 तक संपत्ति कर जमा करते हैं तो उन्हें सर्वाधिक 20 फीसदी की छूट रहेगी। फिर नवंबर व दिसंबर में हाउस टैक्स जमा करने वालों को 15 फीसदी और आखिर में जनवरी व फरवरी में हाउस टैक्स जमा करने वालों को 10 फीसदी की छूट मिलेगी।
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नगरआयुक्त बोले-नियमानुसार फैसला, अफवाहों से बचें
हाउस टैक्स वृद्धि पर नगरआयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि साल 2015 के बोर्ड के प्रस्ताव में प्रत्येक दो साल 10 फीसदी वृद्धि के सर्वसम्मति से हुए फैसले के आधार पर निर्णय लिया गया है। निगम की ओर वर्तमान में किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 में सदन के निर्णय के अनुसार प्रति वर्ष पांच फीसदी की वृद्धि तय थी। इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15 प्रतिशत संपत्ति कर वृद्धि सॉफ्टवेयर में दर्शाई जा रही है। उन्होंने हाउस टैक्स को लेकर नागरिकों और करदाताओं से किसी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की।
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सर्किल रेट से वसूली पर जल्द निर्णय, आईं 318 आपत्तियां
नगर निगम की ओर से भविष्य में क्षेत्रवास सर्किल रेट के अनुसार हाउस टैक्स वसूली को लेकर तैयारी की जा रही है। निगम ने इस निर्णय के तहत शहरवासियों से आपत्तियां मांगी थी। मामले में निगम को 318 आपत्तियां मिली हैं। आपत्तियों पर सुनवाई जारी है। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद फिर प्रस्ताव को सदन में रखने की तैयारी है। निगम का कहना है कि उनकी ओर से सभी क्षेत्रों में हाउस टैक्स की एक समान दरें लागू हैं। वहीं प्रदेश के विभिन्न नगर निगम की तुलना में भी हाउस टैक्स की दरें गाजियाबाद में सबसे कम हैं। ऐसे में पॉश और मलिन व गांव देहात की कालोनियों में दरों में भिन्नता लाने के उद्देश्य से कवायद की जा रही है।
ऐसे परिवार, जिनके यहां कोविड संक्रमण से परिवार के किसी सदस्य की अगर मौत हुई है तो जनहित में ऐसे परिवारों से इस वित्तीय वर्ष संपत्ति कर नहीं लिया जाएगा। बाकी शहरवासियों को अक्तूबर तक हाउस टैक्स जमा करने पर 20 फीसदी की छूट मिलेगी। आपत्तियों पर सुनवाई के बाद सर्किल रेट के अनुसार हाउस टैक्स वृद्धि पर बोर्ड में निर्णय लिया जाएगा।
- आशा शर्मा, महापौर
बीते दो सालों में हाउस टैक्स नहीं लिया गया था। सदन के पूर्व के निर्णय के अनुसार प्रतिवर्ष पांच फीसदी की वृद्धि के निर्णय के तहत वित्तीय वर्ष में 15 फीसदी हाउस टैक्स लिया जाना तय था। इस साल हाउस टैक्स में कोई वृद्धि नहीं की गई है। कोविड के कारण अपनों को खोने वाले परिवारों को इस साल हाउस टैक्स में छूट दी गई है। सर्किल रेट के अनुसार हाउस टैक्स वृद्धि पर आईं 318 आपत्तियों पर सुनवाई जारी है।
- महेंद्र सिंह तंवर, नगरआयुक्त
प्रतिवर्ष पांच फीसदी हाउस टैक्स में वृद्धि के किसी आदेश को सदन की मंजूरी नहीं मिली है। किस आदेश के तहत हाउस टैक्स में वृद्धि की गई है, इस बाबत जरूरी दस्तावेज निगम अधिकारियों से मांगे जाएंगे। कोरोना में पहले से परेशान जनता पर भार डाला गया है। आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
- हिमांशु मित्तल, भाजपा पार्षद
कोरोना संक्रमण से मृतक के परिवारों को हाउस टैक्स में छूट के फैसले का स्वागत तो है। लेकिन गृहकर में वृद्धि और छूट देना नीतिगत फैसला है। ऐसे में बगैर कार्यकारिणी और बोर्ड की मंजूरी के नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं। सदन से बड़ा कोई नहीं है। कोरोना में लोगों के रोजगार चले गए हैं। ऐेसे में हाउस टैक्स वृद्धि के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
- मनोज चौधरी, कांग्रेस पार्षद
किनको और कब तक मिलेगी छूट
कब तक छूट %
अक्तूबर 2021 20
नवंबर व दिसंबर 2021 15
जनवरी व फरवरी 2022 10
कोरोना से मौत पर 100