{"_id":"5df93a188ebc3e87c80fa499","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd190470357","type":"story","status":"publish","title_hn":"रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम ने मांगे १२० करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम ने मांगे १२० करोड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रैपिड रेल प्रोजेक्ट को जमीन देने के एवज में 121 करोड़ रुपये वसूलेगा निगम
गाजियाबाद। सराय काले खां से मेरठ तक बनने वाले रैपिड रेल कॉरिडोर को जमीन देने के एवज में नगर निगम ने एनसीआरटीसी से 121.11 करोड़ की रकम मांगी है। नगरायुक्त की ओर से आरआरटीएस के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र भेजकर रकम का भुगतान जल्द कराने को कहा गया है। इस रकम में करीब 120.81 करोड़ स्थायी जमीन के एवज में और 30 लाख रुपये सालाना की रकम अस्थायी जमीन देने के एवज में मांगी गई है।
गाजियाबाद नगर निगम के सीमा क्षेत्र में कौशांबी से लेकर दुहाई तक आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) का कॉरिडोर बनना है। इसके लिए एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) ने पूर्व में 15469 वर्ग मीटर जमीन स्थायी तौर पर मांगी थी। इसके बाद प्रोजेक्ट के लिए 4 हजार वर्ग मीटर अतिरिक्त जमीन महामाया स्टेडियम के पास ईको पार्क में मांगी गई। नगर निगम ने बोर्ड में प्रस्ताव लाकर इस जमीन को देने पर भी सहमति दे दी है। नगर निगम के संपत्ति विभाग ने 15469 वर्ग मीटर जमीन के लिए 100.41 करोड़ और चार हजार वर्ग मीटर जमीन के लिए 20.40 करोड़ रुपये यानी 120.81 करोड़ रुपये की डिमांड की है।
------
82104 वर्ग मीटर जमीन किराए पर देगा निगम
रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए एनसीआरटीसी को 82104 वर्ग मीटर जमीन की अस्थायी तौर पर जरूरत है। निर्माण कार्य के दौरान इस जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन रैपिड रेल कॉरिडोर बन जाने के बाद एनसीआरटीसी इस जमीन को छोड़ देगा। ऐसे में नगर निगम ने इस जमीन को एनसीआटीसी को किराए पर देने का निर्णय लिया है। निगम के संपत्ति विभाग ने 31 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से इस जमीन का किराया तय किया है। इसके अलावा 18 फीसदी जीएसटी भी एनसीआरटीसी को देना होगा। 82104 वर्ग मीटर जमीन का नगर निगम ने 30.03 लाख रुपये प्रतिमाह किराया तय किया है। यह किराया एनसीआरटीसी को हर साल तब तक देना होगा, जब तक वह जमीन का इस्तेमाल करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। सराय काले खां से मेरठ तक बनने वाले रैपिड रेल कॉरिडोर को जमीन देने के एवज में नगर निगम ने एनसीआरटीसी से 121.11 करोड़ की रकम मांगी है। नगरायुक्त की ओर से आरआरटीएस के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र भेजकर रकम का भुगतान जल्द कराने को कहा गया है। इस रकम में करीब 120.81 करोड़ स्थायी जमीन के एवज में और 30 लाख रुपये सालाना की रकम अस्थायी जमीन देने के एवज में मांगी गई है।
गाजियाबाद नगर निगम के सीमा क्षेत्र में कौशांबी से लेकर दुहाई तक आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) का कॉरिडोर बनना है। इसके लिए एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) ने पूर्व में 15469 वर्ग मीटर जमीन स्थायी तौर पर मांगी थी। इसके बाद प्रोजेक्ट के लिए 4 हजार वर्ग मीटर अतिरिक्त जमीन महामाया स्टेडियम के पास ईको पार्क में मांगी गई। नगर निगम ने बोर्ड में प्रस्ताव लाकर इस जमीन को देने पर भी सहमति दे दी है। नगर निगम के संपत्ति विभाग ने 15469 वर्ग मीटर जमीन के लिए 100.41 करोड़ और चार हजार वर्ग मीटर जमीन के लिए 20.40 करोड़ रुपये यानी 120.81 करोड़ रुपये की डिमांड की है।
विज्ञापन
------
82104 वर्ग मीटर जमीन किराए पर देगा निगम
रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए एनसीआरटीसी को 82104 वर्ग मीटर जमीन की अस्थायी तौर पर जरूरत है। निर्माण कार्य के दौरान इस जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन रैपिड रेल कॉरिडोर बन जाने के बाद एनसीआरटीसी इस जमीन को छोड़ देगा। ऐसे में नगर निगम ने इस जमीन को एनसीआटीसी को किराए पर देने का निर्णय लिया है। निगम के संपत्ति विभाग ने 31 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से इस जमीन का किराया तय किया है। इसके अलावा 18 फीसदी जीएसटी भी एनसीआरटीसी को देना होगा। 82104 वर्ग मीटर जमीन का नगर निगम ने 30.03 लाख रुपये प्रतिमाह किराया तय किया है। यह किराया एनसीआरटीसी को हर साल तब तक देना होगा, जब तक वह जमीन का इस्तेमाल करेगा।
विज्ञापन