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शहीद भगत सिंह के गांव से यूपी गेट पहुंचे किसान
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शहीद भगत सिंह के गांव से यूपी गेट पहुंचे किसान।
- फोटो : GHAZIABAD City
शहीद भगत सिंह के गांव से यूपी गेट पहुंचे किसान
साहिबाबाद। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मिलने के लिए रविवार को शहीद भगत सिंह के गांव से पांच सिख किसान माटी और सिरोपा लेकर यूपी गेट पहुंचे। वह राकेश टिकैत को माटी सौंपकर सिरोपा पहनाना चाहते थे। मगर राकेश टिकैत के न मिलने पर वह सभी आंदोलन स्थल पर ही डटे रहे। वहीं, किसानों के समर्थन में बागपत के गुफा वाले मंदिर से जगपाल महाराज ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 11 दिन की धुनी तपस्या शुरू कर दी है। दिनभर आंदोलन स्थल से तमाम वक्ताओं ने किसानों को संबोधित कर समर्थन दिया। उधर, मुरादाबाद के अमरोहा से 200 से अधिक किसान यूपी गेट पहुंचे।
यूपी गेट पर किसान आंदोलन में मंच का संचालन कर रहे चौ.ओमपाल मलिक ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 11 किसान अनशन पर बैठे रहे। सुबह आठ बजे से इनका अगले 24 घंटे के लिए अनशन शुरू हो गया। जिनमें अलीगढ़ के राजनलाल और रविंद्र व रामपाल सिंह, उत्तराखंड से प्रेम कुमार, गौतमबुध नगर से गौरव त्यागी, गाजियाबाद के प्रमोद त्यागी, बागपत के सतेंद्र, असम से संजय, बरेली के गुरनाम सिंह संधु, आरा बिहार से कृष्णनंदन चौधरी, बुलंदशहर के पवन कुमार व फिरोजाबाद से सुरेशचंद शामिल रहे। पंजाब के जसवंत सिंह ने बताया कि वह शहीद भगत सिंह के गांव से माटी और सिरोपा लेकर आए हैं। जिसे वह राकेश टिकैत को सौंपना चाहते हैं। लेकिन रविवार को यूपी गेट पर राकेश टिकैत नहीं थे, लिहाजा वह आंदोलन स्थल पर रुक गए और राकेश टिकैत का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब डेढ़ बजे अमरोहा के 200 से अधिक किसान यूपी गेट पर आंदोलन स्थल में शामिल होने पहुंचे। मंच संचालक चौ. ओमपाल मलिक के मुताबिक अमरोहा के किसानों के साथ भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। यह सभी किसान अगले 24 घंटे तक यूपी गेट पर रहेंगे। वहीं, किसानों के लिए यूपी गेट पर गर्मी से बचाव के लिए पुराली के साथ तंबू बनाने का काम तेजी से चल रहा है। उधर, किसानों के समर्थन में बागपत के जगपाल महाराज 11 दिन की धुनी तपस्या पर बैठ गए हैं। दिल्ली -मेरठ एक्सप्रेसवे पर खोड़ा के सामने उन्होंने अपना स्थान लगा लिया है। बागपत निवासी सन्नी ने बताया कि जगपाल महाराज बागपत के गुफा वाले मंदिर में रहते हैं। वह किसान आंदोलन में पिछले कई दिनों से आए हुए हैं। रविवार से उन्होंने 11 दिन की धुनी तपस्या शुरू कर दी। इसके अलावा किसानों ने मक्खी-मच्छर से बचने के लिए दवाई का छिड़काव भी शुरू कर दिया है।
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साहिबाबाद। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मिलने के लिए रविवार को शहीद भगत सिंह के गांव से पांच सिख किसान माटी और सिरोपा लेकर यूपी गेट पहुंचे। वह राकेश टिकैत को माटी सौंपकर सिरोपा पहनाना चाहते थे। मगर राकेश टिकैत के न मिलने पर वह सभी आंदोलन स्थल पर ही डटे रहे। वहीं, किसानों के समर्थन में बागपत के गुफा वाले मंदिर से जगपाल महाराज ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 11 दिन की धुनी तपस्या शुरू कर दी है। दिनभर आंदोलन स्थल से तमाम वक्ताओं ने किसानों को संबोधित कर समर्थन दिया। उधर, मुरादाबाद के अमरोहा से 200 से अधिक किसान यूपी गेट पहुंचे।
यूपी गेट पर किसान आंदोलन में मंच का संचालन कर रहे चौ.ओमपाल मलिक ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 11 किसान अनशन पर बैठे रहे। सुबह आठ बजे से इनका अगले 24 घंटे के लिए अनशन शुरू हो गया। जिनमें अलीगढ़ के राजनलाल और रविंद्र व रामपाल सिंह, उत्तराखंड से प्रेम कुमार, गौतमबुध नगर से गौरव त्यागी, गाजियाबाद के प्रमोद त्यागी, बागपत के सतेंद्र, असम से संजय, बरेली के गुरनाम सिंह संधु, आरा बिहार से कृष्णनंदन चौधरी, बुलंदशहर के पवन कुमार व फिरोजाबाद से सुरेशचंद शामिल रहे। पंजाब के जसवंत सिंह ने बताया कि वह शहीद भगत सिंह के गांव से माटी और सिरोपा लेकर आए हैं। जिसे वह राकेश टिकैत को सौंपना चाहते हैं। लेकिन रविवार को यूपी गेट पर राकेश टिकैत नहीं थे, लिहाजा वह आंदोलन स्थल पर रुक गए और राकेश टिकैत का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब डेढ़ बजे अमरोहा के 200 से अधिक किसान यूपी गेट पर आंदोलन स्थल में शामिल होने पहुंचे। मंच संचालक चौ. ओमपाल मलिक के मुताबिक अमरोहा के किसानों के साथ भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। यह सभी किसान अगले 24 घंटे तक यूपी गेट पर रहेंगे। वहीं, किसानों के लिए यूपी गेट पर गर्मी से बचाव के लिए पुराली के साथ तंबू बनाने का काम तेजी से चल रहा है। उधर, किसानों के समर्थन में बागपत के जगपाल महाराज 11 दिन की धुनी तपस्या पर बैठ गए हैं। दिल्ली -मेरठ एक्सप्रेसवे पर खोड़ा के सामने उन्होंने अपना स्थान लगा लिया है। बागपत निवासी सन्नी ने बताया कि जगपाल महाराज बागपत के गुफा वाले मंदिर में रहते हैं। वह किसान आंदोलन में पिछले कई दिनों से आए हुए हैं। रविवार से उन्होंने 11 दिन की धुनी तपस्या शुरू कर दी। इसके अलावा किसानों ने मक्खी-मच्छर से बचने के लिए दवाई का छिड़काव भी शुरू कर दिया है।
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