{"_id":"6011c77c8ebc3ef91915f763","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-city-news-gbd2127101159","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोर्स की निगरानी में रहा जिला, हर मार्ग पर खोली किसानों की एंट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोर्स की निगरानी में रहा जिला, हर मार्ग पर खोली किसानों की एंट्री
विज्ञापन
निरीक्षण करते डीएम और एसएसपी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोर्स की निगरानी में रहा जिला, हर मार्ग पर खोली किसानों की एंट्री
गाजियाबाद। किसानों की ट्रैक्टर रैली को लेकर मंगलवार को पूरे दिन पुलिस-प्रशासनिक अफसरों में अफरातफरी रही। दिल्ली में किसानों के बवाल व पुलिस के लाठीचार्ज की खबर मिलते ही गाजियाबाद के अफसर हरकत में आ गए। जैसे-जैसे दिल्ली का नजारा बदला, वैसे-वैसे गाजियाबाद में भी अफसरों की रणनीति बदलती रही। टकराव रोकने के लिए हर मार्ग पर किसानों की एंट्री खोल दी गई।
किसानों की ट्रैक्टर रैली के लिए एक रूट निर्धारित किया गया था। इसी के हिसाब से गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर फोर्स तैनात कर दी गई थी। लेकिन किसान रूट नियम का उल्लंघन कर सकते हैं, इसे देखते हुए निर्धारित रूट के अलावा शहर के सभी रूटों पर पुलिस तैनात कर दी गई। मंगलवार को किसानों के जत्थे आने शुरू हुए तो पुलिस की यह रणनीति काम आई। हर रूट पर तैनात पुलिस व्यवस्था बनाने में जुटी रही। यूपी गेट पर किसानों का सैलाब उमड़ा तो अधिकारी उनके रूख और मिजाज को भांपते रहे। खुफिया विभाग व इंटेलीजेंस के अधिकारी भी किसानों की हर हरकत पर नजर रखते रहे।
टकराव रोकने को हर मार्ग पर खोल दी एंट्री
दिल्ली में किसान व पुलिस के बीच झड़प की सूचना मिलते ही गाजियाबाद के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। किसान निर्धारित रूट से अलग चले तो टकराव की स्थिति रोकने के लिए हर मार्ग पर उनकी एंट्री खोल दी गई। वायरलेस सेट से ड्यूटी प्वाइंट्स पर तैनात प्रभारियों को इसके लिए सूचित कर दिया गया। किसानों ने जिस रास्ते से जाना चाहा, उन्हें नहीं रोका गया। इसका नतीजा रहा कि किसान और पुलिस के बीच किसी तरह का गतिरोध जिले में देखने को नहीं मिला।
विज्ञापन
लखनऊ से ली जाती रही पल-पल की अपडेट
किसानों के हुजूम और उनकी रणनीति को लेकर लखनऊ से पल-पल की अपडेट ली जाती रही। मुख्य सचिव और डीजीपी जिले के अधिकारियों के संपर्क में रहे। किसानों का सैलाब दिल्ली की सीमा में जाने पर अफसरों ने राहत की सांस ली। साथ ही वापसी के दौरान अधिकांश किसानों के अपने घरों को रवाना होने पर अफसरों की टेंशन और भी कम हो गई।
विज्ञापन
गाजियाबाद। किसानों की ट्रैक्टर रैली को लेकर मंगलवार को पूरे दिन पुलिस-प्रशासनिक अफसरों में अफरातफरी रही। दिल्ली में किसानों के बवाल व पुलिस के लाठीचार्ज की खबर मिलते ही गाजियाबाद के अफसर हरकत में आ गए। जैसे-जैसे दिल्ली का नजारा बदला, वैसे-वैसे गाजियाबाद में भी अफसरों की रणनीति बदलती रही। टकराव रोकने के लिए हर मार्ग पर किसानों की एंट्री खोल दी गई।
किसानों की ट्रैक्टर रैली के लिए एक रूट निर्धारित किया गया था। इसी के हिसाब से गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर फोर्स तैनात कर दी गई थी। लेकिन किसान रूट नियम का उल्लंघन कर सकते हैं, इसे देखते हुए निर्धारित रूट के अलावा शहर के सभी रूटों पर पुलिस तैनात कर दी गई। मंगलवार को किसानों के जत्थे आने शुरू हुए तो पुलिस की यह रणनीति काम आई। हर रूट पर तैनात पुलिस व्यवस्था बनाने में जुटी रही। यूपी गेट पर किसानों का सैलाब उमड़ा तो अधिकारी उनके रूख और मिजाज को भांपते रहे। खुफिया विभाग व इंटेलीजेंस के अधिकारी भी किसानों की हर हरकत पर नजर रखते रहे।
विज्ञापन
टकराव रोकने को हर मार्ग पर खोल दी एंट्री
दिल्ली में किसान व पुलिस के बीच झड़प की सूचना मिलते ही गाजियाबाद के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। किसान निर्धारित रूट से अलग चले तो टकराव की स्थिति रोकने के लिए हर मार्ग पर उनकी एंट्री खोल दी गई। वायरलेस सेट से ड्यूटी प्वाइंट्स पर तैनात प्रभारियों को इसके लिए सूचित कर दिया गया। किसानों ने जिस रास्ते से जाना चाहा, उन्हें नहीं रोका गया। इसका नतीजा रहा कि किसान और पुलिस के बीच किसी तरह का गतिरोध जिले में देखने को नहीं मिला।
विज्ञापन
लखनऊ से ली जाती रही पल-पल की अपडेट
किसानों के हुजूम और उनकी रणनीति को लेकर लखनऊ से पल-पल की अपडेट ली जाती रही। मुख्य सचिव और डीजीपी जिले के अधिकारियों के संपर्क में रहे। किसानों का सैलाब दिल्ली की सीमा में जाने पर अफसरों ने राहत की सांस ली। साथ ही वापसी के दौरान अधिकांश किसानों के अपने घरों को रवाना होने पर अफसरों की टेंशन और भी कम हो गई।